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दिसंबर 2016

इस मास सूर्य 15 दिसम्बर को आय भाव में प्रवेश करेगे। मंगल 11 दिसम्बर को प्रथम भाव में संचरण करेंगे। बुध आय भाव में संचरण करेगा। वृहस्पति अष्टम भाव में संचरण करेंगे तथा शुक्र 02 दिसम्बर से व्यय भाव तथा 28 दिसम्बर से प्रथम भाव में संचरण करेंगे। शनि का संचरण वृश्चिक राशिगत रहेगा। राहु का सिंह राशि में तथा केतु का कुम्भ राशि में संचरण रहेगा।

मेष (अ, चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो)

इस महीने का अधिकांश पूर्वार्ध भाग्य की कसौटी पर परखे जाने का समय है। यदि आप किसी सरकारी अथवा गैर सरकारी संस्थान में व्यवस्था संबंधी कार्य देख रहे हैं तो अपने अधीनस्थ कर्मचारियों पर विशेष दृष्टि रखें। यदि आप अपने निजी व्यापार व्यवसाय से संबद्ध हैं तो अधिक कामकाज की नीति को अमल में लाएँ। यही कुछ परिश्रमपूर्ण प्रयास आपके लिए तात्कालिक रूप से लाभप्रद सिद्ध होंगे। महीने के मध्य भाग में नवम् भाव में निर्मित हो रही राहू-सूर्य युति के कारण् स्वभाव में कुछ चिडचिडापन, निराशा और मायूसी का वातावरण निर्मित होने लगेगा। आर्थिक प्रयासों में अधिक सफलता नहीं मिलने से दूसरों पर दोषारोपण कर सकते हैं। परन्तु इसके बजाय आप शांत और मौन रहकर समय को निकाल दें तो अधिक उत्तम रहेगा । नेत्र का समीपवर्ती स्थान, सिर, चेहरा इत्यादि अंगों में रोग/चोट की संभावना है–सचेत रहें । आपके द्वारा किए जा रहे प्रयासों के, मास के अन्त तक कुछ सकारात्मक नतीजे निकलने आरम्भ होंगे।
शुभ तिथियां :- 1,2,9,11,17,28,30
अशुभ तिथियां :- 6,8,10,16,19,23,24,31
उपाय :-
ऊॅ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः का जाप करे या करवायें।
तीर्थों में स्नान दान व तीर्थ के जल से घर में स्नान करें।
लाल पके फलों का दान देव स्थान में व भीगे चने बंदरों को खिलाएं।
गौ के निमित्त हरे चारे, पानी, छाया की व्यावस्था व अनुकूल स्थान का निर्माण करें।

वृ‍षभ (इ, उ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)

इस माह आपके राशी स्‍वामी आपके सारे उपक्रमों में तीव्र गति लाना चाहते हैं। संतान के लिए शुभ समय है, यद्यपि किसी कारणवश आपको चिंता लगी रहेगी। अनावश्‍यक यात्राएं और खर्चे दिख रहे हैं। शत्रु प्रबल होंगे, यात्राएं बढ़ेंगी।व्‍यावसायिक निर्णय लेने में असुविधा होगी परंतु फिर भी कुछ निर्णय आप अनुकूल ले पाएंगे। इसमें वर्तमान स्थितियों की अपेक्षा आपको आगामी समय को ध्‍यान रखना होगा जिसमें कि आप लाभ ले सकेंगे। इस माह मित्र वर्ग का भरपूर सहयोग मिलेगा। मधुमेह के रोगी थोडा सावधानी रखें । 23 से 31 तारीख के मध्य वाहन चलाने में थोडी सावधानी रखें अन्यथा चोट/दुर्घटना का भय है ।

