फेसबुक की 10वीं सालगिरह

सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट फेसबुक अपनी 10वीं सालगिरह मना रही है। इस एक दशक में इसने उतार और चढ़ाव दोनों देखे हैं और इसकी समाप्ति पर असाधारण लाभ भी प्राप्त किया है। विश्वभर में इसके 1.2 अरब से ज्यादा यूजर्स हैं और इसकी संख्या बढ़ते रहने से इसके बंद होने की संभावना नहीं है।

1 मिनट में पकड़ें FACEBOOK के फर्जी दोस्त

फेसबुक का प्रभाव ऐसा था जिसने दोस्त की नई परिभाषा गढ़ी, यानी फेसबुक पर किसी व्यक्ति का मित्र। इसके जरिए कोई भी व्यक्ति किसी को भी फॉलो कर उसका मित्र बन सकता है कंपनी की स्थापना मार्क जुकरबर्ग ने चार फरवरी 2004 को किया था। हावर्ड विश्वविद्यालय के इस छात्र ने अलग-अलग लोगों के बीच अनुभवों को बांटने के लिए एक साझे मंच के तौर पर फेसबुक वेबसाइट की शुरुआत की। 10 साल बाद आज इस कंपनी का रेवेन्यु 49266 करोड़ रुपए पर पहुंच गया है। फेसबुक इस साल अपना निवेश 80% बढ़ाकर 2.5 अरब डॉलर (157 अरब रुपए) तक पहुंचा सकती है। कंपनी ने पिछले साल 1.37 अरब डालर (86 अरब रुपए) का निवेश किया था।

सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर पहचान छिपाने या गलत पहचान पेश करने के बढ़ते मामलों के मद्देनजर इस्राइल की एक कंपनी ने एक ऐसा ऐप्लिकेशन डिवेलप किया है, जो फेसबुक पर फर्जी अकाउंट्स को पहचानने में मदद करेगा। फेसबुक पर मौजूद फेकऑफ नाम के इस ऐप के बारे में दावा किया गया है कि यह यूज़र को उन फर्जी प्रोफाइल से बचाता है, जिन्हें वे नए ऑनलाइन फ्रेंड्स समझने की गलती कर बैठते है।

कैसे चेक करें

फेसबुक खोलें और लॉग-इन करें। सबसे ऊपर सर्चबार में fakeoff लिखते ही ऐप्स की कैटिगरी में यह दिखने लगेगा। इस पर क्लिक करें और इसमें दाईं तरफ Go to App पर क्लिक करें। इसके बाद जो पेज खुलेगा, उसमें Connect with Facebook पर क्लिक करें। इसके बाद यह कुछ देर आपके कॉन्टैक्ट लिस्ट को खंगालने में लगाएगा। फिर आपको अपने फ्रेंड्स की लिस्ट दिखेगी, जिसमें से सभी के नीचे दो बटन – Let Check him/her और I know He/She is real! दिखेंगे। जिन्हें आप जानते हैं कि वे सही हैं, उनमें आप I know He/She is real! पर क्लिक कर सकते हैं। इससे वे आपकी पॉजिटिव लिस्ट में शामिल हो जाएंगे। जिनके बारे में आप जानना चाहते हैं कि वे सही हैं या नहीं, उनके Let Check him/her पर क्लिक करें। फिर एक पेज खुलेगा।

फेसबुक पर अब मिलेगी ज्यादा प्राइवेसी…

दुनिया के अमीर लोगों में गिने जाने वाले जुकरबर्ग मई में 30वां जन्मदिन मनाएंगे। फेसबुक जहां घर-घर लोकप्रिय हो चुका है, वहीं युवा अमेरिकी इससे दूर होते जा रहे हैं, उन्हें इसमें कुछ नया नजर नहीं आ रहा।

एक रिपोर्ट के मुताबिक जनवरी 2011 से जनवरी 2014 के बीच 13 से 17 साल की उम्र के 30 लाख से अधिक उपयोगकर्ता ने अपना अकांउट बंद कर दिया है। यही हाल 18 से 24 साल के बीच के युवाओं का भी रहा है अनुभव बांटने के लिए शुरू किया गया था फेसबुक : फेसबुक जो एक सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट से बढ़कर अब एक कंपनी भी है और इसकी स्थापना मार्क जकरबर्ग ने 4 फरवरी 2004 को की थी. हावर्ड यूनिवर्सिटी के इस स्‍टूडेंट ने तब अलग-अलग लोगों के बीच अनुभवों को बांटने के लिए इसे एक साझे मंच के तौर पर शुरू किया था|

