असली शिक्षा वही है जो हमारा कल्याण करे – मुख्यमंत्री

इंदौर | मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा है कि असली शिक्षा वही है जो हमारा कल्याण करे। (सा विद्या या विमुक्तये) प्रदेश में तकनीकी शिक्षा का जाल बिछाया जायेगा। हमने पानी, बिजली, सड़क के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति कर ली है। अब शिक्षा, स्वास्थ्य और उद्योग के क्षेत्र में विशेष ध्यान देने की जरूरत है, जिससे भारत के तकनीकी रूप से सक्षम युवा वर्ग पूरे विश्व में अपनी कला का प्रदर्शन करें।

मुख्यमंत्री श्री चौहान आज 300 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले नरसी मोंजी इंस्टीट्युट ऑफ मैनेजमेंट एण्ड साइंस युनिवर्सिटी (एनएमआईएमएसयू) का भूमिपूजन करते समय यह बात कही। इस अवसर पर उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश को बीमारू राज्य से उभारकर अब देश के प्रथम पंक्ति के राज्यों की श्रेणी में लाकर खड़ा कर दिया है। हमने प्रदेश को पिछड़े राज्य से मुक्ति दिला दी है। हमें पिछले तीन साल से भारत सरकार से कृषि के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिये राष्ट्रीय कृषि कर्मण पुरस्कार मिल रहा है। इस वर्ष भी यह पुरस्कार हमें मिला है, जो कि हमारी सरकार और हमारे प्रदेश की जनता के लिये गर्व की बात है। श्री चौहान ने इस अवसर पर यह भी कहा कि प्रदेश में व्यवसायिक शिक्षा में प्रतियोगिता लाने की जरुरत है। इस दिशा में मध्यप्रदेश शासन कृतसंकल्पित है। प्रदेश में एनएमआईएमएस जैसे अनेक राष्ट्रीय स्तर के शैक्षणिक संस्थान अपने संस्थान की शिक्षा शाखायें खोलने के लिये इच्छुक हैं। उसी श्रृंखला में एक कड़ी के रुप में आज यह संस्थान खोला गया है।

जनसंख्या हमारी शक्ति है
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि भारत में बड़ी तेजी से जनसंख्या बढ़ रही है, जनसंख्या ही हमारी शक्ति है। भारत के लोग दुनिया के हर देश में मिलेंगे। अमेरिका सहित विश्व के सभी प्रमुख देशों के विकास में भारतीयों का अमूल्य योगदान है। अमेरिका में विशेषकर न्यूयार्क में चिकित्सा के क्षेत्र में भारतीयों ने उल्लेखनीय काम किया है। भारतीय बड़े मेहनती और ईमानदार होते हैं, ऐसे लोगों की पूछपरख हर जगह होती है। आज के तकनीकी युग में तकनीकी क्षमता से युक्त युवकों की मांग पूरी दुनिया में है।

इस अवसर पर नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि एनएमआईएमएस विश्वविद्यालय एक समाजसेवी संस्था है। शिक्षा के क्षेत्र में इस विश्वविद्यालय ने अनेक उल्लेखनीय कार्य किये हैं। इस विश्वविद्यालय मेंे 22 कॉलेजों में 40 हजार विद्यार्थी अध्ययन कर रहे हैं। इस संस्था का उद्देश्य लाभ कमाना नहीं है,बल्कि गुणवत्तायुक्त शिक्षा प्रदान करना है। एनएमआईएमएस के अध्यक्ष श्री अमरीश पटेल उज्जैन (मध्यप्रदेश) में जन्मे हैं और उन्होंने अपनी कर्मभूमि महाराष्ट्र को बनाया। महाराष्ट्र के शिरपुर में उन्होंने 5 लाख से अधिक नीम के पौधे लगाये, जिससे वहां का तापमान 2 डिग्री कम हो गया। उन्होंने विधायक के रूप में शिरपुर में पानी, बिजली, सड़क के अलावा रोजगार, शिक्षा, स्वरोजगार और तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय योगदान दिया है। हम सब उनके प्रशंसक हैं। मैं स्वयं महापौर के रूप में शिरपुर गया था और उनके काम को देखकर बहुत ही प्रभावित हुआ, तब से मैंने उनसे सतत् सम्पर्क बनाये रखा। उसी का प्रतिफल आज यह एनएमआईएमएस विश्वविद्यालय के रूप में फलीभूत हो रहा है। हम इस उपलब्धि से अभिभूत हैं।