शुभ तिथियां:- 1,6,11,16,19,25,27
अशुभ तिथियां:- 8,12,18,20,26,31
उपाए:-
ऊॅं ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः मंत्र का जाप व दान करें।
गाय को हरा चारा व 100 ग्राम गुड़ खिलाना चाहिये।
शारीरिक रूप से अक्षम व्यक्ति अंधे, लूले, लंगड़ों को मीठे पदार्थों का दान देना चाहिए।
श्री हरि के नाम का जाप करना व करवाना चाहिए।

मिथुन (का, की, कू, ही, ड, छ, के, को, का)

इस महीने जिम्मेदारी बढ़ने से शुरुआत कुछ आर्थिक संकटों से भरी होगी। महीने के पहले 15 दिनों में भविष्य निर्माण संबंधी योजनाएं स्थगित होंगी। साझे सौदे के लिए भी अभी धन खर्च करना उचित नहीं होगा। दूसरे सप्ताह के अंतिम दिनों में रोजगार प्राप्त जातकों को धन प्राप्ति अथवा पदोन्नति के प्रसंग पैदा होंगे।महीने के प्रथम अर्द्ध में परिवार में झगड़ा आपकी जिद करने की आदत के कारण हो सकता है। अत: वाणी पर और व्यवहार में नियंत्रण अवश्य रखें। नए दोस्तों से संबंध सोच-समझकर बनायें। उत्तरार्द्ध में शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी संपत्ति का लाभ होगा। सट्टे के व्यापारी सचेत रहें अन्यथा अचानक आर्थिक हानि का सामना करना पड सकता है । विशेष तौर पर 8 से 13 तारीख तक सट्टा बाजार, शेयर मार्कीट इत्यादि से पूरी तरह से दूर रहें ।

शुभ तिथियां:-5,10,12,21,25
अशुभ तिथियां:-4,8,19,20,22,28,
उपाए:-
ऊॅं ब्रां बीं ब्रौं सः बुधाय नमः मंत्र का जाप करें।
पक्षियों को साफ-सुथरा दाना और पीने के पानी का इंतजाम।
देवालय की सौंदर्यंता बढ़ाने व में सहयोग, पास-पड़ोस में सफाई का इंतजाम।
गाय को हरा चारा व 100 ग्राम गुड़ के साथ दाना खिलाना चाहिये।

कर्क (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)

इस माह व्यवसायिक व कार्यक्षेत्र में सफलता की दृष्टि से सामान्य रहेगा। माता-पिता के स्वास्थ्य की दृष्टि से समय अच्छा रहेगा तथा उनसे काफी सहयोग मिलेगा। संतान पक्ष से मन प्रसन्न रहेगा। वे आपकी आशाओं पर खरे उतरेंगे।आप कार्यक्षेत्र में अपनी कार्य योजनाओं को सफलतापूर्वक पूरा कर लेंगे। धन-ऐश्वर्य की भी आपको प्राप्ति होगी। मांगलिक कार्य पर खर्च भी होगा। अन्य व्यय अनुकूल मात्रा में ही होंगे।तीसरे सप्ताह किसी सम्पन्न सहयोगी से लाभ अथवा नए मित्र के आगमन का हर्ष प्राप्त होगा। आर्थिक निवेश के लिए भी समय पूर्णत: अनुकूल है। आप निसंकोच हो कर कैसा भी निवेश कर सकते हैं, मनोनुकूल लाभ प्राप्त होगा ।
शुभ तिथियां:-3,5,7,10,11,21,22,24,25
अशुभ तिथियां:-6,13,19,20,26
उपाय:-
गंगादि तीर्थों का सेवन व तीर्थ जलों से स्नान करना चाहिए।
प्रां प्रीं प्रौं सः शनये नमः मंत्र का जाप करें।
गौ सेवा हेतु हरे चारे व पानी का इंतजाम करें।
गरीब बच्चों को मीठी वस्तुओं का दान दंे।

सिंह (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)

