चौराहों के पुनर्निर्माण/पुनर्संरचना के लिये नया प्रोजेक्ट – कलेक्टर

इंदौर : शहर के सभी मुख्य चौराहों को पुनर्निर्माण/पुनर्संरचना के लिये एक प्रोजेक्ट बनाया जायेगा। इस प्रोजेक्ट को विशेष नाम दिया जायेगा। जिसके अंतर्गत विशेषज्ञ समिति यातायात की समीक्षा कर अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत करेगी, तदुपरांत चौराहों का पुनर्निर्माण/पुनर्संरचना किया जायेगा। जिसमें रेडिसन चौराह, बड़ा गणपति चौराह, खजराना चौराह, फूटी कोटी चौराह, रीगल चौराह, मधुमिलन चौराह प्रमुख हैं। यह बात कलेक्टर श्री पी.नरहरि ने जिला यातायात, सड़क सुरक्षा समिति एवं बस स्टेण्ड निगरानी समिति की बैठक में कही। कलेक्टर ने कहा कि शहर में यातायात का प्रबंधन बहुत जरूरी है,जिससे की यातायात सुगम व त्वरित गति से चलता रहे, इसके लिये नगर निगम, पुलिस और प्रशासन संयुक्त रूप से विशेषज्ञों के साथ सर्वे करेंगे। साथ ही साथ शहर में पहले 41 एकांगी मार्ग थे उनका भी पुनर्निरीक्षण कर अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत करेंगे।

बैठक में निर्णय लिया गया कि समिति द्वारा जो भी निर्णय लिये जा रहे हैं उनके क्रियान्वयन के संबंध में अपर कलेक्टर की अध्यक्षता में क्रियान्वयन समिति का गठन किया गया है। जो प्रत्येक 15 दिन में निर्णयों के क्रियान्वयन की समीक्षा करेगी। अग्रसेन चौराह लोहा मण्डी क्षेत्र में भारी वाहनों की आवाजाही को देखते हुये सचिव कृषि उपज मण्डी को निर्देशित किया गया है कि मण्डी स्थानांतरण के लिये कार्ययोजना बनाकर प्रस्तुत करें। मास्टर प्लान के अंतर्गत कृषि उपज मण्डी के लिये पालदा के पास जगह चिन्हित की गयी है।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया सिंहस्थ के पूर्व सरवटे,गंगवाल और नवलखा बस स्टेण्ड को शहर से बाहर स्थापित किया जायेगा जिससे कि अंतर्राज्यीय एवं राज्य के विभिन्न शहर से आने वाली बसें शहर में प्रवेश न करे। शहर में केवल सिटी बसें ही चलेंगी। शहर में यातायात को सुगम करने के लिये स्मार्ट सिग्नल लगाये जाने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुयी। जिस पर कलेक्टर ने कहा कि सभी चौराहों का सर्वे सी-डेक के माध्यम कराया जायेगा। यातायात को सुरक्षित बनाने के लिये समिति ने निर्णय लिया है कि जिन चालकों के विरूद्ध चालानी कार्यवाही की गयी है उन सभी कार्यवाहियों को उनके लायसेंस के चिप में अंकित किया जायेगा और लगातार चालानी कार्यवाही होने पर लायसेंस निरस्त किया जायेगा।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि जो ऑटो चालक व वाहन चालक बच्चों को स्कूल लाने- ले जाने का कार्य करते हैं, क्षमता से अधिक बच्चों को लाने ले जाने पर उनके विरूद्ध चालानी कार्यवाही की जा रही है। इसके लिये आरटीओ विशेष अभियान चलायेंगे। विभिन्न मार्गों पर वाहनों की गतिसीमा निर्धारित करने के लिये यह निर्णय लिया गया कि एक समिति इस पर विचार करेगी और गति सीमा निर्धारित करने के लिये प्रस्ताव देगी। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि ट्रांसपोर्ट नगर के लिये जाने वाले हेवी ट्रफिक को एम.आर.11 से लाया जायेगा।

बैठक में बस स्टेण्ड के अनुरक्षण शुक्ल पर भी चर्चा हुयी। जिस पर कलेक्टर ने निर्देश दिये हैं कि जिन बस मालिकों ने अनुरक्षण शुल्क जमा नहीं किया है, उनके विरूद्ध तुरंत कार्यवाही की जाये। बैठक में बसों के लिये ई-टिकिटींग व्यवस्था लागू करने पर भी चर्चा हुई। साथ ही बीआरटीएस के साथ फीडर रूट पर मैजिक गाड़ी व मारूति वेन चलाने के लिये रूट निर्धारित करने के लिये भी सहमति हुयी। बैठक में बताया गया कि विधायक श्री गुप्ता द्वारा विभिन्न मार्गों पर लोक परिवहन सेवा उपलब्ध कराने के लिये कहा था, जिसमें बताया गया कि 65 छोटी बसें आने पर उन सभी वैकल्पिक मार्गों पर बसें संचालित की जायेगी। बैठक में नगर निगम कमिश्नर श्री मनीष सिंह, अपर कलेक्टर श्री दिलीप कुमार,एस.पी. श्री पंकज श्रीवास्तव, यातायात विशेषज्ञ श्री जगतनारायण जोशी, आरटीओ एम.पी.सिंह, नगर निगम, आईडीए के अधिकारी भी उपस्थित थे।

इंदौर : शहर के सभी मुख्य चौराहों को पुनर्निर्माण/पुनर्संरचना के लिये एक प्रोजेक्ट बनाया जायेगा। इस प्रोजेक्ट को विशेष नाम दिया जायेगा। जिसके अंतर्गत विशेषज्ञ समिति यातायात की समीक्षा कर अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत करेगी, तदुपरांत चौराहों का पुनर्निर्माण/पुनर्संरचना किया जायेगा। जिसमें रेडिसन चौराह, बड़ा गणपति चौराह, खजराना चौराह, फूटी कोटी चौराह, रीगल चौराह, मधुमिलन चौराह प्रमुख हैं। यह बात कलेक्टर श्री पी.नरहरि ने जिला यातायात, सड़क सुरक्षा समिति एवं बस स्टेण्ड निगरानी समिति की बैठक में कही। कलेक्टर ने कहा कि शहर में यातायात का प्रबंधन बहुत जरूरी है,जिससे की यातायात सुगम व त्वरित गति से चलता रहे, इसके लिये…

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