Festivals

India presents a cultural potpourri of number of religions with their own festivals and celebrations but the four major religions followed in India are Hinduism, Islam, Christianity and Sikhism in the descending order. There are a number of regional festivals which are celebrated in particular areas only. Bright colors, brightly lit religious places, illuminated houses, sweets and traditional dresses and dances and unwavering enthusiasm are the characteristics of all the festival holidays in India. Cuisine, dresses and ornaments, especially of the Indian women, with the profusion of golden, red and yellow colors, cultural and traditional performances and music, chariot and car procession of the deities and interesting folklores give the Indian festivals their universal appeal. The concept of universal brotherhood encompasses all the festivals of India and the vibrant colors, warm hospitality and infectious buoyant spirit of the Indians attract people from all over the world to take part in the Indian fairs and festivals.

जनता का लीडर या नेता जनता या शहर के बीच मे काम करनेवाला होना चाहिए

पुष्यमित्र भार्गव को न 22 सालो में भाजपा महापौरो की उपलब्धियों और कमियों का पता और न ही इंदौर को लेकर भविष्य की कोई योजना! जब स्मार्ट शहरों की पूरी योजना, नीतियां और समाधान केंद्र और राज्य सरकारों से आ रहे हैं! तो शहरों के महापौर प्रत्याशी के लिए पुष्य मित्र भार्गव जैसे सरकारी प्रशासनिक चेहरो की ही आवश्यकता है ...

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क्या महापौर प्रत्याशी निगम के भ्रष्टाचार और भ्रष्टों को बेनक़ाब कर शहर की जनता और शहर को न्याय दिला पाएगा?

क्या पुष्य मित्र भार्गव की शैक्षणिक कानूनी योग्‍यता और वकालत का अनुभव निगम के भ्रष्टाचार और भ्रष्टों को बेनक़ाब कर शहर की जनता और शहर को न्याय दिला पाएगा? पुष्य मित्र भार्गव क्या अपनी ही पार्टी की सरकार और लोगों को कानून के कटघरे में खड़ा कर पाएंगे…? भ्रष्टाचार मे लिप्त पार्षदों और निगम मे मुफ्त की तनख्वाह ले रहे ...

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गोविंद मालू की महापौर पद के लिए दावेदारी को है वैश्य समाज का समर्थन..?

IDS Live

इंदौर : इंदौर नगर निगम के महापौर पद के लिए बीजेपी प्रत्याशी कौन होगा, इसे लेकर अटकलों का बाजार सरगर्म है। राजनीतिक विश्लेषक अपने – अपने सूत्रों के जरिए गैर राजनीतिक लोगों को भी दावेदार के बतौर पेश कर रहे हैं। सभी के लिए एक बात समान रूप से कही जा रही है, वह है उनकी संघ से नजदीकी। अटकलों ...

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दादा दयालु मित्र मंडल की उम्मीदों का एक्सीडेंट..!

IDS Live

लो…..! भाजपा ने तो गजब कर दिया..! दावेदारी में दमदार माने जा रहे मेंदोला को इंदौर संभाग की प्रत्याशी चयन करने वाली समिति में सदस्य बना डाला। इसे कहते हैं भाजपा। दादा दयालु मित्र मंडल से लेकर भाजपा की नीति-रीति में विश्वास रखने वाला सर्व ब्राह्मण समाज का एक धड़ा और ज्यादातर लोग मान रहे थे कि कांग्रेस से संजय ...

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कृत्रिम बुद्दिमता का इतिहास

पिछले लेख मे हमने जाना था कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता या एआई क्या है अब हम इसके इतिहास पर एक नजर डालते है। सबसे पहले इंटेलिजेंट रोबोट और कृत्रिम प्राणियों को प्राचीन ग्रीक स्क्रिप्चर में दर्शाया गया था। अरस्तू का सिओलोगिज्म का विकास और इसका तार्किक प्रयोग मानव जाति के लिए अपनी बुद्धिमत्ता को समझने की खोज में एक महत्वपूर्ण क्षण ...

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मंत्रियों, विधायकों का भ्रष्टाचार आपको ले बैठेगा शिवराज जी…

एक अंतिम यात्रा में शामिल होने के लिए मैं दो दिन पहले महिदपुर में था। शवयात्रा से लेकर अंतिम संस्कार तक करीब डेढ़ घंटे में तकरीबन 50 लोगों से संवाद हुआ। इनमें व्यापारी भी थे, गांव के किसान भी, समाज के प्रतिष्ठित लोग भी और आम नागरिक भी। बात महिदपुर के विधायक बहादुरसिंह चौहान से शुरू हुई और मुख्यमंत्री शिवराजसिंह ...

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मालवा उत्सव 25 मई से लालबाग पर

@ इंदौर गौरव दिवस के तहत होगे आयोजन@ जनजातीय नृत्य और लोक कला को समर्पित होगा यह उत्सव@ देश भर से जुटेगे लोक कलाकार व शिल्पकार@ अंतर्राष्ट्रीय शिल्पकार  भी होंगे मालवा उत्सव में इंदौर : लोक संस्कृति मंच द्वारा देश का प्रतिष्ठित लोकोत्सव मालवा उत्सव 25 मई से लालबाग परिसर में आयोजित होने जा रहा है इस वर्ष का यह ...

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लोक कल्याणकारी पत्रकार थे देवर्षि नारद

इंदौर : देवर्षि नारद ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार थे। हमने नारद के चरित्र का हमेशा गलत और विसंगति पूर्ण चित्रण किया। फिल्मों में उन्हें मसखरे के बतौर पेश किया गया जबकि नारद का हर काम लोक कल्याण के लिए होता था। ये विचार देवर्षि नारद जयंती पर आयोजित परिचर्चा में वक्ताओं ने व्यक्त किए। जीएसआईटीएस के गोल्डन जुबिली ऑडिटोरियम में ...

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कौन है, कहाँ है, मेरा पहला प्यार

पला जिसके गर्भ में, गर्भ के अंदर से ही जिसे प्यार करता था मैं वो है मेरी माँ एक विशिष्ट और अबूझ बंधन होता है माँ और उसके बच्चों के बीच जो कि स्वाभाविक रूप से  प्रकृतिक होकर कभी ना समाप्त होने वाला होता है । माँ की ममता की तुलना संसार की किसी और भावना से की ही नही ...

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महावीर विक्रम बजरंगी

कहा जाता है कि मित्रता से बढ़कर और कोई रिश्ता नही होता और हनुमान से बढ़कर कोई और मित्र नही होता, सम्पूर्ण विश्व साहित्य में हनुमान के समकक्ष कोई और पात्र दिखाई नहीं पड़ता है। हनुमान एक ऐसे चरित्र हैं जो सर्वगुण सम्पन्न हैं। सिर्फ अप्रतिम शारीरिक क्षमता ही नहीं, अलौकिक मानसिक दक्षता तथा अद्भुत चारित्रिक ऊंचाइयों के भी यह ...

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