इस माह प्रयास करने पर लाभ के अवसर पहले से कहीं बेहतर होंगे। किसी महत्वपूर्ण कार्य में व्यस्त रहेंगे। अनेक समस्याओ के समाधान के अवसर मिलेंगे।किसी प्रभावशाली व्यक्ति सम्पर्क होगा जो भविष्य में आपके लिये लाभदायक सिद्ध होगा। नौकरी में बदलाव की योजना पर विचार कर सकते ह। संतान सम्बन्धी चिन्ता व पारिवारिक मतभेद रहेंगे। उत्तरार्द्ध भाग में व्यवसाय में संघर्ष के बाद आय के स्रोत बढ़ेंगे। भूमि सम्बन्धी कार्यो से लाभ मिलेगा। रुका या उधार दिया धन वसूल होगा। व्यवसाय में उन्नति के अवसर मिलेंगे। धन का अपव्यय अधिक रहेगा। गुप्त परेशानियो का सामना करना पड़ सकता है। चतुराई व विवेक से किये गये कार्यो से लाभ में वृद्धि होने के योग हैं। पूर्व में किए गये निवेश द्वारा इस समय भरपूर लाभ प्राप्ति का योग है। 21 से 29 दिसंबर के मध्य का समय विशेष फलदायी सिद्ध होगा ।
शुभ तिथियां:-2,4,7,11,20,21,26,27,29
अशुभ तिथियां:-3,13,16,18,25,30,31
उपाए:-
गरीब बच्चों में शैक्षिक सामाग्री का दान करें।
धर्म स्थलों में धार्मिक सामाग्री का दान करें।
ऊॅं ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः मंत्र का जाप व दान करे।
हल्दी व तिलों से स्नान व देव दर्शन करें।

कन्‍या (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)

इस माह परिवार में किसी की अस्वस्थता से मन चिन्तित होगा। महत्वपूर्ण क्षेत्रो में चल रहे प्रयत्न सार्थक होंगे। राजनैतिक सक्रीयता बढ़ेगी। शासन-सत्ता के व्यक्तियों से लाभ के अवसर प्राप्त होगा। तारीख 3,8,13,18 को हड़बड़ी में कोई कार्य न करें। अवयस्कता पूर्ण व्यवहार पर नियंत्रण करें। 6,15,20,22,24 तारीखों को परिजनों के स्नेह से सुखद अनुभूति होगी।पारिवारिक वातावरण सौहार्दपूर्ण रहेगा, लंबी दूरी के यात्रा की योजना बन सकती है। भौतिक सुख-साधनों में व्यय की अधिकता रहेगी। जो लोग धातु एवं विधुत संबंधी कार्यों में संलग्न हैं,उनके लिए आगामी मास में भरपूर लाभ प्राप्ति हेतु परिस्थितियों का निर्माण हो रहा है। विलासितादायी वस्तुओं की खरीद पर धन का व्यय होगा । प्रथम सप्ताह सपरिवार किसी आयोजन, समारोह में शामिल होने का अवसर मिलेगा ।

शुभ तिथियां:-6,9,15,20,22,24,29
अशुभ तिथियां:- 3,8,13,16,18,23
उपाय:-
बच्चों को मीठी रेवड़ियों का प्रसाद बांटे और उपयोगी शैक्षिक सामाग्री दान दें।
ऊॅं द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः मंत्र का जाप करें।
जल में तिल मिलाकर स्नान करें।
देवालय व उसके आसपास जुड़ने वाले सभी रास्तों को स्वच्छ रखें।

तुला (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)

