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रेल मंत्रालय की उपलब्धियां और पहल

लक्ष्यों की प्राप्ति की दृष्टि से रेलवे के लिए वर्ष 2014 महत्वपूर्ण है। वर्ष की महत्वपूर्ण उपलब्धियां निम्न हैः

· प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने रेल मंत्री श्री सुरेश प्रभु के साथ 25 दिसंबर, 2014 को वाराणसी में डीजल लोकोमोटिव वर्क्स (डीएलडब्ल्यू), जो मंत्रालय का एक उपक्रम है, के विस्तारीकरण परियोजना का उद्घाटन किया। विस्तारीकरण योजना के मुख्य बिंदु है; एक नई ब्लॉक शॉप, लोकोफ्रेम शॉप और लोको असेम्बली शॉप, उन्नत पेंट बूथों के साथ नया प्लांट शॉप, उच्च उत्पादता वाले मशीनों का समावेशन और 250 किलोवॉट वाला ग्रीड से जुड़ा हुआ सौर ऊर्जा संयंत्र। यह परियोजना धार्मिक शहर वाराणसी में ‘मेक इन इंडिया’ अभियान का आगाज करती है।

· रेल मंत्री ने 24 दिसंबर को नई दिल्ली में राष्ट्रीय रेल संग्रहालय में एक संगीत फव्वारे, टॉय ट्रेन और नई प्रदर्शनियों का उद्घाटन किया। राष्ट्रीय रेल संग्रहालय ने दर्शकों के लिए कुछ नए आकर्षण जोड़े है, जिसमें टॉय ट्रेन मुख्य है। बेहद छोटे पटरियों पर चलने वाली यह ट्रेन मात्र आधा किलोमीटर दूरी तय करती है। देश में यह अपने आप की अनूठी और पहली पहल है। संगीत फव्वारा दर्शकों के लिए अन्य आकर्षण है। दर्शकों के अनुभव को रोचक बनाने के लिए फव्वारे के चारों तरफ नया रास्ता बनाया गया है। प्रदर्शित चीजों के लिए पहचान चिन्हों और लैंडस्केपिंग के साथ तालमेल बिठाया गया है। रेल मंत्रालय एक सौर ऊर्जा नीति भी तैयार करने का प्रयास कर रहा है। रेल मंत्री ने संग्रहालय में अलग से एक स्‍थान सुनिश्चित करने के लिए कहा है, जहां भारतीय रेलवे की भविष्य के दृष्टिकोण/योजनाओं को दर्शाया जाएगा। रेल मंत्री ने एक पुस्तक- ‘इंडियन रेलवेज-मोर माइल्स-मोर स्माइल्स’ का विमोचन भी किया। यह पुस्तक भारतीय रेलवे के पूर्व अधिकारी श्री जे.एल. सिंह ने लिखी है और इसे रेलवे ने प्रकाशित किया है। रेल मंत्री ने एक वृत्तचित्र ‘भारतीय सिनेमा में भारतीय रलेवे की छाप’ का भी उद्घाटन किया। इस वृत्तचित्र में रेलवे और सिनेमा के बीच 100 सालों से चला आ रहा आपसी संबंध दर्शाया गया है।

· रेल मंत्री ने 27-12-2014 को मुंबई के दादर स्‍टेशन पर मुंबई उपनगरीय टिकटों के लिए मोबाइल ट्रेकिंग प्रणाली का उद्घाटन किया। प्रारंभ में यह प्रणाली केवल दादर स्‍टेशन पर ही शुरू की गई है। जल्‍द ही इसे छत्रपति शिवाजी टर्मिनस, कुर्ला, थाणे और कल्‍याण स्‍टेशनों पर और उसके बाद चरणबद्ध तरीके से अन्‍य स्‍टेशनों पर क्रियान्वित किया जाएगा। इस सुविधा का लाभ उठाने हेतु एनड्रॉयड/ विंडोज के लिए इसका नि:शुल्‍क आवेदन पत्र डाउनलोड किया जा सकता है। जल्‍द ही आईफोन और ब्‍लैकबेरी के लिए आवेदन पत्र सुलभ होंगे। यूजर को एप्‍लीकेशन खोलना होगा और फिर इसमें अपना नाम, मोबाइल नम्‍बर और मुंबई सिटी का नाम देते हुए साइन अप करना होगा जिससे कि एसएमएस के जरिये वन टाइम पासवर्ड भेजा जा सके। ओटीपी में प्रवेश करने के बाद यूजर रजिस्‍टर्ड हो जाएगा और जीरो वैलेंस के साथ आर-वैलेट सृजित हो जाएगा। जिस स्‍टेशन से यात्रा की शुरूआत करनी है वहां, आपको ऑटोमैटिक टिकट वेंडिंग मशीन (एटीवीएम)पर जाना होगा और प्रिंट मोबाइल टिकट ऑप्‍शन सेलेक्‍ट करना होगा। फिर आप अपना मोबाइल नम्‍बर और बुकिंग आईडी डालें। इसके बाद आपको प्रिंटेड टिकट प्राप्‍त हो जाएगा।

· रेल मंत्री ने 23 दिसंबर, 2014 को नई दिल्ली में रेल भवन के छत पर लगाए गए एक 30 किलोवॉट सौर संयंत्र का उद्घाटन किया। भारतीय रेलवे की योजना सौर ऊर्जा को जोरदार बढ़ावा देने की है, ताकि पर्यावरण की वर्तमान चुनौतियों से निपटा जा सके। रेलवे के अन्य भवनों में भी सौर संयंत्र लगाएं जाएगें साथ ही, कोशिश होगी कि इन्हें पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप पद्धति से लगाया जाए।

· ग्वालियर-गोंडा सुशासन एक्सप्रेस (साप्ताहिक) को 23 दिसंबर, 2014 को हरी झंडी दिखाई गई। यह ट्रेन उन तमाम महत्वपूर्ण स्थानों से गुजरेगी, जो पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी के जीवन से जुड़े हैं।