साल 2013 में फेसबुक ने 7.87 अरब डॉलर की कमाई थी, जिसमें 1.5 अरब डॉलर का शुद्ध मुनाफा शामिल था. जकरबर्ग आज दुनिया के सबसे अमीर लोगों में गिने जाते हैं|

2016 तक भारत दुनिया का सबसे बड़ा फेसबुक उपयोगकर्ता देश होगा…

मोबाइल प्‍लेटफॉर्म : फेसबुक इंडिया की चीफ कीर्तिगा रेड्डी के मुताबिक, कंपनी की योजना भारत में जल्‍द ही 10 करोड़ फेसबुक यूजर के आंकड़े को प्राप्‍त करने की है. कंपनी आगे अपने मोबाइल प्लेटफॉर्म पर जोर लगाने की योजना बना रही है|

फेसबुक पर करते है गुपचुप तरीके से जासूसी…

जल्‍द होंगे 10 करोड़ यूजर्स : अमेरिका में जहां फेसबुक की लोकप्रियता घट रही है, वहीं फेसबुक के लिए भारत की अहमियत बढ़ती जा रही है. यहां लगातार बढ़ रहे यूजर्स से मार्क जकरबर्ग बेहद खुश हैं|

फेसबुक ने लॉन्च किया न्यूज़पेपर ऐप…

गौरतलब है कि भारत में फेसबुक के 9 करोड़ 30 लाख यूजर हैं जो अमेरिका के बाद सबसे अधिक है| खास बात यह है कि इनमें से साढ़े 7 करोड़ यूजर मोबाइल फोन पर फेसबुक का इस्‍तेमाल करते हैं|

अब से 18 महीने बाद फेसबुक एक अलग तरह का मीडिया होगा. इस पर काफी काम चल रहा है. दूसरी ओर जकरबर्ग ने भी घोषणा की है कि वे फेसबुक को अगले लेवल पर ले जाने की तैयारी कर रहे हैं|

फेस बुक के बारे में कुछ दिलचस्प तथ्य:

धरती का हर 13वां व्‍यक्ति फेसबुक यूजर है।  71.2 प्रतिशत यूएस के इंटरनेट यूजरों में 30 प्रतिशत यूजर फेसबुक के हैं। हर 20 मिनट में 1,000,000 लिंक फेसबुक में शेयर किए जाते हैं।

हर 20 मिनट में 10.2 मिलियन कमेंट पोस्‍ट किए जाते हैं। हर 20 मिनट में 1,587,000 वॉलपोस्‍ट लिखे जाते हैं। नए साल के दौरान करीब 750 मिलियन फोटो फेसबुक में अपलोड किए जाते हैं|

हर 20 मिनट में 1,484,000 ईवेंट इनवाइट पोस्‍ट किए जाते हैं। हर 20 मिनट में 1,323,000 फोटो टैग किए जाते हैं। हर 20 मिनट में 1,851,000 स्‍टेटस अपडेट किए जाते हैं|

हर 20 मिनट में 1.972 मिलियन दोस्‍तों की रिक्‍वेस्‍ट एक्‍सेंप्‍ट की जाती है। हर 20 मिनट में 2,716,000 फोटो अपलोड की जाती है। हर 20 मिनट में 2,716,000 मैसेज भेजे जाते हैं।

फेसबुक की दुनिया के बारे में कुछ हकीकत हमारी नजर में

लाखो फेक ID बनी हुई हैं, बहुत से वाहियात लड़के लडकियों के नाम से ID बना रखी हैं, ना जाने कितनी ID रोज फेसबुक वाले बंद कर रहे हैं, खाना मिले ना मिले दिन में फेसबुक बहुत जरूरी है, हर 10 फेसबुक यूजर में 5 की दो ID फेसबुक पे मिलेंगी|

समय की बर्बादी कई कंपनियों ने अपने ऑफिस में फेसबुक सिर्फ इसलिए बंद कर रखा है क्‍योंकि इससे कंपनी की प्रोडेक्‍टीविटी पर असर पड़ता है। आकड़ों के अनुसार रोज करीब 60 प्रतिशत फेसबुक यूजर एक्‍टिव रहते हैं जो रोज 20 मिनट फेसबुक पर गुजारते हैं।

48 प्रतिशत अमेरिका के युवाओं का कहना है उन्‍हें न्‍यूज फेसबुक के द्वारा मिलती है। 18 से 34 सोल के 48 प्रतिशत लोग अपना फेसबुक तक चेक करते हैं जब वे सुबह सो कर उठते हैं या फिर सोनी जाते हैं। 50 प्रतिशत एक्‍टिव यूजर रोज फेसबुक में लॉगइन करते हैं। लोग हर महिने फेसबुक में करीब 700 बिलियन मिनट देते हैं।

