क्या आपके ऊपर हुई हैं तांत्रिक क्रिया ?

प्रिय पाठकों/मित्रों, वर्तमान वैज्ञानिक युग में तंत्र-मंत्र और तांत्रिक क्रिया की बात बेमानी लगती है। इस पर यकीन करना वैज्ञानिक तथ्‍यों और सुबूतों के सामने बेहद मुश्‍किल है, लेकिन कुछ घटनाएं ऐसी भी होती है जिनका जवाब मेडिकल साइंस और विज्ञान दोनों के पास नहीं मिलता। ऐसी स्‍थिति में व्‍यक्‍ति का विश्‍वास दूसरी ओर जाता है। जीवन में कई बार ऐसा समय आता है, जब ग्रहों की स्थिती में इस कदर बदलाव आता है की व्यक्ति का जीवन अस्त-व्यस्त हो जाता है। ऐसे में वो इधर-उधर भटकता है, स्वयं का अच्छा करने के चक्कर में वो दूसरे का बुरा करने से भी नहीं चूकता।

तंत्र-मंत्र और टोने-टोटके से बचने के लिए आम जीवन की रोजमर्रा की कुछ वस्तुओं को बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। घर की खुशियों पर अक्सर किसी की काली नजर लग जाती है और नतीजे में कोई बीमार हो जाता है, किसी प्रकार की हानि होती है। लेकिन चिंता की कोई बात नहीं।

दोस्तों की भीड़ में दुश्मनों को पहचानना मुश्किल हो जाता है. आप नहीं समझ सकते कि कब कौन आपके पीठ पीछे वार कर आपको धोखा देकर चला जाए. दोस्ती और प्यार के नाम पर दगा देने वाले भी बहुत लोग होते हैं. आपकी कोई बात किसी को कितनी बुरी लग गई और इसका बदला लेने के लिए वो किस हद तक पहुंच जाएगा आप इस बात का अंदाजा भी नहीं लगा सकते | ज्योतिष और शास्त्रों के अनुसार जब अचानक से आपका अच्छा समय बुरे समय में बदल जाता है तो ऐसी संभावनाएं हो सकती हैं कि आपको या आपके घर को किसी की बुरी नजर लग गई हो। कई बार किसी की सफलता और समृद्धि से जलने वाले लोग उन्हें क्षति पहुंचाने के लिए टोने-टोटके या तंत्र-मंत्र जैसी नकारात्मक शक्तियों का उपयोग करते हैं। इन नकारात्मक शक्तियों के प्रभाव से एकदम ही सबकुछ गड़बड़ हो जाता है।

सच है कि इस तरह के आक्रमण कोई करीबी सदस्य या घर में आने जाने वाला कोई ऐसा व्यक्ति ही कर सकता है जो बिना रोक टोक घर में आ जा सके | अधिकतर मामले ऐसे ही होते हैं जब कोई अपना ही किसी निजी स्वार्थ के लिए काले जादू या टोने टोटके का प्रयोग करता है | यहाँ पर यह जानना आवश्यक है कि वह व्यक्ति कौन है और आपकी क्या चीज ऐसी है जो कि शरीर पर आप पहनते थे और अब आपके पास नहीं है | जूता, चप्पल, कपडा या कुछ और, कुछ भी हो सकता है | अब कोई मदद करे इससे पहले देखिये कि काले जादू, तांत्रिक आक्रमण की तीव्रता क्या है | यदि कम है तो इलाज हो सकता है और यदि अधिक है और समय भी बहुत हो गया है तो बेहद मुश्किल | जो भी मदद करेगा वह भी चपेटे में आ जायेगा | यह सर्वविदित है |

यदि आप धार्मिक शास्त्रों में विश्वास रखते है, तो यक़ीनन आपको जादू टोने और तांत्रिक असर का मतलब भो जरूर पता होगा. जी हां हम यहाँ उसी जादू टोने की बात कर रहे है, जिसके कारण अच्छे खासे लोग भी बीमार पड़ जाते है. जिन लोगो पर तंत्र मंत्र का असर होता है, उनका व्यावहार अचानक ही बदल जाता है. ऐसे में कोई भी ये नहीं समझ पाता कि आखिर उस इंसान के साथ क्या समस्या है. जिसके चलते इंसान को कई यातनाएं तक झेलनी पड़ती है |