इस माह पूर्वार्ध में स्वास्थय अच्छा रहेगा, परन्तु उत्तरार्ध में किसी रोग का सामना करना पडेगा। उदर पीडा,शिरोव्यथा,अपच इत्यादि व्याधी से कष्ट संभव है। मित्रों का विशेष सहयोग प्राप्त होगा। किसी नवीन कार्य की योजना फलीभूत हो सकती है। पराक्रम में वृ्द्धि होगी,भाग-दौड से लाभ मिलेगा। जो व्यक्ति विदेश जाने का प्रयास कर रहें हैं उन्हे अपने प्रयत्नों में सफलता प्राप्त होगी। प्रथम पक्ष में विशेष रूप से 1 से 16 तक धनागमन के नए स्त्रोत उत्पन्न होंगे, मन में शुभ विचारों का उदय होगा। नौकरीपेशा लोगों हेतु सलाह है कि उच्चाधिकारियों से संतुलित संभाषण ही अनके लिए हितकर रहेगा, अन्यथा परेशानी का सामना करना पड सकता है। गुप्त शत्रुओं से पूर्णत: सचेत रहें। तारीख 21,22,23 को धनहानि,चोरी,दुर्घटना के प्रति सतर्क रहें।
शुभ तिथियां:- 1,2,5,14,15,16,27,30
अशुभ तिथियां:- 6,7,8,18,21,22,23
उपाए-
तीर्थ के जल में हल्दी मिलाकर स्नान करें।
ज्ञानी, पूज्य व्यक्ति व बच्चों को पौष्टिक वस्तुओं का दान दें।
ऊॅं द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः मंत्र का जाप करें।
गाय को हरा चारा खिलाएं व पक्षियों को दाना डालें।

वृश्चिक (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)

इस राशी के व्यक्तियों को इस माह कुछेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। मानसिक अशान्ति बनी रहेगी। घर परिवार में शांति रखने के लिए सावधानी पूवर्क रहें। कार्यक्षेत्र में मन लगाकर काम करें, विशेष तौर पर नौकरीपेशा व्यक्ति अनावश्यक झगड़े व बहस से बचें अन्यथा नौकरी बदलने की संभावना निर्मित हो रही है। यह माह विशेष सावधानी से गुजारें। धन हानि, सुख शांति में कमी हो सकती है। भाग्य भाव में नीचराशि का मंगल तथा द्वितीय भाव में सूर्य-राहू युति आर्थिक, मानसिक कष्टों का निर्माण कर रही है। आलस को अपने ऊपर हावी न होने दें । स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें। व्यसनों से दूर रहें, आर्थिक तंगी आ सकती है। माह के अन्त में परिस्थितियाँ आपके अनुकूल बनेंगी। आपके रूके हुये कार्य बनेगें। धर्म कार्यों में रूचि, धन लाभ आदि के लिये अवसर बनेगें।

शुभ तिथियां:-1,8,9,11,15,16,19,25,27
अशुभ तिथियां:-3,4,12,18,20,26
उपाए:-
श्री गणेश भगवान का दर्शन व पूजन करें।
ऊॅ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः मंत्र का जाप करंे।
जलाशय, गौशाला, देवालय के मार्गों को स्वच्छ करें या करवाएं।
बंदरों को भीगे हुए चने डालें।

धनु (ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, दा, भे)

इस मास के मध्य भाग तक आपकी राशी पर शुद्ध गोचर प्रभाव कायम रहेगा। कुछ समय के लिए ही सही आपके समस्त कष्ट दूर हो जाएंगे। भोग विलास की सामग्री में वृद्धि होगी । खान पान में समृद्धि आने से स्वास्थ्य भी सुधरेगा। किसी चिरस्थाई लाभ की आशा भी महीने के आरंभिक दिनों में रहेगी। इसके साथ ही शुभ मांगलिक कार्यक्रमों का आयोजन, समवयस्क लोगों से मित्रता एवं मेल मुलाकात का हर्ष भी प्राप्त होगा। महीने का अधिकांश भाग जहाँ संचय संग्रह में व्यतीत होगा, वहीं मान सम्मान का लाभ भी आपको मिलता जाएगा। इस मास के उत्तरार्ध में जीवन साथी के भाग्य द्वारा भी कुछ लाभ प्राप्त होगा तथा किसी प्रकार के सामूहिक प्रयास का नेतृत्व भी आप करेंगे। संतान की ओर से भी मन प्रसन्न रहेगा तथा स्पष्टवादिता एवं आदर्शपूर्ण विचारधारा कायम रखने वाले सज्जनों तथा घर के बडे-बुजुर्गों का स्नेह, आशीर्वाद भी प्राप्त होता रहेगा।
शुभ तिथियां:-1,5,7,9,10,13,20,25,27
अशुभ तिथियां:-11,16,21,22,23
उपाए:-
ऊॅं ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवै नमः मंत्र का जाप करें व दान दें।
गाय को हरे चारे व पानी के साथ ही छाया की व्यावस्था करना।
निः शुल्क स्वच्छ शीतल जल का दान। (सार्वजानिक प्रयोग हेतु)
बंदरों को मौसमी फलों का दान।

