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हक, हैसियत और हिफाजत पर मंथन – वूमंस प्रेस क्लब

इंदौर (आईडीएस)। देश बदल रहा है और इस बदलाव से पत्रकारिता का क्षेत्र भी अछूता नही। मीडिया में अब महिलाओं के लिए पहले से ज्यादा अवसर हैं, लेकिन विडम्बना है कि मीडिया हाउसेस में अब भी पुरुषवादी सोच हावी है। खुद को साबित करने लिए महिला पत्रकारों को बहोत संघर्ष करना पड़ रहा है। गिनी- चुनी महिला पत्रकार ही मुकाम हासिल कर पाती हैं। यह स्थिति बेहद चिन्ताजनक है। यह बात इंदौर में वूमंस प्रेस क्लब के स्थापना समारोह में मुख्य अतिथि शहर की महापौर मालनी गौड़ ने कही उन्होंने कहा कि समाज में महिलाओं का अहम योगदान रहता है। महिला पत्रकारों का जीवन स्तर सुधारने अभी और प्रयास करने होंगे। श्रीमती गौड़ ने कहा कि वे स्वयं प्रदेश के मुख्यमंत्री से बात करेंगी और महिला पत्रकारों का जीवन स्तर ऊंचा उठाने के लिए योजना बनाने की मांग करेंगी। उन्होंने यह भी कहा मेरा वादा है कि नगर निगम में महिला पत्रकारों को विशेष महत्व दिया जाएगा।

महिला पत्रकारों के हक, हैसियत और हिफाजत विषय पर आयोजित संगोष्ठी को संबोधित करते हुए महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती शोभा ओझा ने कहा कि हमारी लड़ाई पुरुषों से नही बल्कि महिलाओं से ही है। महिलायें एक प्रवस्ति कि शिकार रहती है खुद एक दूसरे को आगे बढ़ने से रोकती हैं मानसिकता ऐसी बना लेती है पुरुष की तरक्की देख लेंगी लेकिन अपनी महिला साथी की तरक्की नही देख पाती ।अगर कोई महिला बड़ी पोस्ट पर बैठ जाये तो शॉर्टकट अपनाने का लांक्षन लग जाता है। वुमंस प्रेस क्लब के माध्यम से समय समय पर ऐसे मंथन होते रहने चाहिए। ताकि हम आगे बढ़ सके ।इस विचारधारा में बदलाव की आवश्यकता है। उन्होंने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से जागरूकता आएगी और महिला पत्रकारों की दशा व दिशा तय करने में मदद मिलेगी। उन्होंने अपने स्तर पर हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।

नगर निगम की नेता प्रतिपक्ष फौजिया शेख ने कहा कि हमे अपनी लड़ाई खुद लड़नी पड़ेगी और अपना पक्ष भी समाज के सामने मजबूती से रखना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि वे इस बात को भली भांति महसूस कर सकती हैं कि वूमंस प्रेस क्लब का यहाँ तक का सफर भी आसान नही रहा होगा। 250 महिला पत्रकारों को जोड़ लेना इतना आसान नही। इसके लिये क्लब की अध्यक्ष शीतल रॉय बधाई की पात्र हैं।

महिला कांग्रेस की पूर्व प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती अर्चना जायसवाल ने भी महिला पत्रकारों की मौजूदा स्थितियों पर चिंतन और मनन के लिए आयोजित संगोष्ठी की सराहना करते हुए कहा कि मंथन से जो अमृत निकलेगा वह महिला पत्रकारों को स्फूर्ति प्रदान करेगा और वे नए संकल्प के साथ आगे बढ़ सकेंगी। उन्होंने कहा कि वूमंस प्रेस क्लब की अध्यक्ष शीतल रॉय स्वयं जुझारू, समर्पित और कर्मठ पत्रकार हैं। वे क्लब को आगे ले जाने में सक्षम हैं। हमारा सहयोग उनके साथ है। दुर्गा वाहिनी की क्षेत्रीय संयोजिका माला ठाकुर ने कहा कि अपनी लेखनी से दूसरों को मुकाम देने वाली महिला पत्रकार आज स्वयं उचित मुकाम की तलाश में आखिर क्यों है? हमे इस पर गंभीरता से विचार करना पड़ेगा। हर क्षेत्र में जब महिलायें आगे बढ़ रही हैं तो पत्रकारिता के क्षेत्र में यह रफ़्तार धीमी क्यों है। उन्होंने कहा कि वूमंस प्रेस क्लब केवल महिला पत्रकारों का क्लब नही बल्कि हम सबका है और इसे आगे ले जाने की जिम्मेदारी भी हम सबकी है।