तांत्रिक क्रियाओं और टोने टोटके से बहुत व्यक्ति परेशान है और इनके प्रभाव भी बहुत ही बुरे होते है जो व्यक्ति के रहन सहन को बहुत प्रभावित करते है. अगर आप पर भी इस तरह के तांत्रिक क्रियाओं के प्रभाव है तो आप उनसे छुटकारा पा सकते है और इसमें शनिवार का दिन बहुत लाभदायक है. शनिवार के दिन कुछ प्रयोग करके आप तांत्रिक क्रियाओं को काट सकते है |

जानिए ऐसी कुछ घटनाएं जिससे आप पता कर सकते हैं कि कहीं आप भी तो तंत्र-मंत्र का शिकार तो नहीं हो गए ?

जानिए क्या लक्षण हैं ?

  • आपको काले जादू से ग्रस्त व्यक्ति के पास बैठने से ही डर लगने लगेगा | यदि तीव्रता कम है तो स्वास्थ्य ठीक नहीं रहता है या कोई गंभीर बीमारी लग जाती है और टेस्ट में कुछ भी नहीं आता | मेडिकल विज्ञान असहाय सा मालूम होता है | कल्पना कीजिये कि किसी ठीक ठाक व्यक्ति को यदि heavy dose दे दी जाए तो उस पर क्या असर पड़ेगा | लेकिन जिस के शरीर पर किसी बुरी आत्मा का प्रकोप है उसे इन दवाइयों का असर उस समय बिलकुल नहीं होता | असर होता है तब जब बुरी आत्मा कुछ समय के लिए ग्रस्त व्यक्ति के शरीर से बाहर आती है | इस विषय में यदि मेडिकल कुछ न कर पाए तो यह मान लेना चाहिए कि कुछ न कुछ supernatural है | कुछ भी सामान्य नहीं लगता है | आवाज बदल जाए तो वह काले जादू का चरम होता है | कम से कम विज्ञान के पास तो इसका कोई जवाब नहीं है |
  • इसके इलावा यदि आपके घर में अचानक से बिल्ली, उल्लू, चमगादड़, सांप और भंवरा घूमते हुए दिखाई दे, तो समझ लीजिये कि ये तांत्रिक क्रिया का ही असर है.
  • रात्रि को सोते समय एक हरा नीम्बू तकिये के नीचे रखें और प्रार्थना करें कि जो भी निगेटिव क्रिया हुई है वह इस नीम्बू में समाहित हो जाए। सुबह उठने पर यदि नीम्बू मुरझाया हुआ या रंग काला मिलता है तो समझिए आप पर तांत्रिक क्रिया हुई है।
  • रात को अपने सिरहाने एक लोटा पानी का भर कर रखे और फिर सुबह होते ही इस पानी को किसी गमले या बगीचे में लगे छोटे से पौधे में डाल दे. ऐसे में यदि आप पर किसी तांत्रिक का असर है, तो तीन दिन से एक सप्ताह के अंदर पानी डालने के बावजूद भी यह पौधा सूख जाएगा.
    यदि बार-बार घबराहट होने लगती है। पसीना सा आने लगता हैं। हाथ-पैर शून्य से हो जाते है। मेडिकल जांच में रिपोर्ट सामान्‍य आती हैं। बावजूद इसके ऐसा लगातार होता रहता है तो आप किसी तान्त्रिक क्रिया के शिकार हो गए हैं।
  1. आपको अचानक भूख लगती है, लेकिन खाते वक्त मन नहीं करता ।
  2. घर में सुबह या शाम मन्दिर का दीपक जलाते समय विवाद होने लगे या बच्चा रोने लगे।
  3. घर के मन्दिर में अचानक आग लग जाये ।
  4. घर के सदस्यों का एक के बाद एक बीमार पड़ना।
  5. शरीर पर अचानक नीले रंग के निशान बन जाएं।
  6. आपके पहने नए कपड़े अचानक फट जाएं। उस पर स्याही या अन्य कोई दाग लगने लग जाए या जल जाएं।
  7. रात को सिरहाने एक लोटे में पानी भरकर रखें और इस पानी को गमले में लगे या बगीचे में लगे किसी छोटे पौधे में सुबह डालें। कोई तंत्र क्रिया है तीन दिन से एक सप्ताह में यह पौधा सूख जाएगा।