मकर (भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी)

इस माह मन प्रफुल्लित रहेगा और कुछ बातें आपके जीवन में अच्‍छी आने वाली है जिनके दृश्‍य आपके सामने आने लगे हैं। साहस उच्‍च स्‍तर का रहेगा जिसके दम पर अद्भुत कार्य संपादन कर पाएंगे।व्‍यावसायिक दृष्टिकोण से कुछ नए संबंध स्‍थापित होंगे जो धन के लिए फायदेमंद रहेंगे परंतु फिर भी आपको कानूनी सावधानी अवश्‍य रखनी चाहिए।स्‍वास्‍थ्‍य में थोडा पेट सबंधी रोग-व्याधी का योग है, सावधानी रखें एवं आलस को अपने पर हावी न होने दें .भाई–बहिनों के संबंध में आप थोड़े व्‍यस्‍त रह सकते हैं । परंतु 12 दिसंबर के पश्चात संतान की ओर से कोई शुभ समाचार प्राप्त होगा । आर्थिक स्थिति मजबूत होगी । कामकाजी महिलाओं के लिए यह समय विशेष लाभकारी सिद्ध होगा ।
शुभ तिथियां:-1,7,11,15,18,23,26,30
अशुभ तिथियां:-3,8,17,21
उपाए:-
हरे राम हरे कृष्ण मंत्र का जाप श्रद्धा के साथ करें।
तीर्थ के जलों में तिल व हल्दी को मिलाकर स्नान करें।
देवालय, विद्यालय, जलाशय, मार्ग में तुलसी, सुगन्धित पुष्प व छायादार वृक्ष लगाएं।
गरीब बच्चों को मीठी वस्तुओं व शैक्षिक सामाग्री का दान दे।

कुंभ (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, द)

इस माह आप कुछ ऐसा सोच रहे हैं कि आपके आस-पास के लोग बहुत मजबूत होते जा रहे हैं, इस कारण आप असंतुष्ट हैं। आप अपने नजरिए के प्रति अड़ियल न बनें। अपितु इसे बदलने का प्रयास करें ताकि वर्तमान परिस्थितियों के चक्रव्यूह से निकल सकें। मास के प्रथम सप्ताह में ग्रह स्थिति अत्यन्त अनुकूल है और इस प्रकार की योगकारक स्थिति जन्म पत्रिका की सामर्थ्य को अचानक बहुत उठा देती है। इस समय सर्वत्र वातावरण अनुकूल रहेगा। दैनिक आय बढ़ेगी, लोगों से सामजस्य बिठाने में मदद मिलेगी और उच्च कोटि के जन सम्पर्कों के कारण आर्थिक लाभ की मात्रा बढ़ेगी। यदि आप नौकरी कर रहे हैं तो यह सर्वश्रेष्ठ समय चल रहा है परन्तु आत्मशाला की प्रवृत्ति के कारण आप इसके सुफलों को कम कर लेंगे। इस मास में आपको केवल यह करना है कि कम बोलना है और स्वयं की पैरवी नहीं करना है। इस समय जो गणित चल रही है, उसमें आपको दीर्घ काल तक लाभ बने रहने की संभावना बन रही है परन्तु वाणी के दोष के कारण लाभ, हानि में नहीं बदल जाए, इसका ध्यान आपको रखना होगा। मास का द्वितीयार्द्ध आपके प्रयासों में वृ्द्धि करने वाला समय है
शुभ तिथियां:-4,14,23,24,25,29,30
अशुभ तिथियां:-7,8,15,20,22,27,31
उपाय:
ऊॅं ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः मंत्र का जाप करें।
निः शुल्क व शुद्ध जल की आबाध व्यावस्था मंदिर व मार्ग में करे।
फलदार व छायादार वृक्षों संचित व रोपित करें।
अनाथ बच्चों के निमित्त भोजन व जरूरी वस्तुओं का दान करें।

