ई-गवर्नेंस को अधिकाधिक बढ़ावा दिया जायेगा

इंदौर | कलेक्टर श्री आकाश त्रिपाठी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में ई-गवर्नेंस के प्रभावी क्रियान्वयन के लिये जिला ई-गवर्नेंस सोसायटी बोर्ड निर्देशक की त्रैमासिक बैठक सम्पन्न हुयी। बैठक की अध्यक्षता करते हुये कलेक्टर श्री आकाश त्रिपाठी ने कहा कि जिले में ई-गवर्नेंस को अधिकाधिक बढ़ावा दिया जायेगा। जिले में ई-गवर्नेंस सोसायटी बोर्ड में सूचना प्रौद्योगिकी विशेषज्ञों को शामिल किया जायेगा। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में राजस्व प्रकरणों की तारीख-पेशी की जानकारी फरियादी के मोबाइल पर एसएमएस के जरिये दिये जाने का प्रस्ताव है।

इस अवसर पर ई-गवर्नेंस प्रबंधक सुश्री परिणिति शर्मा ने कहा कि जिले में जिला ई-गवर्नेंस सोसायटी का गठन 2012 में किया गया। इस सोसायटी द्वारा ई-गवर्नेंस को बढ़ावा देने के लिये विशेष प्रयास किये जा रहे हैं। ई-गवर्नेंस बोर्ड द्वारा अभी तक 1195 प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षित किया जा चुका है। जिला ई-गवर्नेंस सोसायटी में 13 पद स्वीकृत हैं। स्टेट वाइड एरिया नेटवर्क (स्वान) के तहत ई-गवर्नेंस का दायरा ब्लॉक लेवल तक पहुंच गया है। शीघ्र ही वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये ब्लाक लेवल पर भी शासकीय योजनाओं की समीक्षा शुरू हो जायेगी। इस सोसायटी द्वारा ई-गवर्नेंस के अलावा ई-बैंकिंग को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। ई-बैंकिंग के लिये जिले में 142 क्यिोस्क सेंटर संचालित हैं। 6 स्थानों पर स्कूलों और कॉलेजों में ई-क्लासेस शुरू हो गयी हैं। सभी पंचायतों का डेटाबेस तैयार कर लिया गया है, उन्हें भी धीरे-धीरे ई-गवर्नेंस से सीधे जोड़ा जायेगा। राज्य शासन और केन्द्र शासन के निर्देशानुसार यह कमेटी काम कर रही है। इस सोसायटी द्वारा शीघ्र ही जिला पंचायत और जनपद पंचायत के सदस्यों को भी कम्प्युटर प्रशिक्षण दिया जायेगा। अगले महीने शासकीय सेवकों को इस सोसायटी द्वारा सायबर क्राईम की ट्रेनिंग भी दी जायेगी। बैठक में बताया गया कि अब एक अप्रैल, 2015 से सशुल्क ट्रेनिंग दी जायेगी। जिले में ई-पंजीयन और ई-आक्सन (ठेका) को भी बढ़ावा दिया जायेगा। महिलाओं को भी ई-गवर्नेंस की ट्रेनिंग दी जायेगी। इस संबंध में इस कार्यशाला का आयोजन महू और सांवेर में भी किया जायेगा। सुश्री शर्मा ने बैठक में बताया कि ई-गवर्नेंस के तहत सोसायटी द्वारा ऐतिहासिक राजबाड़े का फेशबुक तैयार कर प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। अभी तक इस फेशबुक पर डेढ़ सौ सदस्य स्वेच्छा से जुड़ गये हैं। ई-गवर्नेंस के तहत अब टीएल प्रकरण, जनशिकायत, विवाह पंजीयन आदि को भी शामिल किया गया है। जिले की जनशिकायतों का डेटाबेस एनलिसिस तैयार किया जायेगा। जिला प्रशासन की गतिविधियों की जानकारी एसएमएस के जरिये आम नागरिकों को दी जायेगी। जिला प्रशासन द्वारा रैली आदि की अनुमति भी घर बैठे मोबाइल पर दिये जाने का प्रस्ताव है। बैठक में अपर कलेक्टर श्री सुधीर कुमार और ई-गवर्नेंस सोसायटी के सदस्यगण मौजूद थे।

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