  8. अगर आप पैसे अच्छे कमा रहे है और आपका व्यवसाय भी अच्छा चल रहा है. इस सबके बावजूद भी आपके पास पैसा नहीं रहता है आप पैसा नहीं जोड़ पा रहे है तो शनिवार के दिन चपाती बना दें. उन चपातियों को तेल से चुपड़ कर काले कुत्ते को खिला दें. यह प्रयोग भी आपको बहुत फायदा पहुँचायेगा.
  9. अगर आप किसी की बुरे नजर के शिकार बन गए है तो इससे बचने के लिए कच्चे दूध का इस्तेमाल करें. आपके अलावा अगर कोई और व्यक्ति भी इससे परेशान है तो प्रभावित व्यक्ति के सिर के चारों ओर कच्चे दूध को घुमाये ऐसा आप सात बार करें. अब एक काले कुत्ते को ढूंढ लें और उसे वह दूध पिला दें. यह सब आपको शनिवार के दिन ही करना है. यह भी आपको लाभ पहुँचायेगा |
  10. अगर कोई व्यक्ति आपको तांत्रिक क्रिया करके परेशान कर रहा है और उससे आपका घर मकान, दूकान या व्यवसाय प्रभावित है तो इस नुकसान से बचने के लिए शनिवार के दिन ही एक प्रयोग करके बचा जा सकता है. इस प्रयोग में पीपल के पेड़ से पांच पत्ते तोड़ लें. 8 पत्ते पान के भी लें जो डंडीदार हो. उन दोनों प्रकार के पत्तों को लाल दंगे में पिरो लें. इसके बाद इन्हें आपकी दुकान के पूर्व में बांध दें. ऐसा करने से आप पर जो तांत्रिक क्रिया की गयी है वह ख़त्म हो जाएगी और आप भी नुकसान से बच सकते है.
  11. इस प्रकार की नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव खत्म करने के लिए एक सटीक उपाय है कि अपने घर में नियमित रूप से गौमूत्र का छिड़काव किया जाए। शास्त्रों के अनुसार गौमूत्र को पवित्र पदार्थ माना गया है और इसमें वातावरण में मौजूद सभी नकारात्मक शक्तियों को समाप्त करने की शक्ति होती है। ऐसा माना जाता है गाय में सभी देवी-देवताओं का वास होता है। अत: इससे प्राप्त होने वाली हर चीज बहुत ही पवित्र और पूजनीय है।
  12. किसी भी प्रकार के टोने-टोटके, तंत्र-मंत्र या बुरी नजर के प्रभाव से बचने के लिए गौमूत्र का उपयोग सर्वश्रेष्ठ उपाय है। यदि संभव हो तो प्रतिदिन थोड़ा-थोड़ा गौमूत्र पीने से भी लाभ प्राप्त होते हैं। इसके अलावा अपने आसपास का वातावरण सकारात्मक रखें। किसी प्रकार के नकारात्मक विचारों को अपने से दूर ही रखें और ऐसे लोगों से भी दूर रहें। प्रतिदिन नियमित रूप से हनुमान चालीसा का पाठ करें और प्रति मंगलवार-शनिवार को हनुमान मंदिर जाएं तथा सुंदरकांड या हनुमान चालीसा का पाठ करें। आप सभी प्रकार के टोने-टोटकों और बुरी नजर के प्रभाव से बचे रहेंगे।
  13. घर के सदस्यों का एक के बाद एक बीमार पड़ जाना या अचानक घर के किसी सदस्य की मौत हो जाना. यहाँ तक कि घर के किसी जानवर जैसे गाय, कुत्ता, भैंस आदि की अचानक मृत्यु हो जाना इस बात का संकेत है, कि घर में तांत्रिक क्रिया का असर है.
  14. घर के मंदिर में दीपक जलाते समय वाद विवाद होने लगे या बच्चा रोने लगे या घर के मंदिर में अचानक आग लग जाएँ तो समझ लीजिये कि ये तांत्रिक असर ही है.
  15. इसके इलावा घर के अंदर या बाहर सिंदूर, हड्डी, राई और निम्बू आदि सामग्री बार बार मिलने लगे या चतुर्दशी और अमावस्या पर घर का कोई सदस्य बीमार पड़ जाएँ तो समझ लीजिये कि ये तांत्रिक क्रिया का असर है.

