ब्लेक मिरर

निकटवर्ती भविष्य पर काला सामाजिक आईना दिखाती ब्लेक मिरर….

नेटफ्लिक्स पर प्रसारित वेबसिरिज
काश ऐसा होता पर आधारित हैं,
जिसमे तकनीक, विज्ञान हमारे जीवन पर किस तरह अतिक्रमण कर लेंगे
फिल्मो को सामाजिक आईना माना गया है अब यही सुक्ति काले सामाजिक आईने के रूप में भविष्य में हमारे साथ क्या करने वाली है उस पर आधारित हैं,
एक अलग हट कर बनाई गई सीरीज हैं जिसमे बेशुमार भविष्य के साथ इंसान और तकनीक को जोड़ा गया है, हर एपिसोड अलग कहानी, अलग किरदार, अलग नज़रिया, अलग सवाल लेकर सामने आते है,
क्यो देखना चाहिए :-
सारे एपिसोड अलग अलग कहानियों पर आधारित हैं
एक तरह से शार्ट फिल्मों का गुलदस्ता है,
एक नए सिनेमा की शुरूआत मानी जा सकती है,
भविष्य में विज्ञान और तकनीक ( टेक्नोलॉजी)मनुष्य पर किस कदर छा जाएगी,
नई तकनीक के आने पर हम कैसे सब आत्मसात करते हैं,
उसका सही या गलत इस्तेमाल कैसे करते है कितना उसके गुलाम बन जाएग्गे
गुलाम इंसान बनेगा या तकनीक ???
बड़े बजट की सीरीज है लगता है मानो फ़िल्म देख रहे हो
अंत मे जो प्रश्न वाचक आएगा उझसे आप दूचार हुवे बिना नही रह पाएंगे,
आप कल्पना के सागर में हिंडोले खाए बिना नही रह पाएंगे
आपके दिमाग का फ्यूज उड़ा या जला भी सकती हैं सीरीज

इसमें कूल 22 एपीडोड है जो 5 सीजन में बंटे हुवे है
इसके हर भाग पर घण्टो चर्चा के साथ बहस हो सकती है क्योकि प्रत्येक भाग अलग अलग कहानी बयां करता है लेकिन निकटवर्ती भविष्य के साथ
इसमें कुछ एपिसोड्स ब्रिटिश हैं, फिर वहां यह सीरीज 2015 में चेनल 4 पर पर दो सीजन प्रसारित होकर बन्द हो गई तो नेटफ्लिक्स ने खरीद कर सीरीज पूरी की, इसलिए ब्रिटिश और अमरीकन दोनो एपिसोड्स है इसमें,

ज़िन्दगी के अलग अलग पहलुओं पर
समाज के अलग अलग दृष्टिकोण पर कटाक्ष और व्यंग्य करती है
जैसे
मीडिया और सोशल मीडिया
राजनीतिके साथ राजनेता और जनता सम्बन्ध,
विवाहेत्तर सम्बन्धों के कारण शक के जंजाल में फंसना,
स्वार्थ के कारण सामाजिक बुराई का विरोध न करते हुवे उसका हिस्सा बन जाना,
अपने सहभागी पार्टनर की कमी पूरी करने के लिए विज्ञान और तकनीक का सहारा लेना,
न्याय के लिए अपराधी को मॉनसिक यातनाए,
खुद की नकल बना कर उसका गुलाम की तरह प्रयोग करना,
ऑन लाइन शारारिक संतुष्टि या संभोग इच्छाए पूरी करना,
ऑन लाइन गेम्स का पागलपन,
समलैंगिकता
समाज मे बहिष्कृत अल्पसंख्यक समुदाय के लोगो को खत्म करने के लिए सैनिकों को तकनीक के माध्यम से गुलाम बना कर संचालित करना,
सोशल मीडिया ट्रोलिंग, मन की भडास और घुस्सा निकलने के लिए सोशल मीडिया,
परफेक्ट पार्टनर की खोज में पार्टनर बदलते जाना,
यह सब सामाजिक और मानवीय मूल्यों पर सीरीज कटाक्ष करती है,
इस सीरीज के कई एपिसोड किसी अंत पर नही पहुचते बस दर्शकों पर छोड़ दिया जाता हैं कि आप स्वयं अंत समझिए जो कि शानदार विसंगत का उदाहरण हैं,
कुछ एपिसोड में यह अंत दिखाते है जिसमे यह सही को सही और गलत को गलत भी बोलते है जो कि लाजवाब लगता है
कुछ एपिसोड शारारिक इच्छाओं पर खुल कर विचार रखते है, कुछ एपिसोड कम्युनिस्ट विचारधारा के पीछे भी चलते दिखे,
लेकिन पूरी सीरीज में नग्नता या फूहड़पन्ति न होते हुवे हर विषय पर तार्किक दृष्टिकोण के साथ ईमानदारी दिखाई गई है जो कि हर एपिसोड में आपको बांध देती है,
एक एपिसोड मेटलहेट, दूसरा स्टारवार्स,
बाकी हर एपिसोड आपके मन मे तार्किक सवालों को जन्म देते है जिससे आप खुद में सन्न और स्तब्ध हो जाते यह इस सीरीज की खूबी है,,,
इस सीरीज की कुछ बातों से आप सहमत होंगे तो कुछ से असहमत फिर भी आप पूरी देखे बिना बाहर नही आ पाएगे,,
नेटफ्लिक्स पर उपलब्ध है हिंदी डब्ड में भी,
इस सीरीज में संभोग, नग्नता, गालियां, ड्रग्स, एक्शन, हिंसा भी है
लेकिन इसका तार्किक पहलू इतना मजबूत है जिसने लिखने पर मजबूर कर दिया,
अंत मे
मैं हर एपिसोड की समीक्षा इतनी बड़ी कर सकता हूँ क्योकि मुझे एक सिनेमा का उदय दिख रहा हैं, यह सीरीज आपके दिमाग को हिला कर रख देगी, बिना कल्पना में खोए आप नही रह पाएंगे,

फ़िल्म समीक्षक

इदरीस खत्री

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