· एक शैक्षिक ट्रेन ‘ज्ञानोदय एक्सप्रेस’ जिसने दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों को पूर्वोत्तर राज्यों की सैर कराया, को 18 नवंबर, 2014 को दिल्ली से रवाना किया गया था। अपने पूर्वोत्तर क्षेत्र के यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 28000 करोड़ रुपए के रेल परियोजनाओं की घोषणा की। प्रधानमंत्री ने मोबाइल कनेक्विटी बढ़ाने के लिए 5000 करोड़ रुपए पूर्वोत्तर राज्यों के लिए देने की भी घोषणा की। यह यात्रा प्रधानमंत्री के पूर्वोत्तर राज्यों के विकास पर दिए जाने वाले महत्व की सोच का ही नतीजा है।

· रेल मंत्री ने नई दिल्ली और बठिंडा के बीच नए शताब्दी एक्सप्रेस को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर 18 दिसंबर, 2014 को हरी झंडी दिखाई। शहरों के बीच कनेक्विटी बढ़ाने में रेलवे की महत्वपूर्ण भूमिका है। नई दिल्ली-बठिंडा के बीच नई शताब्दी सेवाएं पंजाब के अंदरूनी हिस्से और निकटवर्ती विकसित हो रहे शहरों के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होंगे।

· मानव-रहित लेवल क्रॉसिंगों को सुरक्षित बनाने के लिए और दुर्घटनाओं से बचने के लिए रेल मंत्री श्री सुरेश प्रभु ने रेलवे बोर्ड को जियो-स्पेशियल तकनीक के इस संदर्भ में इस्तेमाल की संभावनाओं को तलाशने को कहा है। इन तकनीकों जिनमें ग्लोबल पोजिशिनिंग सिस्टम (जीपीएस), ज्योग्राफिक इंफार्मेशन सिस्टम (जीआईएस) और रिमोट सेंसिंग की मदद से एक चेतावनी संदेश स्वतः ही मानव-रहित लेवल क्रॉसिंग के आस-पास सभी सड़क यात्रियों, जिनके पास जीपीएस युक्त मोबाइल सैट है, के पास पुहंच जाएगी। उन्हें समय रहते आने वाले रेलगाड़ियों की सूचना मिलेगी।

· रेलवे में भर्ती प्रणाली को सुदृढ़ करने के लिए रेल मंत्री ने रेलवे बोर्ड को निर्देश दिए है कि पूरी भर्ती प्रक्रिया को ऑनलाइन किया जाए और इस योजना को तमाम जांच और सावधानी के साथ समयबद्ध तरीके से लागू किया जाए।

· भारतीय रेल की 1 अप्रैल, 2014 से 30 नवंबर, 2014 तक की अवधि के दौरान कुल अनुमानित आय सृजन आधार पर 100622 करोड़ रूपये रही ज‍बकि पिछले वर्ष की इसी अवधि के दौरान यह आय 89341.26 करोड़ रूपये रही थी। इस प्रकार इसमें 12.63 प्रतिशत बढ़ोतरी दर्ज हुई।

· भारतीय रेल ने 1 अप्रैल से 30 नवंबर, 2014 के दौरान 713.11 मिलियन टन राजस्‍व अर्जित करने वाले माल की ढ़ुलाई की। पिछले वर्ष इसी अवधि के दौरान वास्‍तविक रूप से ढ़ुलाई के लिए 677.58 मिलियन टन माल यातायात से यह 35.53 मिलियन टन अधिक है। इस प्रकार इसमें 5.2 प्रतिशत बढ़ोतरी दर्ज की गई।

· रेल मंत्री ने 8 दिसंबर, 2014 को नई दिल्‍ली रेलवे स्‍टेशन पर वाई-फाई ब्रॉडबैंड सेवाओं का शुभारंभ किया। भारतीय रेलों में वाई-फाई परियोजना का कार्यान्‍वयन रेलटेल द्वारा किया जा रहा है जो रेल मंत्रालय का सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम है। वाईफाई युक्‍त ‘रेलवायर’ 1एमबीपीएस को अधिकतम गति प्रदान करता है। अपने मोबाइल के माध्‍यम से वाईफाई नेटवर्क पर पंजीकरण करने पर उपयोगकर्ताओं को वाईफाई की सुविधा प्रारंभ में 30 मिनट की अवधि तक नि:शुल्‍क उपलब्‍ध है।

· रेल मंत्रालय ने रेल क्षेत्र में निजी निवेश विशेष रूप से पीपीपी और प्रत्‍यक्ष विदेशी निवेश से संबंधित विभिन्‍न मुद्दों पर विचार-विमर्श करने के लिए 5 दिसंबर, 2014 को एक निवेशक बैठक का आयोजन किया। इस निवेशक बैठक में चैम्‍बर ऑफ कॉमर्स, रेलवे के सार्वजनिक उपक्रम, भारी उद्योग मंत्रालय की सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम, निवेश सलाहकारों, निवेश बैंकरों, अवसंरचना क्षेत्र, निर्माण क्षेत्र, बंदरगाह क्षेत्र रॉलिंग स्‍टॉक निर्माता, कच्‍चा माल विनिर्माताओं आदि के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

· रेल मंत्री ने भारतीय रेल की वित्‍तीय स्थिति सुधारने के लिए कारकों, मुद्दों और अवसरों की पहचान करने के लिए भारत सरकार के पूर्व सचिव श्री डी के मित्‍तल आईएएस (सेवानिवृत्‍त) की अध्‍यक्षता में 5 दिसंबर,2014 को एक उच्‍चस्‍तरीय समिति का गठन करने का निर्णय लिया। यह समिति भारतीय रेलवे की वर्तमान राजस्‍व संरचना और राजस्‍व अर्जित करने के लिए अवसरों का अध्‍ययन करने के साथ-साथ भारतीय रेलवे में वर्तमान राजस्‍व संरचना की कुशलता और पर्याप्‍तता तथा राजस्‍व जुटाने के अवसरों की जांच करेगी।