ऊपरी हवा पहचान और निदान

प्रायः सभी धर्मग्रंथों में ऊपरी हवाओं, नजर दोषों आदि का उल्लेख है। कुछ ग्रंथों में इन्हें बुरी आत्मा कहा गया है तो कुछ अन्य में भूत-प्रेत और जिन्न।

यहां ज्योतिष के आधार पर नजर दोष का विश्लेषण प्रस्तुत है।

ज्योतिष सिद्धांत के अनुसार गुरु पितृदोष, शनि यमदोष, चंद्र व शुक्र जल देवी दोष, राहु सर्प व प्रेत दोष, मंगल शाकिनी दोष, सूर्य देव दोष एवं बुध कुल देवता दोष का कारक होता है। राहु, शनि व केतु ऊपरी हवाओं के कारक ग्रह हैं। जब किसी व्यक्ति के लग्न (शरीर), गुरु (ज्ञान), त्रिकोण (धर्म भाव) तथा द्विस्वभाव राशियों पर पाप ग्रहों का प्रभाव होता है, तो उस पर ऊपरी हवा की संभावना होती है।

लक्षण

नजर दोष से पीड़ित व्यक्ति का शरीर कंपकंपाता रहता है। वह अक्सर ज्वर, मिरगी आदि से ग्रस्त रहता है।

कब और किन स्थितियों में डालती हैं ऊपरी हवाएं किसी व्यक्ति पर अपना प्रभाव?

  • जब कोई व्यक्ति दूध पीकर या कोई सफेद मिठाई खाकर किसी चौराहे पर जाता है, तब ऊपरी हवाएं उस पर अपना प्रभाव डालती हैं। गंदी जगहों पर इन हवाओं का वास होता है, इसीलिए ऐसी जगहों पर जाने वाले लोगों को ये हवाएं अपने प्रभाव में ले लेती हैं। इन हवाओं का प्रभाव रजस्वला स्त्रियों पर भी पड़ता है। कुएं, बावड़ी आदि पर भी इनका वास होता है। विवाह व अन्य मांगलिक कार्यों के अवसर पर ये हवाएं सक्रिय होती हैं। इसके अतिरिक्त रात और दिन के १२ बजे दरवाजे की चौखट पर इनका प्रभाव होता है।
  • दूध व सफेद मिठाई चंद्र के द्योतक हैं। चौराहा राहु का द्योतक है। चंद्र राहु का शत्रु है। अतः जब कोई व्यक्ति उक्त चीजों का सेवन कर चौराहे पर जाता है, तो उस पर ऊपरी हवाओं के प्रभाव की संभावना रहती है।
  • कोई स्त्री जब रजस्वला होती है, तब उसका चंद्र व मंगल दोनों दुर्बल हो जाते हैं। ये दोनों राहु व शनि के शत्रु हैं। रजस्वलावस्था में स्त्री अशुद्ध होती है और अशुद्धता राहु की द्योतक है। ऐसे में उस स्त्री पर ऊपरी हवाओं के प्रकोप की संभावना रहती है।
  • कुएं एवं बावड़ी का अर्थ होता है जल स्थान और चंद्र जल स्थान का कारक है। चंद्र राहु का शत्रु है, इसीलिए ऐसे स्थानों पर ऊपरी हवाओं का प्रभाव होता है।
  • जब किसी व्यक्ति की कुंडली के किसी भाव विशेष पर सूर्य, गुरु, चंद्र व मंगल का प्रभाव होता है, तब उसके घर विवाह व मांगलिक कार्य के अवसर आते हैं। ये सभी ग्रह शनि व राहु के शत्रु हैं, अतः मांगलिक अवसरों पर ऊपरी हवाएं व्यक्ति को परेशान कर सकती हैं।
  • दिन व रात के १२ बजे सूर्य व चंद्र अपने पूर्ण बल की अवस्था में होते हैं। शनि व राहु इनके शत्रु हैं, अतः इन्हें प्रभावित करते हैं। दरवाजे की चौखट राहु की द्योतक है। अतः जब राहु क्षेत्र में चंद्र या सूर्य को बल मिलता है, तो ऊपरी हवा सक्रिय होने की संभावना प्रबल होती है।
  • मनुष्य की दायीं आंख पर सूर्य का और बायीं पर चंद्र का नियंत्रण होता है। इसलिए ऊपरी हवाओं का प्रभाव सबसे पहले आंखों पर ही पड़ता है।