कार्यक्रम में उपस्थित डॉ दिव्या गुप्ता ने भी वूमंस प्रेस क्लब को हर संभव मदद का आश्वासन दिया। इस मौके पर जिला पंचायत की अध्यक्ष सुश्री कविता पाटीदार ने कहा कि महिलाएं पुरुषों की तुलना में पत्रकारिता के क्षेत्र में ज्यादा गंभीर है और खासकर महिलाओं पर होने वाले अपराधों पर संवेदशील भी रहती है ।वुमंस प्रेस क्लब के माध्यम से हमे महिला पत्रकरो से जुड़ने का मौका मिलेगा और ओर उनकी चुनौतियों से भी रूबरू होने का मौका मिलेगा उनको समाज मे सम्मान मिले इसके लिए हर सम्भव प्रयास करूंगी। इस मौके पर बाल अपराध आयोग की सदस्य रजनी भंडारी का स्वागत किया गया

इससे पहले दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यक्रम की शरुआत हुई। वूमंस प्रेस क्लब अध्यक्ष शीतल रॉय ने महापौर मालनी गौड़ ओर महिला कोंग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष शोभा ओझा प्रतीक चिन्ह देकर स्वागत किया क्लब के सदस्यों ने अतिथियों का पुष्पगुच्छ भेंटकर स्वागत किया। स्ववागत उद्बोधन में वूमंस प्रेस क्लब की अध्यक्ष शीतल रॉय ने कहा कि मध्यप्रदेश की हिंदी पत्रकारिता में इंदौर शहर का विशिष्ट स्थान है। इस शहर ने देश को कई नामी पत्रकार दिए हैं। महिला पत्रकारों के लिए भी इंदौर शहर में काफी संभावनाएं हैं। इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट मीडिया जब वक्त के साथ और अधिक सशक्त होकर सामने आया है, ऐसे में महिला पत्रकारों के लिए अवसर भी बढ़े है, लेकिन इसके साथ ही महिला पत्रकारों के लिए चुनौतियां भी बढ़ी है।

हम सबने महसूस किया कि रोज के कामकाज में आने वाली कठिनाइयों के समाधान की आवाज उठाने के लिए महिला पत्रकारों का प्रथक से एक मंच होना चाहिए जो बाकी पत्रकार संगठनों के साथ मिलकर काम कर सके। इसी बात को ध्यान में रखकर वूमंस प्रेस क्लब की आधारशिला रखी गई। यह संगठन समूचे प्रदेश की महिला पत्रकारों का प्रतिनिधित्व करता है। इसका विस्तार हम प्रदेश के सभी जिलों में करने जा रहे हैं ताकि प्रदेश के अलग अलग हिस्सों में प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में कार्यरत महिला पत्रकारों को समवेत स्वर मिल सके। उन्होंने बताया कि 10 दिनों के भीतर प्रदेश कार्यकारिणी गठित कर दी जायेगी।आज आप सभी वूमंस प्रेस क्लब की स्थापना के साक्षी बन रहे हैं। संगठन से जुड़ने वाली सभी बहनों को हम भरोसा दिलाना चाहते हैं कि वूमंस प्रेस क्लब आपके हितों के लिए सदैव संघर्ष करेगा।

इंदौर (आईडीएस)। देश बदल रहा है और इस बदलाव से पत्रकारिता का क्षेत्र भी अछूता नही। मीडिया में अब महिलाओं के लिए पहले से ज्यादा अवसर हैं, लेकिन विडम्बना है कि मीडिया हाउसेस में अब भी पुरुषवादी सोच हावी है। खुद को साबित करने लिए महिला पत्रकारों को बहोत संघर्ष करना पड़ रहा है। गिनी- चुनी महिला पत्रकार ही मुकाम हासिल कर पाती हैं। यह स्थिति बेहद चिन्ताजनक है। यह बात इंदौर में वूमंस प्रेस क्लब के स्थापना समारोह में मुख्य अतिथि शहर की महापौर मालनी गौड़ ने कही उन्होंने कहा कि समाज में महिलाओं का अहम योगदान रहता है।…

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