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इन्द्रियों को जीत लेने वाला ही जैन है – मुख्यमंत्री

इंदौर | स्थानीय दशहरा मैदान में आज जैन समाज के राष्ट्रीय सम्मेलन को सम्बोधित करते हुये केन्द्रीय गृह मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने कहा कि जैन धर्म भारतीय संस्कृति का अनमोल रत्न है। जैन धर्म श्अहिंसा परमो धर्मःष्ष् में विश्वास करता है। जैन धर्म का प्रमुख मार्ग अहिंसा है। अहिंसा के मार्ग पर चलकर ही विश्व में शांति कायम हो सकती है और आतंकवाद समाप्त हो सकता है।

श्री सिंह ने यह भी कहा कि आज सम्पूर्ण विश्व आतंकवाद की चपेट में है और आतंकवाद का मूल है अहिंसावाद। आतंकवाद का सफाया अहिंसा के दर्शन से ही संभव है। जैन मुनि भौतिक जीवन छोड़कर अहिंसा के मार्ग पर चलते हैं और जैन तीर्थंकरों के बताये गये आदर्शों का पालन करते हैं, जो कि एक अनुकरणीय कदम है। उन्होंने कहा कि प्राचीन भारत में सम्राट चन्द्रगुप्त मौर्य का राज्याभिषेक जैन धर्म के अनुसार से हुआ था। भारतीय संस्कृति पर जैन धर्म का बहुत अधिक प्रभाव है। जैन धर्म में यह माना गया है कि पूरा ब्रम्हाण्ड एक मूलकण से बना है। सन् 2012 में यूरोपीय वैज्ञानिकों ने भी इस बात की पुष्टि की और इस मूलकण का नाम गाॅड पार्टिकल रखा। भारतीय संस्कृति में चर-अचर, पशु-पक्षी, जीव-जन्तु, पेड़-पौधे और यहां तक की पत्थर में भी ईश्वर का अंश माना गया है। भारतीय संस्कृति ने ही सम्पूर्ण विश्व को वसुधैव कुटुम्बकम् की अवधारणा दी और पहली बार सम्पूर्ण विश्व को एक परिवार माना।

श्री सिंह ने इस अवसर पर यह भी कहा कि मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात पर गौ वध पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है, शेष भारत में भी प्रतिबंध लगाये जाने की जरूरत है।

इस अवसर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चैहान ने कहा कि जैन धर्म इन्द्रिय निग्रह पर जोर देता है। वही जैन है, जिसने इन्द्रियों का जीत लिया है। वही जैन है, जिसने अपनी वाणी, अपने मन और अपनी आत्मा पर नियंत्रण प्राप्त कर लिया है। जैन धर्म आत्मा के सत्, चित् और आनंद में विश्वास करता है। कर्मों के परिणामस्वरूप ही कोई भी व्यक्ति सुखी या दुखी होता है। जैन धर्म मानता है कि मात्र सतकर्म से ही मनुष्य श्रेष्ठ बनता है।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुये श्री चैहान ने यह भी कहा कि राज्य शासन द्वारा कन्या भ्रूणहत्या रोकने तथा स्त्री-पुरूष लिंगानुपात सुधारने के लिये विशेष प्रयास किये जा रहे हैं। प्रदेश में महिलाओं/छात्राओं के लिये अनेक कल्याणकारी योजनाएं चलायी जा रही है। प्रदेश में जनता द्वारा लाडली लक्ष्मी योजना और मुख्यमंत्री कन्यादान योजना की भूरि-भूरि प्रशंसा की गयी है और योजना को जनता ने खुलेमन से आत्मसात किया है।

श्री चैहान ने इस अवसर पर यह भी कहा कि प्रदेश में गौ-हत्या पर पूर्णतः रोक लगा दी गयी है तथा इसे कानूनन अपराध घोषित किया गया है। गौवंश के मांस के परिवहन, भण्डारण और क्रय-विक्रय पर रोक लगा दी गयी है। गौवंश के मांस को ढोने वाले ट्रक को राजसात कर लिया जाता है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में राज्य सरकार ने कृषि उत्पादन को बढ़ावा देने के लिये विशेष प्रयास किये हैं। कृषि उत्पादन प्रदेश में 21 प्रतिशत प्रतिवर्ष बढ़ रहा है, जोकि एक कीर्तिमान है।

इस अवसर पर कार्यक्रम में साधु-संतों के अलावा, नगरीय प्रशासन मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय, संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री सुरेन्द्र पटवा, महापौर श्रीमती मालिनी गौड़,श्री नन्दकुमार चैहान, श्री सत्यनारायण जटिया, सुश्री उषा ठाकुर, श्री सुदर्शन गुप्ता, श्री महेन्द्र हार्डिया, श्री दीपक जैन, श्री माखनसिंह चैहान, श्री मनोज पटेल, श्री दिलीप गांधी, श्री श्रीपाद नाईक, श्री नेमीनाथ जैन, श्री डेविड जैन, संत मुनिराज, संत भगवंत, श्री कैलाश शर्मा आदि मौजूद थे। कार्यक्रम का आयोजन श्री वर्धमान श्वेताम्बर स्थानक वासी जैन श्रवण संघीय वृहद साधु-साध्वी सम्मेलन समिति द्वारा किया गया था। कार्यक्रम का संयोजन श्री नेमिनाथ जैन ने किया। सम्मेलन में हजारों की संख्या में जैन समुदाय के लोग मौजूद थे,जो कि देश के कोने-कोने से आये थे। सम्मेलन में 500 से अधिक साधु-साध्वियों ने भी भाग लिया।

इंदौर | स्थानीय दशहरा मैदान में आज जैन समाज के राष्ट्रीय सम्मेलन को सम्बोधित करते हुये केन्द्रीय गृह मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने कहा कि जैन धर्म भारतीय संस्कृति का अनमोल रत्न है। जैन धर्म श्अहिंसा परमो धर्मःष्ष् में विश्वास करता है। जैन धर्म का प्रमुख मार्ग अहिंसा है। अहिंसा के मार्ग पर चलकर ही विश्व में शांति कायम हो सकती है और आतंकवाद समाप्त हो सकता है। श्री सिंह ने यह भी कहा कि आज सम्पूर्ण विश्व आतंकवाद की चपेट में है और आतंकवाद का मूल है अहिंसावाद। आतंकवाद का सफाया अहिंसा के दर्शन से ही संभव है। जैन…

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