· रेल मंत्री के निर्देश पर रेलवे बोर्ड ने ए-1 और ए श्रेणी के 50 प्रमुख रेलवे स्‍टेशनों पर सफाई के आउटसोर्सिंग उद्देश्‍य के लिए पेशेवरों/प्रख्‍यात एजेंसियों को नियोजित करने के लिए निविदाएं आमंत्रण हेतु रेल के सभी मंडलों को दिशा निर्देशों का एक सेट जारी किया है। रेल मंत्री श्री सुरेश प्रभाकर प्रभु ने भारतीय रेलों में टिकाऊ सफाई गतिविधियों पर जोर दे रहे हैं।

· रेल मंत्री ने स्‍टेशनों, प्‍लेटफार्मों और डिब्‍बों में सफाई के बारे में समेकित नीति तैयार करने के बारे में भी निर्देश दिए हैं। यह नीति स्‍वच्‍छता से जुड़े विभिन्‍न विभागों के बीच में बेहतर एवं प्रभावी समन्‍वय सुनिश्चित करेगी और स्‍वच्‍छता के क्षेत्र में स्‍पष्‍ट मानकों की स्‍थापना करने में मदद करेगी। इस नीति में कूड़े-कचरे को एकत्र करने,उन्‍हें छांटने और निस्‍तारन के बारे में स्‍पष्‍ट प्रक्रियागत सुझाव दिए जाएंगें।

· अतिरिक्‍त राजस्‍व जुटाने के दृष्टिकोण से रेल मंत्री श्री सुरेश प्रभाकर प्रभु ने रेल मंत्रालय की सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम राइट्स को 1 दिसंबर, 2014 को निर्देश दिए हैं कि वह रेल के डिब्‍बों, वैगनों, रेलवे स्‍टेशनों आदि में विज्ञापन, प्रचार और अन्‍य उद्देश्‍यों के लिए खाली जगह के उपयोग के लिए अर्थोपाय का अध्‍ययन करके एक अवधारणा नोट जल्‍द से जल्‍द तैयार करे। यह अनुभव किया गया है कि भारतीय रेल के कोच, डिब्‍बों, रेलवे स्‍टेशनों आदि में बहुत स्‍थान बेकार खाली पड़ा है जिसका इस उद्देश्‍य के लिए उपयोग किया जा सकता है। राइट्स ने एक रिपोर्ट प्रस्‍तुत की है। अब इस परियोजना की जांच और कार्यान्‍वयन के लिए रेलवे बोर्ड के यातायात सदस्‍य की अध्‍यक्षता में एक छह सदस्‍यीय कार्यबल की स्‍थापना की गई है।

· रेल मंत्री ने 1 दिसंबर, 2014 को रेलवे बोर्ड को रेलवे ट्रेक पर पड़े घायल व्‍यक्तियों को तेजी से उठाने के संबंध में मानक परिचालन प्रक्रियाएं (एसओपी) अपनाने का निर्देश दिया है ताकि, मानव जीवन बचाया जा सके। रेल मंत्री ने सर्वसंबंधितों द्वारा एसओपी का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए प्रणालीयुक्‍त ढांचा लागू करने की इच्‍छा जाहिर की है।

· रेल मंत्री के निर्देश से रेलवे बोर्ड के इंजीनियरिंग सदस्‍य की अध्‍यक्षता में एक कार्यदल का गठन किया गया है जिसे ऐसे तंत्र के बारे में सुझाव देना है जिसमें वित्‍तीय तथा विभिन्‍न क्षेत्रों/ कार्यों के टेंडर से संबंधित निर्णयों को लेने से जुड़े उचित अधिकारों के बारे में सुझाव देना है। यह कार्यवल आंतरिक जांच एवं संतुलन के लिए उचित प्रौद्योगिकी आधारित कार्य ढांचे के बारे में भी सुझाव देगा।

· भारतीय रेल के इतिहास की अन्‍य महत्‍वपूर्ण घटना है, मेघालय के मेंडीपाथर को असम के गुवाहाटी से नये रेल मार्ग द्वारा जोड़ना है। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने इस नई रेलवे लाइन पर 29 नवंबर, 2014 को पहली रेल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इससे एक और पूर्वोत्‍तर राज्‍य मेघालय रेल नेटवर्क के माध्‍यम से जुड़ गया है।

· पूर्वोत्‍तर क्षेत्र में रेलवे जुड़ाव के विकास को और गति प्रदान करने के लिए माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने 29 नवंबर, 2014 को मिजोरम में भैरवी से सैरांग तक एक नये रेलमार्ग की आधारशिला रखी। इससे मिजोरम की राजधानी आइजोल रेलमार्ग से जुड़ जाएगी।

· रेल मंत्रालय का कार्यकाल संभालने के तुरंत बाद नये रेल मंत्री ने विभिन्‍न रेलवे परियोजनाओं को पूरी निपुणता से लागू करने के कार्य में तेजी लाने और कार्य में पारदर्शिता के बारे में अपनी चिंता जाहिर की। रेल मंत्री ने पहला निर्णय यह लिया कि कोई भी निविदा प्रक्रिया का निपटान रेल मंत्री के स्‍तर पर नहीं होगा बल्कि, परिचालन स्‍तरों पर शक्तियां प्रायोजित की जाएगी ताकि, निर्णय लेने में उचित कुशलता सुनिश्चित की जा सके। इस उद्देश्‍य के लिए मंत्री महोदय ने श्री ई.श्रीधरन भूतपूर्व महाप्रबंधक डीएमआरसी के नेतृत्‍व में एक सदस्‍य समिति नियुक्‍त की और रेलवे बोर्ड के इंजीनियरिंग सदस्‍य को टेंडर निकालने सहित सभी व्‍यावसायिक निर्णय लेने के लिए महाप्रबंधक और अन्‍य कार्यस्‍तर पर जवाबदेही और पार‍दर्शिता सुनिश्चित करने तथा उचित प्रणाली और प्रक्रियाओं के बारे में सुझाव देने के लिए नियुक्‍त किया गया है।