ऊपरी हवाओं के सरल उपाय

ऊपरी हवाओं से मुक्ति हेतु शास्त्रों में अनेक उपाय बताए गए हैं। अथर्ववेद में इस हेतु कई मंत्रों व स्तुतियों का उल्लेख है। आयुर्वेद में भी इन हवाओं से मुक्ति के उपायों का विस्तार से वर्णन किया गया है। यहां कुछ प्रमुख सरल एवं प्रभावशाली उपायों का विवरण प्रस्तुत है।

  • ऊपरी हवाओं से मुक्ति हेतु हनुमान चालीसा का पाठ और गायत्री का जप तथा हवन करना चाहिए। इसके अतिरिक्त अग्नि तथा लाल मिर्ची जलानी चाहिए।
  • रोज सूर्यास्त के समय एक साफ-सुथरे बर्तन में गाय का आधा किलो कच्चा दूध लेकर उसमें शुद्ध शहद की नौ बूंदें मिला लें। फिर स्नान करके, शुद्ध वस्त्र पहनकर मकान की छत से नीचे तक प्रत्येक कमरे, जीने, गैलरी आदि में उस दूध के छींटे देते हुए द्वार तक आएं और बचे हुए दूध को मुख्य द्वार के बाहर गिरा दें। क्रिया के दौरान इष्टदेव का स्मरण करते रहें। यह क्रिया इक्कीस दिन तक नियमित रूप से करें, घर पर प्रभावी ऊपरी हवाएं दूर हो जाएंगी।
  • रविवार को बांह पर काले धतूरे की जड़ बांधें, ऊपरी हवाओं से मुक्ति मिलेगी।
  • लहसुन के रस में हींग घोलकर आंख में डालने या सुंघाने से पीड़ित व्यक्ति को ऊपरी हवाओं से मुक्ति मिल जाती है।
  • ऊपरी बाधाओं से मुक्ति हेतु निम्नोक्त मंत्र का यथासंभव जप करना चाहिए।
    ष् ओम नमो भगवते रुद्राय नमः कोशेश्वस्य नमो ज्योति पंतगाय नमो रुद्राय नमः सिद्धि स्वाहा।श्श्
  • घर के मुख्य द्वार के समीप श्वेतार्क का पौधा लगाएं, घर ऊपरी हवाओं से मुक्त रहेगा।
  • उपले या लकड़ी के कोयले जलाकर उसमें धूनी की विशिष्ट वस्तुएं डालें और उससे उत्पन्न होने वाला धुआं पीड़ित व्यक्त्ि को सुंघाएं। यह क्रिया किसी ऐसे व्यक्ति से करवाएं जो अनुभवी हो और जिसमें पर्याप्त आत्मबल हो।
  • प्रातः काल बीज मंत्र झ्क्लींश् का उच्चारण करते हुए काली मिर्च के नौ दाने सिर पर से घुमाकर दक्षिण दिशा की ओर फेंक दें, ऊपरी बला दूर हो जाएगी।
  • रविवार को स्नानादि से निवृत्त होकर काले कपड़े की छोटी थैली में तुलसी के आठ पत्ते, आठ काली मिर्च और सहदेई की जड़ बांधकर गले में धारण करें, नजर दोष बाधा से मुक्ति मिलेगी।
  • निम्नोक्त मंत्र का १०८ बार जप करके सरसों का तेल अभिमंत्रित कर लें और उससे पीड़ित व्यक्ति के शरीर पर मालिश करें, व्यकित पीड़ामुक्त हो जाएगा।
    मंत्र – ओम नमो काली कपाला देहि देहि स्वाहा।
  • ऊपरी हवाओं के शक्तिषाली होने की स्थिति में शाबर मंत्रों का जप एवं प्रयोग किया जा सकता है। प्रयोग करने के पूर्व इन मंत्रों का दीपावली की रात को अथवा होलिका दहन की रात को जलती हुई होली के सामने या फिर श्मषान में १०८ बार जप कर इन्हें सिद्ध कर लेना चाहिए। यहां यह उल्लेख कर देना आवष्यक है कि इन्हें सिद्ध करने के इच्छुक साधकों में पर्याप्त आत्मबल होना चाहिए, अन्यथा हानि हो सकती है।
  • निम्न मंत्र से थोड़ा-सा जीरा ७ बार अभिमंत्रित कर रोगी के शरीर से स्पर्श कराएं और उसे अग्नि में डाल दें। रोगी को इस स्थिति में बैठाना चाहिए कि उसका धूंआ उसके मुख के सामने आये। इस प्रयोग से भूत-प्रेत बाधा की निवृत्ति होती है।

