Don't Miss

51 हजार दीपो से माँ गंगा आरती

चंदौली [ IDS ] देव दीपावली के अवसर पर वाल्मीकि की भूमि एवं पश्चिम वाहिनी माँ गंगा के तट पर गंगा आरती का आयोजन हुआ । वही 51 हजार दीपो से माँ गंगा के घाटो को सजाया गया ।गंगा सेवा समिति द्वारा गंगा तट पर गंगा आरती का आयोजन किया गया । आरती के समाप्त होते ही पूरा वातावरण माँ गंगा और हर हर महादेव के नारो से गुंजायमान हो गया । साथ ही वहां उपस्थित लोगो ने जमकर आतिशबाजी भी की ।गोमुख से गंगासागर तक की अपनी यात्रा मेंभागीरथीचंदौली जिले केबलुआ क्षेत्र मेंलगभग पांच किलोमीटर मुड़कर कर पश्चिम दिशा में प्रवाहित होती है । इसीलिए यहाँ इनका नाम पश्चिम वाहिनी भी पड़ा है ।

मान्यता है की जब गोमुख सेराजा भगीरथ गंगा जी को ले के चले तो किसी कारन वश उनका रथ यहाँ फस गया और उलटी दिशा में मुड़ गया । इसीलिए माँ गंगा का प्रवाह यहाँ पश्चिम दिशा में मुड़ गया ।तभी से यहाँ पतित पावनि व पश्चिम वाहिनी माँ गंगा का पूजन होने लगा । गोस्वामी तुलसी दास जी ने रामचरित मांनस में उल्लेख भी किया है ” उलटा नाम जपत जग जाना , बाल्मीकि भय ब्रम्ह समाना । चुकी ये मह्रिषी वाल्मीकि की तपोस्थली है इसलिए इसका महत्व और भी बढ़ जाता है ।

रिपोर्ट :- संतोष जायसवाल

चंदौली [ IDS ] देव दीपावली के अवसर पर वाल्मीकि की भूमि एवं पश्चिम वाहिनी माँ गंगा के तट पर गंगा आरती का आयोजन हुआ । वही 51 हजार दीपो से माँ गंगा के घाटो को सजाया गया ।गंगा सेवा समिति द्वारा गंगा तट पर गंगा आरती का आयोजन किया गया । आरती के समाप्त होते ही पूरा वातावरण माँ गंगा और हर हर महादेव के नारो से गुंजायमान हो गया । साथ ही वहां उपस्थित लोगो ने जमकर आतिशबाजी भी की ।गोमुख से गंगासागर तक की अपनी यात्रा मेंभागीरथीचंदौली जिले केबलुआ क्षेत्र मेंलगभग पांच किलोमीटर मुड़कर कर पश्चिम दिशा में…

Review Overview

User Rating: Be the first one !

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*

Translate »