यह समिति रेल मंत्री के निर्णय को तेजी से लागू करने के लिए अपनाए जाने वाली प्रणाली और प्रक्रिया तथा अनुदेशों की नियमपुस्तिका के बारे में अपने सुझाव देगी।

· महाप्रबंधकों को टेंडर एंव वाणिज्यिक अधिकार देने के लिए श्रीधरन की अध्‍यक्षता में गठित एक सदस्‍यीय समिति ने 27 नवंबर, 2014 को रेल मंत्री श्री सुरेश प्रभाकर प्रभु को अपनी अंतरिम रिपोर्ट सौंपी। उल्‍लेखनीय है कि इस समिति का गठन श्री सुरेश प्रभाकर प्रभु ने रेल मंत्री के बतौर अपना पदभार ग्रहण करने के तुरंत बाद सभी टेंडरिंग प्रक्रियाओं में जवाबदेही की प्रक्रियाओं का निर्माण करने के लिए किया था। अंतिम रिपोर्ट तीन महीनों के भीतर आ जाने की उम्‍मीद है।

· 24 नवंबर, 2014 को रेल क्षेत्र पर आयोजित भारत-फ्रांस संगोष्‍ठी में भारतीय रेल ने फ्रांस से उच्‍च गति वाली रेलगाडि़यों के संचालन तथा सुरक्षा, ग्राहक सेवा व स्टेशन विकास तथा बहु-मॉडल वाले स्‍टेशनों के क्षेत्रों में भी सहयोग लेने की इच्‍छा जताई।

· भारतीय रेल और कोरिया गणराज्‍य ने 17 नवंबर, 2014 को रेल क्षेत्र में तकनीकी सहयोग पर एक सहमति पत्र पर हस्‍ताक्षर किए। यह समझौता हाई स्‍पीड रेल, रॉलिंग स्‍टॉक के आधुनिकीकरण रेलवे संचालनों, सिग‍नलिंग निर्माण और रखरखाव प्रौद्योगिकियों के आधुनिकीकरण तथा लॉजिस्टिक्‍स/टर्मिनलों के विकास जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों के रेलवे के बीच तकनीकी सहायता और सहयोग को सक्षम बनाएगा।

· ऊर्जा के ज्‍यादा पर्यावरण अनुकूल संसाधनों का उपयोग करने के इसके उद्देश्‍य के अनुरूप और ऊर्जा मांगों की पूर्ति के लिए तंत्र को मजबूत करने के एक उपाय के रूप में उत्‍तर रेलवे ने 28 अक्‍टूबर, 2014 को श्री माता वैष्‍णों देसी कटरा रेलवे स्‍टेशन पर एक सौर बिजली संयंत्र मुहैया कराने की परियोजना की शुरूआत की। इससे पहले 21 जुलाई, 2014 को उधमपुर, श्रीनगर, बारामूला रेल संपर्क परियोजना के (यूएसबीआरएल) की उधमपुर कटरा नई रेल लाइन के उद्घाटन के दौरान, प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने राष्‍ट्रीय सौर मिशन के एक हिस्‍से के रूप में एक हरित ऊर्जा पहल के बतौर श्री माता वैष्‍णों देवी कटरा रेलवे स्‍टेशन पर एक सौर ऊर्जा संयंत्र मुहैया कराने की अपनी इच्‍छा व्‍यक्‍त की।

· भारतीय रेलवे ने यात्रियों को हाई स्‍पीड इंटरनेट मुहैया कराने के लिए 28 अक्‍टूबर, 2014 को बंगलुरू सिटी रेलवे स्‍टेशन में वाईफाई सुविधा का सफल क्रियान्‍वयन किया। रेल मंत्रालय की एक पीएसयू-रेलटेल कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड का रिटेल ब्रॉडबैंड वितरण मॉडल ‘रेलवायर’ वाईफाई के जरिए इंटरनेट बैंडविड्थ के वितरण के लिए पावर इंजन है। बंगलुरू क्रेंद्र को एक पॉयलट प्रोजेक्‍ट के रूप में लिया गया है।

· रेल मंत्रालय और सड़क परिवहन तथा राजमार्ग मंत्रालय ने सड़कों का उपयोग करने वालों की सुरक्षा को और बढ़ाने के एक कदम के रूप में 10 नवंबर, 2014 को राष्‍ट्रीय राजमार्ग गलियारों पर सेतुओं के ऊपर सड़कों तथा सेतुओं के नीचे सड़कों के निर्माण से संबंधित नीति पर एक सहमति पत्र पर हस्‍ताक्षर किए है।

· प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी द्वारा घोषित ‘स्‍वच्‍छ भारत अभियान’ के एक हिस्‍से के रूप में, भारतीय रेल ने 2 अक्‍टूबर, गांधी जयंती दिवस से ही पूरे देश में ‘श्रमदान’ एवं जागरूकता गतिविधियों से संबंधित एक व्‍यापक भीषध स्‍वच्‍छता अभियान की शुरूआत की। अधिकारियों समेत रेल के 13 लाख से भी अधिक रेलकर्मचारियों/रेल महिला कर्मियों के पूरे समूह से नियमित रूप से या तो स्‍वच्‍छता गतिविधियों से संबंधित ‘श्रमदान’ या फिर स्‍वच्‍छता पर जागरूकता फैलाने के जरिए इस अभियान का हिस्‍सा बनने का आग्रह किया जा रहा है।