मंत्र – जीरा जीरा महाजीरा जिरिया चलाय। जिरिया की शक्ति से फलानी चलि जाय॥ जीये तो रमटले मोहे तो मशान टले। हमरे जीरा मंत्र से अमुख अंग भूत चले॥ जाय हुक्म पाडुआ पीर की दोहाई॥

  • एक मुट्ठी धूल को निम्नोक्त मंत्र से ३ बार अभिमंत्रित करें और नजर दोष से ग्रस्त व्यक्ति पर फेंकें, व्यक्ति को दोष से मुक्ति मिलेगी।
    मंत्र – तह कुठठ इलाही का बान। कूडूम की पत्ती चिरावन। भाग भाग अमुक अंक से भूत। मारुं धुलावन कृष्ण वरपूत। आज्ञा कामरु कामाख्या। हारि दासीचण्डदोहाई।
  • थोड़ी सी हल्दी को ३ बार निम्नलिखित मंत्र से अभिमंत्रित करके अग्नि में इस तरह छोड़ें कि उसका धुआं रोगी के मुख की ओर जाए। इसे हल्दी बाण मंत्र कहते हैं।

मंत्र – हल्दी गीरी बाण बाण को लिया हाथ उठाय। हल्दी बाण से नीलगिरी पहाड़ थहराय॥ यह सब देख बोलत बीर हनुमान। डाइन योगिनी भूत प्रेत मुंड काटौ तान॥ आज्ञा कामरु कामाक्षा माई। आज्ञा हाड़ि की चंडी की दोहाई॥

