नायब तहसीलदार/तहसीलदार के हस्ताक्षर से जारी नहीं होंगे आय एवं निवासी प्रमाण-पत्र

इंदौर | मध्यप्रदेश शासन सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा नागरिकों की सुविधा के लिये नई पहल की गई है। जिसके तहत आय प्रमाण-पत्र एवं स्थानीय निवासी प्रमाण-पत्र अब राजस्व अधिकारियों/नायब तहसीलदार/तहसीलदार की हस्ताक्षर से जारी नहीं होंगे और न ही आम नागरिकों को किसी भी राजस्व कार्यालय में जाना होगा।

आय प्रमाण पत्र
आय प्रमाण पत्र जारी करने संबंधी सेवा म.प्र. लोक सेवाओं के प्रदान की गारंटी अधिनियम 2010 के अंतर्गत सेवा क्रमांक 6.2 के रूप में अधिसूचित है। इस सेवा को प्राप्त करने के लिये आवेदक को पदाभिहित अधिकारी द्वारा 3 कार्य दिवसों में आवेदक को आय प्रमाण-पत्र निर्धारित प्रारूप में जारी कर दिया जाता था। किंतु राज्य शासन की नवीन व्यवस्था के तहत पूर्व व्यवस्था को समाप्त करते हुए अब संबंधित व्यक्ति द्वारा अस्टाम्पित कागज पर स्वहस्ताक्षरित स्वप्रमाणित घोषणा-पत्र के आधार पर व्यक्ति की आय को मान्य किया जायेगा।

स्थानीय निवासी प्रमाण पत्र
आम नागरिकों को विभिन्न प्रयोजनों, जैसे शैक्षणिक संस्थाओं में दाखिला लेने, छात्रवृत्ति आदि के लिये स्थानीय निवासी प्रमाण-पत्र प्रदाय करने संबंधी निर्धारित प्रक्रिया को शासन द्वारा अतिकृमित कर संशोधित किया गया है। राज्य शासन के अंतर्गत किसी भी प्रयोजन के लिये स्थानीय निवासी प्रमाण-पत्र के लिये तहसीलदार, अपर तहसीलदार/नायब तहसीलदार द्वारा जारी किये गये प्रमाण-पत्र की व्यवस्था को समाप्त करते हुए संबंधित व्यक्ति द्वारा अस्टाम्पित कागज पर हस्तलिखित/टंकित शपथ पर स्वहस्ताक्षरित, स्वप्रमाणित घोषणा पत्र दिये जाने के आधार पर उसे म.प्र. का स्थानीय निवासी माना जायेगा। इसके लिये शासन द्वारा दिये गये मापदण्डों की पूर्ति करना आवश्यक होगा। आवेदकों द्वारा स्वप्रमाणित घोषणा-पत्र में वर्णित तथ्यों की जांच रेण्डम आधार पर नियमित रूप से कराई जा सकेगी। जांच के पश्चात यदि यह सिद्ध होता है कि किसी आवेदक द्वारा त्रुटिपूर्ण जानकारी के आधार पर सेवा प्राप्त की गई है तो ऐसे प्रमाण पत्रों को निरस्त करने की कार्यवाही के साथ-साथ संबंधित आवेदक के विरूद्ध कानूनी कार्यवाही की जा जायेगी। प्रमाणपत्रों से संबंधित जानकारी www.gad.mp.gov.in पर उपलब्ध है।

Review Overview

User Rating: Be the first one !

: यह भी पढ़े :

Anant Chaturdashi 2022

दो साल बाद अखाड़ों के साथ निकला झिलमिल झांकियों का कारवां

मुंबई के बाद प्रदेश में इंदौर ही ऐसा इकलौता शहर है, जहां गणेश उत्सव को …

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Translate »