RRR

फ़िल्म का टीजर प्रदर्शित

पहले टीजर में राम चरण, दूसरे में जूनियर एन टी आर
दिखाई दिए है…

एक चर्चा फ़िल्म से पहले :-
दुनिया मे आसान लब्ज़ है दोस्ती
यह लब्ज़ छोटा सही पर इसे हम ख़ुद चुनते है
रिश्ते तो कुदरत बनाती है पर दोस्ती हम चुनते है और हम ही सहेजते और पालते, पोसते है
यह जब फल जाए तो दुनिया को जीत सकते है और दोस्त खो दे तो हम दुनिया हार भी सकते है
दोस्ती है तो हम नरक को स्वर्ग भी बना सकते है या फिर इसका उलट भी हो सकता है,

इन्ही लाइनों को चरितार्थ करेगी एस एस राजामौली की अगली फिल्म RRR जिसमे तेलगू सिनेमा के सुपर सितारे जूनियर एन टी आर, राम चरन एक साथ नज़र आने को है,
फ़िल्म बाहूँबली वाले राजामौली की है जिसकी अनुमानित बजट 400 करोड़ बताया जा रहा है, फ़िल्म के टीजर से ही भव्यता का अभ्यास हो रहा है,
फ़िल्म में 1920 के कालखंड को भी दिखाया जाएगा
RRR का मतलब राइस, रिवोल्ट, रिवोल्यूशन यानी हिंदी में
उठो, दहाडो और टकरा जाओ
लेकिन फ़िल्म दोस्ती पर मुख्य केंद्रित भी होंगी,
फ़िल्म के दो किरदार अलूरी सीताराम राजू और कौमा भीमा राव सच्ची घटनाओं से उठाए गए है जहां भरत के इतिहास के पन्नो में यह दोनो दोस्तों ने आज़ादी के लिए कुर्बानी दी थी दर्ज है,
दो असली किरदारो की कुर्बानी को एक काल्पनिक कहानी बुनकर फ़िल्म बनाई गई है
फ़िल्म में केवल एक्शन ही मिलने वाला है यह ज़रूरी नही है रोमांस का तड़का भी मिलेगा
राम चरन एक तरफ आलिया भट्ट से इश्क फरमाते नज़र आएंगे
तो दूसरी तरफ जूनियर हॉलीवुड की अभिनेत्री ओलिविया मोरिस के मुहब्बत में नज़र आएंगे,
जिसमे कुछ जांबाज़ नोजवान जान की बाजी लगा कर अंग्रेजी हुकूमत की मुख़ालेफ़त करते नज़र आएंगे।

पहले R में राम चरण दूसरे R में एनटीआर, तीसरे R में अजय देवगन से बात अंतिम हो चली है,
राम चरम और जूनियर दोनो ही दक्षिण भारतीय सिनेमा के मशहूर और मारूफ सितारे है, जिनकी फिल्मों में हाजरी ही सफलता का प्रमाणपत्र होती है,
फ़िल्म को तमिल, तेलगू, कन्नड़, मलयालम, हिंदी में एक साथ प्रदर्शित किया जाने की तैयारी है क्योकि बाहुबली ने सारे अनुभवों से परिचित करा दिया है राजमौली को,
अब राजमौली भारतीय सिनेमाघरों में प्रदर्शन का अनुभव रखते है बल्कि वैश्विक प्रदर्शित पर भी काम कर सकेंगे,
अजय देवगन की तीसरे R में आना भी इस बात की ग्यारंटी होगा कि फ़िल्म सम्पूर्ण भारत मे प्रदर्शित की जाएगी
हो सकता है कि राजामौली अपने ही फ़िल्म बाहूबली के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दे इस बार
फ़िल्म से उम्मीद भी यही की जानी चाहिए
फ़िल्म का संगीत उचित- उपयुक्त – कर्णप्रिय बना है जिसकी झलक टीजर में साफ सुनाई दे रही है,
कूल मिलकर दक्षिण और मुम्बई कर सिनेमा का यह तालमेल कोई बड़े धमाके की दस्तक देता नज़र आ रहा है,
फ़िल्म 2021 में सिनेमाघरों में प्रदर्शित होगी
वह समय दूर नही ज़ब दर्शक भाषा के बंधनों को तोड़कर उत्तम और परिष्कृत फिल्में देखने लगेगी

फ़िल्म समीक्षक
इदरीस खत्री

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