  • जौ, तिल, सफेद सरसों, गेहूं, चावल, मूंग, चना, कुष, शमी, आम्र, डुंबरक पत्ते और अषोक, धतूरे, दूर्वा, आक व ओगां की जड़ को मिला लें और उसमें दूध, घी, मधु और गोमूत्र मिलाकर मिश्रण तैयार कर लें। फिर संध्या काल में हवन करें और निम्न मंत्रों का १०८ बार जप कर इस मिश्रण से १०८ आहुतियां दें।
    मंत्र – मंत्र रू ओम नमः भवे भास्कराय आस्माक अमुक सर्व ग्रहणं पीड़ा नाशनं कु रु-कुरु स्वाहा।
    भूत भगाने के 10 सरल उपाय
    हिन्दू धर्म में भूतों से बचने के अनेक उपाय बताए गए हैं। चरक संहिता में प्रेत बाधा से पीड़ित रोगी के लक्षण और निदान के उपाय विस्तार से मिलते हैं।
    ज्योतिष साहित्य के मूल ग्रंथों- प्रश्नमार्ग, वृहत्पराषर, होरा सार, फलदीपिका, मानसागरी आदि में ज्योतिषीय योग हैं जो प्रेत पीड़ा, पितृ दोष आदि बाधाओं से मुक्ति का उपाय बताते हैं।
    अथर्ववेद में भूतों और दुष्ट आत्माओं को भगाने से संबंधित अनेक उपायों का वर्णन मिलता है। यहां प्रस्तुत है प्रेतबाधा से मुक्ति के 10 सरल उपाय।
  1. ॐ या रुद्राक्ष का अभिमंत्रित लॉकेट गले में पहने और घर के बाहर एक त्रिशूल में जड़ा ॐ का प्रतीक दरवाजे के ऊपर लगाएं। सिर पर चंदन, केसर या भभूति का तिलक लगाएं। हाथ में मौली (नाड़ा) अवश्य बांध कर रखें।
  2. दीपावली के दिन सरसों के तेल का या शुद्ध घी का दिया जलाकर काजल बना लें। यह काजल लगाने से भूत, प्रेत, पिशाच, डाकिनी आदि से रक्षा होती है और बुरी नजर से भी रक्षा होती है।
  3. घर में रात्रि को भोजन पश्चात सोने से पूर्व चांदी की कटोरी में देवस्थान या किसी अन्य पवित्र स्थल पर कपूर तथा लौंग जला दें। इससे आकस्मिक, दैहिक, दैविक एवं भौतिक संकटों से मुक्त मिलती है।
  4. प्रेत बाधा दूर करने के लिए पुष्य नक्षत्र में चिड़चिटे अथवा धतूरे का पौधा जड़सहित उखाड़ कर उसे धरती में ऐसा दबाएं कि जड़ वाला भाग ऊपर रहे और पूरा पौधा धरती में समा जाएं। इस उपाय से घर में प्रेतबाधा नहीं रहती और व्यक्ति सुख-शांति का अनुभव करता है।
  5. प्रेत बाधा निवारक हनुमत मंत्र – ऊँ ऐं ह्रीं श्रीं ह्रां ह्रीं ह्रूं ह्रैं ऊँ नमो भगवते महाबल पराक्रमाय भूत-प्रेत पिशाच-शाकिनी-डाकिनी-यक्षणी-पूतना-मारी-महामारी, यक्ष राक्षस भैरव बेताल ग्रह राक्षसादिकम्‌ क्षणेन हन हन भंजय भंजय मारय मारय शिक्षय शिक्षय महामारेश्वर रुद्रावतार हुं फट् स्वाहा।
    इस हनुमान मंत्र का पांच बार जाप करने से भूत कभी भी निकट नहीं आ सकते।
  6. अशोक वृक्ष के सात पत्ते मंदिर में रख कर पूजा करें। उनके सूखने पर नए पत्ते रखें और पुराने पत्ते पीपल के पेड़ के नीचे रख दें। यह क्रिया नियमित रूप से करें, आपका घर भूत-प्रेत बाधा, नजर दोष आदि से मुक्त रहेगा।
  7. गणेश भगवान को एक पूरी सुपारी रोज चढ़ाएं और एक कटोरी चावल दान करें। यह क्रिया एक वर्ष तक करें, नजर दोष व भूत-प्रेत बाधा आदि के कारण बाधित सभी कार्य पूरे होंगे।
  8. मां काली के लिए उनके नाम से प्रतिदिन अच्छी तरह से पवित्र ‍की हुई दो अगरबत्ती सुबह और दो दिन ढलने से पूर्व लगाएं और उनसे घर और शरीर की रक्षा करने की प्रार्थना करें।
  9. हनुमान चालीसा और गजेंद्र मोक्ष का पाठ करें और हनुमान मंदिर में हनुमान जी का श्रृंगार करें व चोला चढ़ाएं।
  10. मंगलवार या शनिवार के दिन बजरंग बाण का पाठ शुरू करें। यह डर और भय को भगाने का सबसे अच्छा उपाय है।
    इस तरह यह कुछ सरल और प्रभावशाली टोटके हैं, जिनका कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं होता। ध्यान रहें, नजर दोष, भूत-प्रेत बाधा आदि से मुक्ति हेतु उपाय ही करने चाहिए टोना या टोटके नहीं।

