ज्येष्ठ पूर्णिमा वट सावित्री व्रत

सनातन धर्म में पूर्णिमा का विशेष महत्व है। हिन्दू पंचांग के अनुसार, प्रत्येक माह के शुक्ल पक्ष की अंतिम तिथि को पूर्णिमा पड़ती है। ज्येष्ठ पूर्णिमा का व्रत 22 जून यानी आज ही रखा जा रहा है। ज्येष्ठ पूर्णिमा को वट सावित्री पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन स्नान-दान करना सबसे फलदायी भी माना जाता है।

ज्येष्ठ माह की पूर्णिमा सबसे पवित्र और शुभ मानी जाती है। ज्येष्ठ पूर्णिमा का व्रत 22 जून यानी आज ही रखा जा रहा है। ज्येष्ठ पूर्णिमा को वट सावित्री पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन स्नान-दान करना सबसे फलदायी भी माना जाता है। साथ ही इस दिन वट वृक्ष की पूजा भी की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यदि कोई भी व्यक्ति इस दिन गंगा स्नान कर पूजा-अर्चना के पश्चात दान दक्षिणा करता है तो उस व्यक्ति की समस्त मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

ज्येष्ठ पूर्णिमा शुभ मुहूर्त

ज्येष्ठ पूर्णिमा की तिथि 21 जून यानी कल सुबह 7 बजकर 31 मिनट से शुरू हो चुकी है और समापन 22 जून यानी आज सुबह 6 बजकर 37 मिनट पर होगा। उदयातिथि के अनुसार, ज्येष्ठ पूर्णिमा 22 जून यानी आज ही मनाई जा रही है। स्नान-दान का समय आज सुबह 5 बजे से लेकर सुबह 6 बजकर 30 मिनट क रहेगा।
मां सवित्री से आशीर्वाद प्राप्ति के लिए उनकी आराधना करें।

इस प्रक्रिया के पश्चात सुहागनों को अपने पति की लंबी आयु और अच्छे स्वास्थ्य की कामना करते हुए वट वृक्ष के चारों ओर कच्चे धागे या मोली को 7 बार बांधना चाहिए। अंत में वट वृक्ष के नीचे ही सावित्री-सत्यवान की कथा सुनें। इसके बाद घर आकर उसी पंखें से अपने पति को हवा करें और उनका आशीर्वाद लें। फिर प्रसाद में चढ़े फल आदि को ग्रहण कर शाम में मीठा भोजन से अपना व्रत खोले।

ज्येष्ठ पूर्णिमा उपाय

  1. जिन लोगों के विवाह में बाधाएं या रुकावटें आ रही हैं, उन्हें ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन सफेद कपड़े पहनकर भगवान का अभिषेक करना चाहिए और सच्ची निष्ठा से शिवजी की पूजा करनी चाहिए।
  2. रुका हुआ धन प्राप्त करने तथा बिज़नेस में अच्छा लाभ कमाने के लिए ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन एक लोटे में जल लेकर उसमें कच्चा दूध और बताशा डालकर पीपल के पेड़ पर चढ़ाएं। कहा जाता है कि इस विशेष दिन पीपल के पेड़ पर भगवान विष्णु के साथ माता लक्ष्मी भी वास करती हैं।
  3. कुंडली में मौजूद ग्रह दोष को दूर करने के लिए ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन पीपल और नीम की त्रिवेणी के नीचे विष्णु सहस्रनाम या शिवाष्टक का पाठ करें।
  4. आर्थिक स्थिति बेहतर करने के लिए ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन माता लक्ष्मी की तस्वीर पर 11 कौड़ियां चढ़ाकर, उस पर हल्दी का तिलक लगाएं। फिर अगले दिन सुबह-सुबह कौड़ियों को किसी लाल कपड़े में बांधकर अपने घर की तिजोरी में रख दें।

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