“मैं न होता, तो क्या होता?”

सुंदरकांड का एक प्रसंग अवश्य पढ़ें और अपने जीवन में ऊतारे…. ” मैं न होता, तो क्या होता ? “ना मैं श्रेष्ठ हूँ,ना ही मैं ख़ास हूँ,मैं तो बस छोटा…

मूर्ति में क्यों बसते हैं भगवान

क्यों भगवान मूर्ति में उपस्थित हो जाते हैं और पत्थर की मूर्ति भगवान बन जाती है ? भगवान के अर्चावतार से सम्बधित एक भक्ति कथा । किसी नए काम को…

समर्पण का भाव

एक बार एक बेहद ख़ूबसूरत महिला समुद्र के किनारे रेत पर टहल रही थी।समुद्र की लहरों के साथ कोई एक बहुत चमकदार पत्थर छोर पर आ गया।महिला ने वह नायाब…

वाणी पर नियंत्रण

क बार की बात है,नयासर गांव में एक ईमानदार लड़का रहता था,वह सभी से प्यार से बाते करता था जिससे जलन के मारे एक बार एक बूढ़े आदमी ने अफवाह…

सत्यसनातनधर्मो विजयतेतराम् – रक्षाबंधन पर्व इतिहास के वातायन से

भारतीय प्राचीन त्योहारों में रक्षाबंधन का विशिष्ट स्थान है। रक्षा-बंधन का अर्थ है – रक्षा का बंधन। रक्षाबंधन एक सामाजिक, पौराणिक, धार्मिक और ऐतिहासिक भावना के धागे से बना एक…

सर्वप्रथम किसने बांधी राखी किस को और क्यों…?

पौराणिक शास्त्रों में ऐसा वर्णन है जो 100 अश्वमेध यज्ञ पूर्ण कर लेता है उसे इंद्र का पद मिल जाता है, ये रघुकुल के धर्मात्मा महाराज दिलीप ने भी किये…

तुलसी कौन थी?

तुलसी (पौधा) पूर्व जन्म में एक कन्या थी इसका नाम वृंदा था, राक्षस कुल में ईसका जन्म हुआ था बचपन से ही भगवान विष्णु की भक्त थी. बड़े ही प्रेम…

कहानी नारियल के जन्म की

प्राचीन काल में सत्यव्रत नाम के एक राजा राज करते थे। वह प्रतिदिन पूजा-पाठ किया करते थे। उनके पास किसी भी चीज की कमी नहीं थी। वह धन दौलत से…

अहंकार करना उचित नही

प्राचीन काल की बात है, शेषनाग का एक महा बलवान् पुत्र था। उसका नाम मणिनाग था। उसने भक्ति भाव से भगवान् शंकर की उपासना कर गरुड़ से अभय होने का…

कथाएं पिता के वीर्य और माता के गर्भ के बिना जन्मे 16 पौराणिक पात्रों की

हमारे हिन्दू धर्म ग्रंथो वाल्मीकि रामायण, महाभारत आदि में कई ऐसे पात्रों का वर्णन है जिनका जन्म बिना माँ के गर्भ और पिता के वीर्य के हुआ था। यहां हम…