मीन (दी, दु, थ, झ, त्र, दे, दो, चा, ची )

यह महीना अशुद्ध गोचर के कारण पूर्वार्ध में थोडा स्वास्थ्य को प्रभावित करेगा । भूख न लगना, अपच इत्यादि की शिकायत रहेगी । व्यर्थ की दौड़भाग बढ़ जाने से अथवा अनावश्यक कार्यो के दबाव से हाथ-पैरों की पीड़ा भी व्यथित करेगी । यात्रा आदि में सावधानी आवश्यक है । किसी विशेष कार्य योजना के ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकने से मन में खिन्नता रहेगी। महीने के मध्य भाग में सूर्य के राशी परिवर्तन के कारण विचारों में बदलाव आएगा, शारीरिक कष्टों की निवृत्ति के उपाय कारगर होंगे। कुछ संतोषजनक धन लाभ होने से आर्थिक क्षेत्र में भी सुख शांति कायम रहेगी । मासान्त में ज्ञान विज्ञान अथवा किसी महत्वपूर्ण विषय पर आपकी गतिविधियाँ नियंत्रित हो जाएंगी। तारीख 23 से 29 के मध्य किसी पुराने निवेश से आशानुकूल लाभ प्राप्ति का योग निर्मित होगा। माह के अन्तिम भाग में अचानक किसी यात्रा का कार्यक्रम बनेगा ।

शुभ तिथियां:- 5,13,14,17,23 से 29
अशुभ तिथियां:-3,8,10,12,18,19,30
उपाए:-
श्री भवानी शंकर भगवान का दर्शन व पूजन करें व नाम जाप करें।
निः शुल्क व शुद्ध जल की आबाध व्यावस्था मंदिर व मार्ग में करे।
निवास स्थान, देवालय, विद्यालय, गौशाला, जलाशय के आस-पास स्वच्छता रखें।
अनाथ बच्चों के निमित्त भोजन व जरूरी वस्तुओं का दान करें।

कृपया ध्यान दें – यह मासिक भविष्यफल जन्मराशि पर आधारित है । अत: सही फलादेश के लिए नामराशि की अपेक्षा अपनी जन्मराशि के अनुसार ही इसे पढें । यदि किसी को अपनी जन्मराशि की जानकारी नहीं है,तो,वाट्स अप –09039390067  पर या  ईमेल के जरिए अपना जन्मविवरण भेज कर अपनी राशि पता कर सकते हैं ।

पंडित “विशाल” दयानन्द शास्त्री,
(ज्योतिष-वास्तु सलाहकार)
राष्ट्रीय महासचिव-भगवान परशुराम राष्ट्रीय पंडित परिषद्

इस मास सूर्य 15 दिसम्बर को आय भाव में प्रवेश करेगे। मंगल 11 दिसम्बर को प्रथम भाव में संचरण करेंगे। बुध आय भाव में संचरण करेगा। वृहस्पति अष्टम भाव में संचरण करेंगे तथा शुक्र 02 दिसम्बर से व्यय भाव तथा 28 दिसम्बर से प्रथम भाव में संचरण करेंगे। शनि का संचरण वृश्चिक राशिगत रहेगा। राहु का सिंह राशि में तथा केतु का कुम्भ राशि में संचरण रहेगा। मेष (अ, चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो) इस महीने का अधिकांश पूर्वार्ध भाग्य की कसौटी पर परखे जाने का समय है। यदि आप किसी सरकारी अथवा गैर सरकारी संस्थान में…

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