· रेलवे ने पूजा की अनुमानित भीड़भाड़ वाली छुट्टियों के दौरान यात्रियों की भीड़ को कम करने और खासकर 24 से 27 अक्‍टूबर, 2014 के दौरान छठ पूजा के दौरान विशेष व्‍यवस्‍था की। दुर्गा पूजा, दीपावली और छठ पर्वों के दौरान यात्रियों की भीड़ कम करने के लिए उत्‍तर रेलवे ने 2485 रेल फेरों की योजना बनाई जबकि पिछले वर्ष की इस अवधि के दौरान 1938 रेल फेरों की व्‍यवस्‍था की गई थी। इस प्रकार नियमित रेलों में संवर्द्धन किया गया था। जिसके परिणामस्‍वरूप 6070 अतिरक्त कोच फेरे लगाए गए। 2013 के 5263 अतिरिक्‍त कोच फेरों की तुलना में यह 151 अधिक है।

· रेलवे में विदेशी प्रत्‍यक्ष निवेश (एफडीआई) के लिए विस्‍तृत क्षेत्रवार नीति दिशानिर्देश को अंतिम रूप दे दिया गया है। इससे पहले रेल मंत्रालय द्वारा क्षेत्रवार दिशानिर्देश की रूपरेखा बनाने तथा एफडीआई के लिए संभावित क्षेत्रों/ परियोजनाओं की पहचान करने के लिए एक समिति का गठन किया गया था। इस समिति ने उद्योग चैंबरों और संभावित निवेशकों के साथ विचार-विमर्श किया और तीन सप्‍ताहों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपी दी।

· रेल मंत्रालय ने रेलगाडि़यों में ई-कैटरिंग सेवा का परीक्षण प्रारंभ किया। इसकी पीएसयू ‘इंडियन रेलवे कैटरिंग एवं टूरिज्‍म कॉरपोरेशन’(आईआरसीटीसी) को इस सेवा को क्रियान्‍वित करने का दायित्‍व दिया गया। आईआरसीटीसी ने परीक्षण आधार पर 25 सितंबर 2014 से दिल्‍ली- अमृतसर रेल मार्ग पर कुछ गाडि़यों में ई कैटरिंग सेवाएं शुरू की है। इस सेवा के जरिये कोई भी यात्री एक फोन कॉल या एसएमएस के जरिये रेल रूट पर अपनी सीट पर खाने के लिए ऑडर दे सकता है। ई- कैटरिंग सेवा की औप‍चारिक शुरूआत का फैसला उपरोक्‍त परीक्षण की सफलता के आधार पर किया जाएगा।

· देश में रेल पर्यटन को बढ़ावा देने और पर्यटकों, खासकर देश में तीर्थयात्रियों को किफायती मूल्‍य पर पर्यटन पैकेज सुलभ कराने के लिए भारतीय रेल ने पहले चरण में छह तीर्थ या‍त्री विशेष रेल गाड़ी पैकेज को अंतिम रूप दिया जिसकी शुरूआत 25 अक्‍टूबर 2005 से हुई। रेलवे ने देवी सर्किट, ज्‍योर्तिलिंग सर्किट, जैन सर्किट, ईसाई सर्किट, मुस्लिम/सूफी सर्किट, सिख सर्किट, बौद्ध सर्किट, विख्‍यात मंदिर सर्किट आदि जैसे विभिन्‍न तीर्थ सर्किट में पर्यटक रेल गाड़ी चलाने का प्रस्‍ताव रखा है। 25 अक्‍टूबर 2014 से प्रारंभ इन छह पैकेज का उद्देश्‍य बजट घोषणा को क्रियान्वित करना है।

· रेल मंत्रालय ने डॉ बिबेक देब रॉय की अध्‍यक्षता में ‘बड़ी रेल परियोजनाओं के लिए संसाधनों को जुटाने तथा रेलवे, मंत्रालय और बोर्ड के पुनर्गठन’ के लिए एक वर्ष की समय-सीमा के साथ 22-9-2014 को एक समिति का गठन किया है।

· रेल क्षेत्र में तकनीकी सहयोग को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार और चीनी गणराज्‍य के बीच 18 सितंबर 2014को दोनों देश के एक प्रतिनिधिमंडल वार्ता के दौरान एक सहमति पत्र (एमओयू) पर हस्‍ताक्षर किए गए। सहमति पत्र में वर्णित सहयोग के संभावित क्षेत्र हैं :

i) भारी मात्रा में माल ढुलाई

ii)मौजूदा रुटों पर गाडि़यों की गति‍ बढ़ाना

iii) स्‍टेशन पुर्नविकास

iv) हाई स्‍पीड रेल

v) रेल विश्‍वविद्यालय की स्‍थापना।

· वर्तमान भारतीय रेल 21 लोकप्रिय रुटों पर प्रीमियम विशेष रेलगाडि़यां चला रही है। इसके अतिरिक्‍त, सात नये रुटों पर प्रीमियम विशेष रेलगाडि़यों को चलाने की योजना बनाई गई है। ये रुट हैं: मुंबई- चेन्‍नई, पुणे-करमाली, हैदराबाद- मुंबई, हैदराबाद-बेंगलुरू, हैदराबाद-चेन्‍नई, जयपुर- बांद्रा टर्मिनस और जयपुर-एरनाकुलम। एक गतिशील कि‍राया प्रणाली के तहत संचालित इन रेलगाडि़यों ने सामान्‍य किरायों पर संचालित रेलगाडि़यों की तुलना में लगभग 40 प्रतिशत अतिरिक्‍त राजस्‍व अर्जित किया है।

