Indore Dil Se - News

पेड़ हमारे लिए भगवान स्वरूप है वे हमें जिंदगी देते है – मुख्यमंत्री

इंदौर (आई.डी.एस.) मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान रविवार 02 जुलाई को सपत्नीक इंदौर संभाग के खण्डवा जिले के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल ओंकारेश्वर में पहुंचे। यहां उन्होंने ओंकार पर्वत पर मॉं आनंदमयी आश्रम परिसर में विशेष रूप से तैयार की गई नवगृह वाटिका में नवग्रहों के प्रतीक पौधों का रोपण कर नमामि देवि नर्मदे अभियान के तहत आयोजित एक दिवसीय वृहद वृक्षारोपण के महा अभियान की शुरूआत की। इस अवसर पर पुण्य सलिला जीवन दायिनी मॉं नर्मदा मैया के पावन तट पर लगभग36 हजार पौधो का एक दिन में ही रोपण कर ओंकार पर्वत को हरियाली की चादर ओढ़ाई गई।

वृक्षारोपण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि पेड़ हमें जिंदगी देते है और जिंदगी देने वाला भगवान होता है। इस तरह पेड़ हमारे लिए भगवान स्वरूप है। उन्होंने कहा है कि पेड़ हमारे जीवन के लिए सबसे बहुमूल्य ऑक्सीजन प्रदान करते है तथा हमारे द्वारा छोड़ी गई हानिकारक गैस कार्बन डाई आक्साइड को स्वयं ग्रहण करते है। पेड़ों को लगाकर हम धरती के पर्यावरण को ही नहीं बल्कि दुनिया व पृथ्वी पर विद्यमान सभी जीवों को बचाने का भी प्रयास कर रहे है।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि धरती मॉं का तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है। हाल ही में पेरिस में दुनिया भर के राजनेता एकत्रित हुए थे जिसमें बताया गया कि 2050 तक धरती का तापमान 2 डिग्री सेल्सियस बढ़ जायेगा। इससे गर्मी तो बढ़ेगी ही, साथ ही पर्वतों के ग्लेशियर पिघलने से समुद्र का जल स्तर बढ़ जायेगा और कई द्वीप व टापू समुद्र में डूब जायेंगे, इससे वर्षा भी अनियमित होगी। इसलिए यह जरूरी है कि धरती का तापमान न बढ़े। उन्होंने कहा कि दुनिया के अन्य देशों के साथ ही भारत ने भी यह संकल्प लिया है कि धरती का तापमान नहीं बढ़ने देंगे और तापमान कम करने के लिए पेड़ लगाना जरूरी है। हमारे प्रदेश में आज के दिन करोड़ो की संख्या में पेड़ लगाकर धरती और दुनिया को बचाने के भारत के संकल्प को पूरा करने में महती योगदान दिया है।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि पुण्य सलिला मॉं नर्मदा वैसे तो शिवकन्या व मेकलसुता है किन्तु भौतिक रूप से सतपुड़ा व विध्यांचल पर्वत के जंगलों में पेड़ों की जड़ों द्वारा वर्षा के दौरान अवशोषित जल को बूंद-बूंद कर छोड़ने से बनी धारा के रूप में बहती है। नर्मदा मॉं की धारा कल-कल व छल-छल होकर सतत अविरल बहती रहे, इसलिए नर्मदा सेवा यात्रा के समय यह संकल्प लिया था कि नर्मदा के दोंनो तटों पर व्यापक वृक्षारोपण किया जाये। आज मुझे खुशी हो रही है कि प्रदेश की जनता ने इस अभियान को व्यापक समर्थन दिया है और करोड़ो की संख्या में नर्मदा बेसिन में पौधो को रोपकर प्रदेश सरकार के संकल्प को पूरा करने में अपनी महती आहूति दी है।

अगले वर्ष भी चलाया जायेगा पौध रोपण का यह महाअभियान
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि हमें खुशी है कि मध्यप्रदेश की जनता ने जागरूक होकर आज 02 जुलाई को वृहद वृक्षारोपण अभियान को जनोत्सव का रूप दिया है। पेड़ लगाने के लिए हर वर्ग व समुदाय के साथ ही धार्मिक, सामाजिक, स्वैच्छिक संगठन, जनप्रतिनिधि, अधिकारी तथा कर्मचारीगण आगे आये और पेड़ लगाने का एक नया इतिहास रचा है। उन्होंने बताया कि अकेले इंदौर संभाग में ही लगभग 2 करोड़ पौधो का एक दिन में ही रोपण हुआ है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने घोषणा की कि अगले वर्ष भी पौध रोपण का यह अभियान चलाया जायेगा। आज के दिन जो पौधे रोपे गए है उनके संरक्षण व देखभाल के लिए पौध रक्षकों की व्यवस्था की जायेगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने ओंकारेश्वर पहुंचने पर प्रारंभ में अपनी धर्मपत्नि श्रीमती साधना सिंह चौहान के साथ पुण्य सलिला मॉं नर्मदा की विधिवत पूजा अर्चना की। तत्दोपरांत कन्या पूजन भी किया।

इंदौर (आई.डी.एस.) मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान रविवार 02 जुलाई को सपत्नीक इंदौर संभाग के खण्डवा जिले के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल ओंकारेश्वर में पहुंचे। यहां उन्होंने ओंकार पर्वत पर मॉं आनंदमयी आश्रम परिसर में विशेष रूप से तैयार की गई नवगृह वाटिका में नवग्रहों के प्रतीक पौधों का रोपण कर नमामि देवि नर्मदे अभियान के तहत आयोजित एक दिवसीय वृहद वृक्षारोपण के महा अभियान की शुरूआत की। इस अवसर पर पुण्य सलिला जीवन दायिनी मॉं नर्मदा मैया के पावन तट पर लगभग36 हजार पौधो का एक दिन में ही रोपण कर ओंकार पर्वत को हरियाली की चादर ओढ़ाई गई। वृक्षारोपण…

Review Overview

User Rating: Be the first one !

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*

Translate »