स्वाइन फ्लू से सतर्क रहना जरूरी

इंदौर | मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. महेश मालवीय ने बताया कि स्वाइन फ्लू इंफ्लुएंजा एच-1 एन-1 से आम नागरिक घबरायें नहीं, बल्कि तुरंत चिकित्सक की सलाह से इलाज करायें। उन्होंने बताया कि स्वाइन फ्लू के हल्का बुखार, खाँसी, शरीर में दर्द, सिर में दर्द, उल्टी और दस्त प्रारंभिक लक्षण हैं, मगर बी-1 स्वाइन फ्लू उच्च तापमान का बुखार और गले में तीव्र खराश होती है। इसी प्रकार बी-2 स्वाइन फ्लू में 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चे और 65 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्ग के फेफड़ों, ह्मदय, लीवर, गुर्दे के रोगी को कैंसर, एचआईव्ही व एड्स के लक्षण भी पाये जाते हैं। इसी प्रकार ए और बी श्रेणी के स्वाइन फ्लू में सांस लेने में परेशानी, सीने में दर्द, अनिद्रा, निम्न रक्तचाप, थूक के साथ खून और चिड़चिड़ापन के लक्षण दिखाई देते हैं।

डॉ.मालवीय ने बताया कि स्वाइन फ्लू के लक्षण दिखाई देते ही मरीज को डॉक्टर के पास ले जाना चाहिये तथा स्वाइन फ्लू की प्रारंभिक जांच करना चाहिये। गंभीर रोगी को अस्पताल में भर्ती भी किया जा सकता है। स्वाइन फ्लू सामान्य रोगी को घर में ही अलग रखना चाहिये। जिला प्रशासन द्वारा सीएमएचओ कार्यालय में स्वाइन फ्लू के लिये कन्ट्रोल रूम की स्थापना की गयी है, जिसका नम्बर 0731-2537253 है।

इंदौर | मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. महेश मालवीय ने बताया कि स्वाइन फ्लू इंफ्लुएंजा एच-1 एन-1 से आम नागरिक घबरायें नहीं, बल्कि तुरंत चिकित्सक की सलाह से इलाज करायें। उन्होंने बताया कि स्वाइन फ्लू के हल्का बुखार, खाँसी, शरीर में दर्द, सिर में दर्द, उल्टी और दस्त प्रारंभिक लक्षण हैं, मगर बी-1 स्वाइन फ्लू उच्च तापमान का बुखार और गले में तीव्र खराश होती है। इसी प्रकार बी-2 स्वाइन फ्लू में 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चे और 65 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्ग के फेफड़ों, ह्मदय, लीवर, गुर्दे के रोगी को कैंसर, एचआईव्ही व एड्स…

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