· एक अन्‍य इंजीनियरिंग अजूबे में भारतीय रेलवे ने जम्‍मू-कश्‍मीर में उधमपुर-कटरा बड़ी रेलवे लाइन को पूरा किया। प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने 4 जुलाई 2014 को एक कार्यक्रम में इस लाइन को राष्‍ट्र को समर्पित किया। इस लाइन से जम्‍मू-कश्‍मीर घाटी का देश के अन्‍य हिस्‍सो से संपर्क जुड़ गया। जुलाई 2014 से कटरा तक चार रेल सेवाओं की शुरूआत की गई जिनमें- नई दिल्‍ली श्री माता वैष्‍णोदेवी कटरा एक्‍सप्रेस, पठानकोट- श्री माता वैष्‍णोदेवी कटरा डीएमयू और जम्‍मू तवी- श्री माता वैष्‍णोदेवी कटरा के बीच में दो डीएमयू सेवाएं शामिल हैं।

· भारतीय रेलवे ने जम्‍मू-कश्‍मीर में आई भीषण बाढ़ के मद्देनजर आम जनता को हर संभव सहायता देने के लिए अपना पूरा सहयोग दिया। रेलवे ने देश के किसी भी स्‍टेशन से जम्‍मू तवी और उधमपुर तक राहत सामग्री को पहुंचाने की नि:शुल्‍क सेवा प्रदान की। इन राहत सामग्रियों में भोजन, दवाएं, कपड़ें, निर्माण सामग्री और बर्तन इत्‍यादि थे जिन्‍हें जम्‍मू-कश्‍मीर के बाढ़ प्रभा‍वित क्षेत्रों में वितरित किया गया था। रेलवे ने बाढ़ प्रभावितों को स्‍वच्‍छ पेय जल उपलब्‍ध कराने के लिए लगभग चार लाख रेल नीर पानी की बोतलों को उपलब्‍ध कराया।

· सुरक्षा के क्षेत्र में सुधार पर ध्‍यान केन्द्रित करते हुए रेलवे बोर्ड ने डॉ अनिल काकोडकर की अध्‍यक्षता में रेल मंत्रालय द्वारा उच्‍च स्‍तरीय सुरक्षा समीक्षा समिति से जुड़े विभिन्‍न तकनीकी पहलुओं की सिफारिशों की समीक्षा के लिए कई बार बैठकों का आयोजन किया। इसका अहम उद्देश्‍य इन सिफारिशों की स्‍वीकार्यता एवं उनके क्रियान्‍वयन से जुड़े से पहलुओं की जांच करना था। वर्ष 2014-15 में ऑटोमेटिक ब्‍लॉक सिगनलिंग, 150 किलोमीटर लम्‍बे रुट पर ऑटोमेटिक सिगनलिंग का लक्ष्‍य रखा गया है।

· यात्री रेल गाडि़यों की रफ्तार को बढ़ाने पर ध्‍यान देने की अपनी मुहिम के तहत रेलवे ने नई दिल्‍ली आगरा के बीच 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से सेमी हाई स्‍पीड गाडि़यों का सफल परीक्षण किया है। फिलहाल इस तेज रफ्तार वाली रेल गाड़ी ‘गतिमान’ के वाणिज्‍यक परिचालन को शुरू किए जाने के लिए रेलवे सुरक्षा आयुक्‍त की मंजूरी का इंतजार है। इस श्रेणी में 160 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलने वाली रेल गाडि़यों के रूट निम्‍न हैं: दिल्‍ली-आगरा, दिल्‍ली- चंडीगढ़, दिल्‍ली– कानपुर, नागपुर- बिलासपुर, मैसूर- बैंगलुरु, मुंबई-गोवा, मुंबई-अहमदाबाद, चेन्‍नई- हैदराबाद और नागपुर-सिकंदराबाद शामिल है। इन रेल रूटों के परिचालन के विस्‍तृत पहलुओं का अध्‍ययन तथा उनकी जांच विभिन्‍न चरणों में है।

· रेल मंत्रालय ने देश में हाई स्‍पीड बुलेट ट्रेन को शुरू करने के लिए मुंबई अहमदाबाद कॉरिडोर में पहल की । यह रेलवे की उस महत्‍वाकांक्षी रेल परियोजना का हिस्‍सा है जो देश के बड़े महानगरों और वृद्धि केन्‍द्रों को हाई स्‍पीड रेल के जरिये डायमंड चतुर्भुज नेटवर्क के तहत लाएगा। इस संबंध में रेल मंत्री को एक विस्‍तृत ब्‍यौरा भी पेश किया गया है और मुंबई- अहमदाबाद के लिए जेआईसीए की अंतरिम रिपोर्ट संख्‍या 1 एवं संख्‍या 2 रेलवे बोर्ड को प्राप्‍त हो चुकी हैं। आरवीएनएल/ एचएसआरसी के लिए हाई स्‍पीड परियोजना के मद्देनजर बजट में 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। प्रधानमंत्री की हाल ही की जापान यात्रा के दौरान इस मुद्दे पर विचार किया गया था। जापान ने भारत में बुलेट ट्रेन शुरू करने की परियोजना के तहत वित्‍तीय, तकनीकी और संचालन सहायता देने पर सहमति व्‍यक्‍त की है। बुलेट ट्रेन शुरू करने के लिए नई दिल्ली और चेन्‍नई के बीच एक नये रूट की पहचान की गई है और चीन को इस लाइन के स्‍वीकार्यरता अध्‍ययन का जिम्‍मा सौंपा गया है।

· रेल यात्रियों को बाधा मुक्‍त सेवाओं को उपलब्‍ध कराने के लिए भारतीय रेलवे ने अपने स्‍वायत्‍त संगठनों, केन्‍द्रीय रेलवे सूचना केन्‍द्र (सीआरआईएस) द्वारा शुरू किए गए नये सूचना प्रौद्योगिकी प्रयासों/ अनुप्रयोंगों को शुरू किया है। इनमें से कुछ मुख्‍य बातें इस प्रकार हैं-अगली पीढ़ी की ई टिकटिंग प्रणाली (एनजीईटी): एनजीईटी प्रणाली अब प्रति मिनट 2000 टिकटों की तुलना में 7200 टिकटों की ऑन लाइन बुकिंग कर सकती है और प्रति मिनट 50,000 पूछताछ संबंधी जानकारी के मुकाबले दो लाख पूछताछ कॉल्‍स को रिसीव कर सकती है। इस सेवा को शुरू कर दिया गया है।

