कन्या भ्रूण हत्या एक जघन्य अपराध – कलेक्टर

इंदौर | कलेक्टर श्री आकाश त्रिपाठी की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में कन्या भ्रूण हत्या रोकने के संबंध में स्वयंसेवी संगठनों, धर्मगुरुओं और समाजसेवियों के बैठक सम्पन्न हुयी। इस अवसर पर कलेक्टर श्री त्रिपाठी ने कहा कि कन्या भ्रूण हत्या एक जीव हत्या है और यह एक गंभीर अपराध है। कन्या भ्रूण हत्या रोकने के लिये समाज में जनजागरुकता जरूरी है। इस काम में धर्मगुरुओं और स्वयंसेवी संगठनों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि कन्या भ्रूण हत्या के लिये माता-पिता और सोनोग्राफी संचालक संयुक्त रूप से जिम्मेदार हैं। उन्होंने बताया कि कन्या भ्रूण हत्या की सूचना देने वालों को जिला प्रशासन द्वारा एक लाख रुपये ईनाम दिया जायेगा। कन्या भ्रूण हत्या की सूचना दूरभाष पर भी दी जा सकती है। इसकी सूचना के लिये वाट्सएप और फेसबुक पर भी सोश्यल साइट बनायी जा रही है। सोश्यल साइट पर भी कन्या भ्रूण हत्या की सूचना दी जा सकेगी। अभी फिलहाल टोल फ्री नम्बर 1800-233-3130 पर कन्या भ्रूण हत्या की सूचना दी जा सकती है।

कलेक्टर श्री त्रिपाठी ने इस अवसर पर धर्मगुरुओं से कहा कि वे अपने प्रवचन में अभिभावकों को यह बतायें कि बालक और बालिका में कोई भेद नहीं होता। लड़कियां समाज की भविष्य हैं। वे भी परिवार का नाम रोशन कर रही हैं। लड़कियां भी माता-पिता की अंत्येष्टि कर रही हैं। अखबारों में ऐसी खबरें आये दिन छपती रहती हैं। बदली हुयी सामाजिक परिस्थिति में यह देखने में आया है कि बेटी, लड़के और बहू की तुलना में माता-पिता की ज्यादा सेवा करती हैं। लड़कियों को माता-पिता से लड़कों की तुलना में अपेक्षाकृत ज्यादा भावनात्मक लगाव होता है। उन्होंने बताया कि जिले में जिला प्रशासन द्वारा पिछले 5 वर्षों में किये गये विशेष प्रयास से लिंगानुपात में सुधार आया है। जिले में 320 सोनोग्राफी मशीनें काम कर रही हैं, जिसमें से 311 मशीनों में ट्रैकर लगा दिये गये हैं। जिला प्रशासन द्वारा सख्ती बरतने पर अब हर साल लगभग 20 हजार एफ-फार्म सोनोग्राफी कराने से पूर्व भरे जा रहे हैं। उस पर अभिभावक और चिकित्सक दोनों के हस्ताक्षर होते हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में आदिवासी बहुल जिलों में स्त्री-पुरूष लिंगानुपात बहुत ही अच्छा है। झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, खण्डवा, बैतूल और बालाघाट में स्त्री-पुरूष लिंगानुपात सबसे अच्छा है, मगर भिण्ड, मुरैना,ग्वालियर, दतिया में स्थित बहुत चिंताजनक है। कन्या भ्रूण हत्या रोकने के लिये समाज में संवेदनशीलता और एहसास जरूरी है। सोनोग्राफी सेंटरों पर सोनोग्राफी कराने के लिये एफ-फार्म के साथ पते का प्रमाण देना अनिवार्य कर दिया गया है। जिला प्रशासन द्वारा शीघ्र ही कन्या भ्रूण हत्या रोकने के लिये पैम्पलेट छपवाकर समाचार पत्रों के साथ वितरित किये जायेंगे। जिले में पीसी एण्ड पीएनडीटी ऐक्ट का प्रभावी क्रियान्वयन जरूरी है। दोषी पाये जाने पर अभिभावक और संबंधित चिकित्सक के खिलाफ कठोर कानूनी कार्यवाही की जायेगी ।

बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.महेश मालवीय, सिविल सर्जन डॉ.दिलीप आचार्य, श्री विशप चाको, डॉ.सन्धु जैन, श्री आर.एस.राठौर, श्री प्रवीण अग्रवाल, श्री कपिल वर्मा, श्री मुकेश सिन्हा, श्री सतीश जोशी, श्री इशरत अली, डॉ. बी. एस. यशलहा, डॉ.गुजराल आदि मौजूद थे। इन लोगों ने भी बैठक में अपने अमूल्य सुझाव दिये। कार्यक्रम में कलेक्टर द्वारा “जनता से अपील’’ नामक एक पैम्पलेट का विमोचन भी किया गया।

इंदौर | कलेक्टर श्री आकाश त्रिपाठी की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में कन्या भ्रूण हत्या रोकने के संबंध में स्वयंसेवी संगठनों, धर्मगुरुओं और समाजसेवियों के बैठक सम्पन्न हुयी। इस अवसर पर कलेक्टर श्री त्रिपाठी ने कहा कि कन्या भ्रूण हत्या एक जीव हत्या है और यह एक गंभीर अपराध है। कन्या भ्रूण हत्या रोकने के लिये समाज में जनजागरुकता जरूरी है। इस काम में धर्मगुरुओं और स्वयंसेवी संगठनों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि कन्या भ्रूण हत्या के लिये माता-पिता और सोनोग्राफी संचालक संयुक्त रूप से जिम्मेदार हैं। उन्होंने बताया कि कन्या भ्रूण हत्या की सूचना देने वालों…

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