ये क्या तीन सालों में Facebook पूरी तरह से खत्म

फेसबुक का दौर अब खत्म होने जा रहा है। यह खुलासा प्रिंस्टन यूनिवर्सिटी के मेकैनिकल और एरोस्पेस इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट ने किया है। प्रिंस्टन ने अपनी स्टडी में फेसबुक को एक खतरनाक बीमारी की तरह बताया है जो धीरे-धीरे खत्म हो रही है। प्रिंस्टन की स्टडी के हिसाब से फेसबुक साइट 2015 से 2017 के बीच अपने 80 प्रतिशत यूजर्स खो देगी।

फेसबुक अपनी चरम लोकप्रियता तक पहुंच चुकी है। रिसर्च के अनुसार फेसबुक का पूरा ग्राफ माईस्पेस की तरह ही दिख रहा है जो एक बार लोकप्रियता के चरम पर पहुंचकर फिर गिरने लगा। गौरतलब है कि 4 फरवरी को फेसबुक को 10 साल पूरे हो जाएंगे। अगर प्रिंस्टन की रिसर्च स्टडी सच होती है तो फेसबुक इसके बाद उतार के रास्ते पर चलेगा।

क्यों : फेसबुक के खत्म होने के पीछे रिसर्च रिपोर्ट के अनुसार इसके फीचर्स का बहुत बड़ा हाथ है। पिछले साल से ही फेसबुक लगातार अपने छवी खोता जा रहा है। 2013 में टीनएजर्स के अकाउंट्स के मामले में फेसबुक बहुत पीछे था। फेसबुक की तुलना में MASHABLE के सर्वे के अनुसार यूट्यूब को टीनएजर्स की फेवरेट साइट बताया गया था। फेसबुक के फीचर्स बहुत ज्यादा लोकप्रिय होने के बाद अपनी पहचान अब खोने लगे हैं। प्रिंस्टन की रिसर्च रिपोर्ट के अनुसार इसका दौर अब खत्म हो रहा है। 2012 में रिसर्चर्स ने गूगल सर्च के नतीजों में फेसबुक की सर्च में भारी गिरावट दर्ज की थी। ऊपर दी गई तस्वीर में गूगल के हिसाब से फेसबुक के सर्च ग्राफ को दिखाया गया है।

कब : फेसबुक के खत्म होने का दौर प्रिंस्टन की स्टडी के अनुसार 2015 – 2017 के बीच रखा गया है। इस दौर में फेसबुक अपने 80 प्रतिशत से ज्यादा यूजर्स खो देगा। प्रिंस्टन के पब्लिश किए गए पेपर में यह बात साफ की गई है कि फेसबुक माईस्पेस की तरह ही खत्म होगा। हालांकि, माइस्पेस के 100 मिलियन यूजर्स की तुलना फेसबुक के 1.2 बिलियन यूजर्स से करना थोड़ा मुश्किल है। फिर भी प्रिंस्टन के रिसर्चस ने सोशल मीडिया पर एक नई बहस छेड़ दी है।

कैसे : फेसबुक को प्रिंस्टन के रिसर्चर्स ने अपने पेपर में एक रिसर्च मॉडल भी पेश किया है। यह मॉडल फेसबुक को एक बीमारी की तरह पेश कर रहा है जो शरीर से धीरे-धीरे जा रही है। फेसबुक को सोशल मीडिया की सबसे लोकप्रिय वेबसाइट होने का गौरव हासिल है, लेकिन स्नैपचैट, वी-चैट और वॉट्सऐप जैसे इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप्स भी फेसबुक की घटती लोकप्रियता का एक कारण हो सकते हैं।

सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट फेसबुक अपनी 10वीं सालगिरह मना रही है। इस एक दशक में इसने उतार और चढ़ाव दोनों देखे हैं और इसकी समाप्ति पर असाधारण लाभ भी प्राप्त किया है। विश्वभर में इसके 1.2 अरब से ज्यादा यूजर्स हैं और इसकी संख्या बढ़ते रहने से इसके बंद होने की संभावना नहीं है। 1 मिनट में पकड़ें FACEBOOK के फर्जी दोस्त फेसबुक का प्रभाव ऐसा था जिसने दोस्त की नई परिभाषा गढ़ी, यानी फेसबुक पर किसी व्यक्ति का मित्र। इसके जरिए कोई भी व्यक्ति किसी को भी फॉलो कर उसका मित्र बन सकता है कंपनी की स्थापना मार्क जुकरबर्ग ने…

Review Overview

User Rating: Be the first one !

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*

Translate »