· माल भाड़ा ई-मांग प्रणाली- मालगाडि़यों में सामान को लाने- ले जाने के लिए रैक्‍स एवं बैगन के लिए रजिस्‍ट्रेशन एवं मांग को देखते हुए एक ऑन लाइन प्रणाली को ई-डिमांड माल भाड़ा संचालन सूचना प्रणाली के साथ शुरू किया गया है। इस मॉडयूल को शुरू करने से अब उपभोक्‍ता घर बैठे ही अपने सामान की बुकिंग के लिए पंजीकरण करा सकते हैं। इसे फ्राइट ई डायवर्सन प्रणाली कहा गया है।

· भारतीय रेलवे ने एक नवीन योजना ‘एसएमएस गेटवे’ को शुरू कर अपनी उपलब्धियों में एक और मील का पत्‍थर हासिल कर लिया है। इस प्रणाली से यात्रियों को उनके आरक्षित टिकटों की स्थिति के बारे में एसएमएस के जरिये जानकारी (अलर्ट) मिलती रहेगी। एसएमएस गेटवे परियोजना का इस्‍तेमाल यात्रियों को उनके टिकटों की शुरूआती बुकिंग से लेकर उनके वेटिंग लिस्‍ट से आरएसी, आरएसी से कंफर्म और वेटिंग लिस्‍ट से कंफर्म होने की सूचना मिलती रहेगी। यदि टिकटों की स्थिति में कोई बदलाव होता है तो रेलवे चार्ट बनने से पहले दिन में एक बार एसएमएस अलर्ट भेजा जाएगा।

· अगस्‍त 2014 में रेलवे ने एक नई योजना यात्री टिकट सेवा केन्‍द्र शुरू की है। इस योजना में भारतीय रेलवे के एजेंट शहरों और नगरों में विभिन्‍न स्‍थानों पर टिकट टर्मिनल्‍स का संचालन करते हुए आरक्षित एवं अनारक्षित टिकट उपलब्‍ध करा सकते हैं। इस योजना का मुख्‍य लक्ष्‍य भारतीय रेलवे की टिकटिंग प्रणाली की पहुंच आम जनता तक अधिक से अधिक करना है। यह सार्वजनिक निजी सहभागिता पर आधारित है और निजी ऑपरेटरों तथा भारतीय रेलवे के बीच आमदनी को साझा करेगी।

· रेल मंत्रालय के तहत सार्वजनिक उपक्रम भारतीय रेलवे कैटरिंग एवं पर्यटन निगम के नये रेल नीर संयंत्र का अंबरनाथ (मुंबई ) में व्‍यापारिक उत्‍पादन के लिए उद्घाटन किया गया। इस संयंत्र की उत्‍पादन क्षमता दो लाख लीटर प्रति दिन है। इससे चार संयंत्रों की पैक्‍ड पेयजल का दैनिक कुल उत्‍पादन (चार संयंत्रों) 6.1 लाख लीटर हो जाएगा। अभी तक वर्तमान तीन रेल नीर संयंत्र देश के उत्‍तरी, पूर्वी और दक्षिणी हिस्‍सों में पैक्‍ड जल की आपूर्ति करते थे।

· कोयले का परिवहन भारतीय रेलवे की एक महत्‍वपूर्ण गतिविधि है जो देश की ऊर्जा आपूर्ति का एक अहम हिस्‍सा है। रेलवे ने बिजली और कोयला मंत्रालयों के साथ मिलकर एक विशेष संयुक्‍त बैठक का आयोजन किया है ताकि तीन महत्‍वपूर्ण कोयला संपर्क परियोजनाओं को त्‍वरित गति से पूरा किया जा सके और इसके बेहतर समन्‍वय के लिए बहुअनुशासनात्‍मक परियोजना निगरानी यूनिट की स्‍थापना की। कोयला परिवहन के लिए तीन रेल सपंर्क परि‍योजनाएं इस प्रकार हैं :

i) झारखंड के उत्‍तर कर्णपुरा में टोरी शिवपुर (44 किलोमीटर), शिवपुर कथोटिया (53 किलोमीटर) लम्‍बी रेलवे लाइन

ii) ओडिशा की एलबी घाटी में झासूगोड़ा,बारपल सरदेगा रेल लाइन (53 किलोमीटर), iii) छत्‍तीसगढ़ के मांड- रायगढ़ कोयला क्षेत्र में 180 किलोमीटर लम्‍बी भूपदेवपुर- कोरीछापार, धर्मजयगढ़ रेल लाइन

· रेलवे ट्रैक के 591 किलोमीटर लम्‍बे मार्ग के विद्युतीकरण का काम शुरू किया जा चुका है जिसमें 150 किलोमीटर लम्‍बी वैल्लूर- विल्‍लूपुरम, 100 किलोमीटर लम्‍बी पठानकोट- जम्‍मू तवी, 81 किलोमीटर लम्‍बी मनमाड़ पुनताम्‍बा- शिरडी, 88 किलो मीटर लम्‍बी बाराबंकी –गोंडा, 88 किलोमीटर लम्‍बी छपरा- सिवान- थावे और 84 किलो मीटर लम्‍बी खुर्जा- मेरठ लम्‍बी रेल लाइन शा‍मिल है।