संस्था का उद्देश्य लाभ कमाना नहीं
इस अवसर पर एनएमआईएमएस के कुलाधिपति और एनएमआईएमएस के अध्यक्ष श्री अमरीश पटेल ने उपस्थित जनसमुदाय को सम्बोधित करते हुये कहा कि एनएमआईएमएस विश्वविद्यालय एसव्हीकेएम शिक्षा समूह का एक अंग है। 1934 में मुम्बई में गुजराती लड़कियों के अंग्रेजी माध्यम का एक स्कूल के रूप में रोपा गया पौधा आज इंदौर में एनएमआईएमएस विश्वविद्यालय के रूप में वटवृक्ष का रूप ले चुका है। हमारा उद्देश्य व्यावसाय करना या लाभ कमाना नहीं है। ये शैक्षणिक संस्थायें मुख्य रुप से अनुदान के आधार पर चलती हैं। हमारा उद्देश्य शैक्षणिक समाज सेवा के जरिये तकनीकी रुप से कुशल युवक तैयार करना है। हमारे पास 21वीं सदी के स्तर की तकनीकी शिक्षा प्रबंधन और शोध का दृष्टिकोण है।

हमारा उद्देश्य विश्व को गुणवत्तायुक्त शिक्षा प्रदान करने का उद्देश्य तथा मानव संसाधन को तकनीकी रुप से सक्षम बनाना है। हमारा विश्वास है कि हम युवकों को स्तरीय शिक्षा देकर उन्हें अपने पैरों पर खड़ा करने लायक बना सकेंगे। 25 एकड़ में फैले इस शैक्षणिक परिसर को विकसित करने में मात्र 2 वर्ष लगेंगे, इस पर 300 करोड़ रुपये लागत आयेगी। इस संस्थान में 200 अधिकारी और कर्मचारी काम करेंगे तथा 5 हजार विद्यार्थियों को एक साथ प्रबंधन, अभियांत्रिकी, शोध, विज्ञान, वाणिज्य और स्थापत्य कला की अत्याधुनिक शिक्षा दी जायेगी। इस विश्वविद्यालय में अंशकालिक और अवकाशकालीन पाठ्यक्रम भी चलाये जायेंगे। इस विश्वविद्यालय में बी-फार्म, एम-फार्म, बीबीए,एमबीए, डॉक्टरेट, बीएससी, एमएससी, बी.कॉम और एम.कॉम जैसे कोर्स चलाये जायेंगे। पूरे कैम्पस का विकास होने में 5 वर्ष का समय लगेगा।

विश्व स्तर की शैक्षणिक सुविधा
इस अवसर पर एनएमआईएमएस विश्वविद्यालय के उप कुलपति डॉ. राजन सक्सेना ने कहा कि हमारी संस्था का उद्देश्य गुणवत्तायुक्त शिक्षा प्रदान करना है। हम विद्यार्थी और अभिभावकों की कसौटी पर खरे उतरेंगे। 80 वर्ष पुरानी इस शैक्षणिक संस्था “श्री विले पारले कल्याण मण्डल’’ ग्रुप आज वटवृक्ष बन गयी है। मुम्बई, अहमदाबाद, बैंगलोर, सिरपुर (महाराष्ट्र) के बाद आज इंदौर में इसके पाँचवें कैम्पस का विस्तार किया जा रहा है। हम इस कैम्पस में तकनीकी और व्यवसायिक शिक्षा के अलावा पैरामेडिकल कोर्स भी चलायेंगे। हमारा उद्देश्य इस संस्था में विश्व स्तर की शैक्षणिक सुविधा प्रदान करना है।

इस अवसर पर महापौर श्रीमती मालिनी गौड, विधायक श्री मनोज पटेल और श्री सुदर्शन गुप्ता, विश्वविद्यालय की कुल सचिव डॉ. मीना चिंतामणि, श्री रमेश अग्रवाल, श्री प्रवीण गांधी आदि मौजूद थे। कार्यक्रम का संचालन श्री बी.एन.बोस ने किया। आभार प्रदर्शन श्री जयंत गांधी ने किया।

इंदौर | मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा है कि असली शिक्षा वही है जो हमारा कल्याण करे। (सा विद्या या विमुक्तये) प्रदेश में तकनीकी शिक्षा का जाल बिछाया जायेगा। हमने पानी, बिजली, सड़क के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति कर ली है। अब शिक्षा, स्वास्थ्य और उद्योग के क्षेत्र में विशेष ध्यान देने की जरूरत है, जिससे भारत के तकनीकी रूप से सक्षम युवा वर्ग पूरे विश्व में अपनी कला का प्रदर्शन करें। मुख्यमंत्री श्री चौहान आज 300 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले नरसी मोंजी इंस्टीट्युट ऑफ मैनेजमेंट एण्ड साइंस युनिवर्सिटी (एनएमआईएमएसयू) का भूमिपूजन करते समय यह बात…

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