सावधानी : सदा हनुमानजी का स्मरण करें। चतुर्थी, तेरस, चौदस और अमावस्या को पवि‍त्रता का पालन करें। शराब न पीएं और न ही मांस का सेवन करें।
नदी, पूल या सड़क पार करते समय भगवान का स्मरण जरूर करें। एकांत में शयन या यात्रा करते समय पवित्रता का ध्यान रखें। पेशाब करने के बाद धेला अवश्य लें और जगह देखकर ही पेशाब करें। रात्रि में सोने से पूर्व भूत-प्रेत पर चर्चा न करें। किसी भी प्रकार के टोने-टोटकों से बच कर रहें।
ऐसे स्थान पर न जाएं, जहां पर तांत्रिक अनुष्ठान होता हो। जहां पर किसी पशु की बलि दी जाती हो या जहां भी लोभान आदि के धुएं से भूत भगाने का दावा किया जाता हो। भूत भागाने वाले सभी स्थानों से बच कर रहें, क्योंकि यह धर्म और पवित्रता के विरुद्ध है।
जो लोग भूत, प्रेत या पितरों की उपासना करते हैं, वह राक्षसी कर्म के होते हैं। ऐसे लोगों का संपूर्ण जीवन ही भूतों के अधीन रहता है। भूत-प्रेत से बचने के लिए ऐसे कोई भी टोने-टोटके न करें जो धर्म विरुद्ध हो। हो सकता है आपको इससे तात्कालिक लाभ मिल जाए, लेकिन अंतत: जीवन भर आपको परेशान ही रहना पड़ेगा।

यदि किसी व्यक्ति पर बहुत जल्दी नजर दोष / टोने टोटके / तांत्रिक क्रिया का प्रभाव होता है तो उनकी जन्म कुंडली मे ग्रहो के ये योग होते है

यदि किसी जन्म पत्रिका मे सूर्य, चंद्र, शनि, मंगल ग्रह विशेष भावों में राहु-केतु से पीड़ित, जन्मपत्री लग्न व सूर्य कमजोर हो तो उन पर तांत्रिक क्रिया जल्दी प्रभाव डालती है। यदि कुंडली ग्रहण योग या राहु बहुत अनिष्टकारी स्थिति में है या शनि की टेढ़ी दृष्टि है या मंगल-शनि का संयोग है या चंद्र-शनि का संयोग हो तो भी जातक ऋणात्मक शक्तियों के प्रभाव में आता है। जब शनि नीच राशि मैं राहू के साथ हो तो भी श्रापित दोष के कारण व्यक्ति पर तन्त्र क्रिया हो सकती है ।

उपरोक्त सभी जानकारियां धार्मिक आस्थाओं और लौकिक मान्यताओं पर आधारित हैं, जिसे मात्र सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर प्रस्तुत किया गया है। लेखक इनकी सत्यता का दवा नहीं करता हैं |

पंडित “विशाल” दयानन्द शास्त्री,
(ज्योतिष-वास्तु सलाहकार)
राष्ट्रीय महासचिव-भगवान परशुराम राष्ट्रीय पंडित परिषद्

प्रिय पाठकों/मित्रों, वर्तमान वैज्ञानिक युग में तंत्र-मंत्र और तांत्रिक क्रिया की बात बेमानी लगती है। इस पर यकीन करना वैज्ञानिक तथ्‍यों और सुबूतों के सामने बेहद मुश्‍किल है, लेकिन कुछ घटनाएं ऐसी भी होती है जिनका जवाब मेडिकल साइंस और विज्ञान दोनों के पास नहीं मिलता। ऐसी स्‍थिति में व्‍यक्‍ति का विश्‍वास दूसरी ओर जाता है। जीवन में कई बार ऐसा समय आता है, जब ग्रहों की स्थिती में इस कदर बदलाव आता है की व्यक्ति का जीवन अस्त-व्यस्त हो जाता है। ऐसे में वो इधर-उधर भटकता है, स्वयं का अच्छा करने के चक्कर में वो दूसरे का बुरा करने…

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2 comments

  1. Main ek tantric ke pass gayi thi Vadodara mein, mere pati ke naukri ke vishay aur gharelu problems ke liye. Usne kuch havan kiya, aur mujhe ek sindur Diya, aur kaha usse apna aur apne parivarwalo ka naam likhke jalane ke liye kaha, phir use pani mein bahane ke liye kaha aur
    Rs.4000 diya. Maine wo sab Kiya aur phir agle din wo mujhe phone karke batata hai ki mujhpe koi badi musibat aane wali hai aur mujhe aur ek havan ke liye phir RS.1100 Dene honge. Maine Mana kar Diya. Abhi mujhe dar lag Raha hai ki agar wo kuch galat tantra mantra kar Diya mere naam pe?

  2. I’m very much upset due to financial down fall, I have been working hard but I m no we’re. Pls help to come out of my problems

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