· भारतीय रेल में ऊर्जा क्षमता में और सुधार लाने के प्रयास के तहत रेल मंत्रालय के अधीन स्‍वायत्‍त संगठन सेंटर ऑफ रेलवे इंर्फोमेंटिक्‍स सिस्‍टम ने वेब आधारित इलेक्ट्रिकल एनर्जी मैंनेजमेंट सिस्‍टम, रेल सेवर को विकसित किया है। इसे भी राष्‍ट्र को समर्पित कर दिया गया है। पोर्टल रेल सेवा ऊर्जा उपभोग संबंधि आकड़ों के के लिए एक संपूर्ण सूचना प्रौद्योगिकी आधारित प्‍लेटफॉर्म मुहैया कराएगा जो भविष्‍य में भारतीय रेल के ऊर्जा संरक्षण प्रयासों को बढ़ाने, इन्‍हें लागू करने तथा इनकी शुरूआत करने में विभिन्‍न प्रकार के ऊर्जा संबंधी आंकडों के क्रमिक एकत्रीकरण उनकी व्‍याख्‍या एवं विश्‍लेषण में मददगर साबित होगा। जैसाकि रेलवे के दृष्टिकोण पत्र में लक्ष्‍य तय किया गया है उसी के अनुरूप यह रेल पोर्टल ऊर्जा दक्षता उपायों में सुधार के चलते वर्ष 2020 तक लगभग 15 प्रतिशत ऊर्जा बचाने में मदद करेगा।

· राय बरेली स्थित रेल कोच फैक्‍ट्री में कुल 2.1 मेगावाट क्षमता वाले सौर ऊर्जा आधारित पैनलों की स्‍थापना कर इन्‍हें शुरू कर दिया गया है। इस समय इस फैक्‍ट्री में पूरी तरह सौर ऊर्जा से कार्य किया जा रहा है। इसके अलावा कटरा स्‍टेशन में भी सोलर पावर परियोजना स्‍थापित करने का काम शुरू किया जा चुका है जिसके दिसम्‍बर के अंत तक पूरा हो जाने की उम्‍मीद है। राजधानी दिल्‍ली स्थित रेल भवन की बिल्डिंग पर 23 दिसंबर 2014 को एक सौर संयंत्र को शुरू किया गया है।

· रेल क्षेत्र में तकनीकी सहयोग के लिए 19-8-2014 को भारत सरकार के रेल मंत्रालय, चेक गणराज्‍य के चेक रेलवे विभाग और चेक रेलवे उद्योग संघ के बीच में एक ज्ञापन पत्र पर हस्‍ताक्षर किए गए।

· भारतीय रेलवे ने रेल गाडि़यों और स्‍टेशनों पर कैटरिंग की सुविधा में सुधार के लिए अपनी निगरानी प्रक्रिया को काफी मजबूत किया है। हाल ही में रेल गाडि़यों में यात्रियों को गुणवत्‍ता युक्‍त भोजन उपलब्‍ध कराने में लापरवाही की दोषी पाई गई 13 कैटरिंग एजेंसियों पर एक-एक लाख रुपये (प्रत्‍येक) जुर्माना लगाया गया है। विभिन्‍न क्षेत्रों में यात्रियों को प्रमुखता देने के लिए राजधानी, शताब्‍दी और दुरंतों रेल गाडि़यों में देश के विभिन्‍न हिस्‍सों-उत्‍तर-दक्षिण, पूरब-पश्चिम के व्‍यंजनों को शामिल किया जाएगा।

· इस वर्ष ग‍र्मियों के व्‍यस्‍त सीजन में यात्रियों की संख्‍या में बढ़ोतरी को देखते हुए रेलवे ने विशेष रेल गाडि़यों के 8778 फेरों का आयोजन किया गया है। इसके अलावा अस्‍थायी आधार पर 25452 अति‍रिक्‍त कोच भी जोड़े गए और स्‍थायी आधार पर 40 अतिरिक्‍त कोच जोड़े गए।

· रेल मंत्रालय रेल गाडि़यों के जरिये दूध की आपूर्ति को बेहतर बनाने की दिशा में विशेष कदम उठा रहा है। इसके तहत नये डिजाइन वाली दुध वैगन्‍स को अंतिम रूप दिया जा चुका है। अगले तीन वर्षों में दूध के इंतजाम के लिए पहले ही 60 रेल दुग्‍ध टैंकरों के लिए प्रस्‍ताव दिया जा चुका है और राष्‍ट्रीय डेरी विकास बोर्ड एवं अमूल की ओर से इनमें से 30 रेलवे दूध टैंकरों के लिए मैसर्स राइट्स ने ऑर्डर दे दिया है।

· आधुनिक इंटरनेट मीडिया के साथ कदम मिलाते हुए भारतीय रेलवे ने अपने तीन सोशल मीडिया प्‍लेटफॉर्म – फेसबुक, ट्वीटर और यूट्यूब की शुरूआत की है। इसका लिंक URL @railminindia. है। पहली बार सोशल मीडिया के लिए रेलवे बजट में व्‍यवस्‍था की गई है।

· भारतीय दल का एक हिस्‍सा रहे रेलवे के खिलाडि़यों ने हाल ही में ग्‍लासगो, स्‍कॉटलैंड में आयोजित राष्‍ट्रमंडल खेल 2014 (सीडब्‍ल्‍यूजी) में भारत द्वारा जीते गए कुल 64 पदकों में से 9 मेडल जीतकर देश को गौरव प्रदान किया है। भारतीय रेल ने इन सभी खिलाडि़यों को नकद ईनाम देने की घोषणा करके इनका सम्‍मान किया है।

· स्‍वतंत्रता दिवस 2014 के अवसर पर माननीय राष्‍ट्रपति ने 14 आरपीएफ/ आरपीएसएफ के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए राष्‍ट्रपति का पुलिस पदक और सराहनीय सेवा के लिए पुलिस पदक प्रदान किए हैं।

· भारतीय रेल ने विशेष रूप से डिजाइन किए गए नमक वैगन विकसित किए हैं। ये वैगन नमक के ढुलाई के लिए एफआरपी लाइनिंग एवं स्‍लाइडिंग प्रूफ बनाए गए हैं। इनका कम टेयर वजन होने से इन पर अधिक माल लादा जा सकता है जिससे अधिक राजस्‍व प्राप्‍त होगा।

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