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आज भी प्रासंगिक है राखी का पर्व

प्राचीनकाल से हिन्दुओं समाज की कार्यकुशलता और पर्व त्योहारों की निरन्तरता के पीछे उनकी ‘पर्व व्यवस्था’ की अवधारणा महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाती रही है। भारत के प्रत्येक प्रदेश में जाति और वर्ण में, अपने अपने त्योहार संयुक्त रूप से एवं अलग-अलग मनाने की परम्परा सदियों से चली आ रही है। हिन्दुओं ने समाज में कार्य विभाजन के आधार पर जिस वैज्ञानिक ...

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