Editorial / Article

ये है आज के दौर की दीवाली

दीपावली में संदेशे तो बहुत आये लेकिन मेहमान कोई नही आया…. सोचता हूँ ड्राइंग रूम से सोफा हटा दूं… या ड्राइंग रूम का कांसेप्ट बदलकर वहां स्टडी रूम बना दूं… दो दिन से व्हाट्स एप और एफबी के मेसेंजर पर मेसेज खोलते, स्क्रॉल करते और फिर जवाब के लिए टाइप करते करते दाहिने हाथ के अंगूठे में दर्द होने लगा …

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शाही परम्परा के साथ सिंधिया परिवार मनाता है दशहरा उत्सव

स्वतंत्रता बाद तरीका बदला लेकिन आयोजन जारी रहा। देश के स्वतंत्र हो जाने के बाद राज परिवार का शाही तामझाम खत्म हो गया और महल की तरफ से होने वाला आयोजन हिन्दू दशहरा समिति के नाम से आयोजित होने लगा। इसमें शमी पूजन के बाद सिंधिया परिवार के पुरुष मुखिया इस अपने परम्परागत शाही लिबास में भव्य चल समारोह के …

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तुम्हे न भूल पाएंगे गजोधर भैया – मधुर स्मृति शेष

मधुर स्मृति शेष

इस जीवन की आपा – धापी, गला – काट प्रतिस्पर्धा में दो जून की रोटी कमाने में ही लोग बेहद मुश्किलों और परेशानियों के दौर से गुजर रहे हैं… जिम्मेदारियों और बेतहाशा महंगाई ने जीवन को दूभर और जटिल कर रखा है… वर्तमान दौर में आमजनों की स्तिथि बेहद नाजुक बनी हुई है… ऐसे माहौल में और ऐसे  दौर में एक मामूली शक्ल …

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हमें अपनी भारतीय भाषा के लिए गर्व की आवश्यकता है

आज के छात्रों को भी नहीं पता होगा कि भारतीय भाषाओं की वर्णमाला विज्ञान से भरी है। वर्णमाला का प्रत्येक अक्षर तार्किक है और सटीक गणना के साथ क्रमिक रूप से रखा गया है। इस तरह का वैज्ञानिक दृष्टिकोण अन्य विदेशी भाषाओं की वर्णमाला में शामिल नहीं है। जैसे देखे :- क ख ग घ ड़ – पांच के इस …

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सब ग्लानि से भरे थे….!

अलविदा उमेश भाई, ये स्वार्थी ज़माना तुम्हारा था भी नहीं नम आंखों और कांपते हाथों से तुम्हारे शव को कांधे पर उठाते वक्त इंसान ही नहीं, आसमान का आंसू बहाना और श्मशान में अग्नि का तुम्हारी देह को छूते वक्त कांप जाना, यह सामान्य क्रिया नहीं है, बल्कि ये सब ग्लानि से भरे थे। उन्हें हर क्षण याद आ रहा …

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आहत मन पर मरहम

IDS Live

प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान कल इंदौर प्रवास के दौरान उन रोज कमाने खाने वाले लोगो के बीच पहुंचे, जो नगर निगम के सताये हुए है। जो सड़क पर बैठकर गृहस्थी की गाड़ी जैसे तैसे चला रहे है। जिनके साथ हुआ अन्याय हालिया निगम चुनाव में “पीली गैंग” के रूप में मुद्दा बना था। सरकार के मुखिया ने ऐसे …

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300 करोड़ का बीआरटीएस किस काम का

# CM के सपनों के शहर में 300 करोड़ का बीआरटीएस किस काम का….# आखिर जनता को नहीं मिल पाया फुट ओव्हर ब्रिज का सुख…# कॉरिडोर पर रोड क्रॉस के लिए कोई व्यवस्था नहीं है , दुर्घटना का डर बना रहता है… इंदौर : शहर में ट्रैफिक के बढ़ते दवाब के कारण पैदल चलने वालों को सड़क क्रॉस करने में …

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हो गए चुनाव

IDS Live

परिणाम वही रहे, जो अपेक्षित थे और होने थे राजनीति में रुचि रखने वाले अपनी विचारधारा के प्रत्याशी और अपने पसंदीदा प्रत्याशी को जितवाने का प्रयास करते हैं, करना भी चाहिए, अपने दल के किये कार्य, आगामी योजनाएँ, प्रत्याशी की कार्यसंस्कृति आदि के दम पर प्रचार करना… ये सकारात्मक चुनाव के लक्षण हैं।       और अपने प्रत्याशी या दल की …

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पुष्यमित्र की सहजता, और सौम्यता इंदोरियंस को भा गई

बहुचर्चित और बहुप्रतीक्षित नगर – निगम चुनाव में सतत पांचवी बार नगर – सरकार पर भगवा – राज आखिरकार पुनः काबिज हो गया है… इस बार के चुनाव के मायने कुछ अलग, खास और अहम थे… जहां पुष्यमित्र को खोने को बहुत कुछ था… शिवराज की लुटिया का भी सवाल था… इधर संजय के पास तो खोने को कुछ भी …

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जनता का लीडर या नेता जनता या शहर के बीच मे काम करनेवाला होना चाहिए

IDS Live

पुष्यमित्र भार्गव को न 22 सालो में भाजपा महापौरो की उपलब्धियों और कमियों का पता और न ही इंदौर को लेकर भविष्य की कोई योजना! जब स्मार्ट शहरों की पूरी योजना, नीतियां और समाधान केंद्र और राज्य सरकारों से आ रहे हैं! तो शहरों के महापौर प्रत्याशी के लिए पुष्य मित्र भार्गव जैसे सरकारी प्रशासनिक चेहरो की ही आवश्यकता है …

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