पुष्प

सुन्दरता है पुष्प की उसकी सुरभि से
पहन विविध रंगों के परिधान
मुस्कुरातें हैं… काँटों में खिलखिलाते हैं
चमकता सूरज… गरजता गगन… बावरी पवन
रोक नही पाती… इसकी सहज मुस्कान को
आनंद और उल्लास का संदेसा देते ये पुष्प
निहाल करते हैं… मन को बहुत भाते हैं…!

Author: Jyotsna Saxena (ज्योत्सना सक्सेना)

 

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