नारी तुम केवल श्रद्धा हो!

माँ हो तुम, बहन हो, प्रेयसी हो, अर्धांगिनी हो,
तुमने ही जन्मा और जीना सिखाया, फिर पुरुष
को तुम्हे सताने का विचार भी क्यों आया !
तुम्हारे समर्पण को मैंने कमजोरी माना, तुम्हारे
त्याग को न कभी देखा ना पहचाना!
कभी बातों से, कभी आँखों से, कभी हरकतों से,
कभी इरादों से…. हर पल तुम्हारा शोषण हुआ!
मानवता रोयी, आँखे थर्राई, तन मन में तुम्हारे
चित्कार हुआ!
जब भी तुमपर कोई ज़ुल्म हुए, और
उसका ना कोई इन्साफ किया,
तुमने अपनी महानता दिखलायी, पूरे दिल से
हमको माफ़ किया!
एक बेटा, एक भाई, एक पिता या एक
जीवनसाथी समझकर, क्षमा देके तुमने हमें फिर
भी अपनाया
आज न जाने क्यों, दिल से तुम्हे आभार प्रकट
करने का मन में विचार आया!
नारी तुम केवल श्रद्धा हो, तुम ममत्वय
हो…. भोग विलास की वस्तु नहीं, तुम जीवन हो,
हमारी रक्त संचार हो।
नारी तुम केवल श्रद्धा हो. माँ बहन और पत्नी के रूप में…

Author: Govind Gupta (गोविंद गुप्ता)

Related Posts

ये नव वर्ष हमे स्वीकार नहीं

ये नव वर्ष हमे स्वीकार नहीं,है अपना ये त्यौहार नहींहै अपनी ये तो रीत नहीं,है अपना ये व्यवहार नहींधरा ठिठुरती है सर्दी से,आकाश में कोहरा गहरा हैबाग़ बाज़ारों की सरहद…

इंसान सिमट गए पैसों में

खो गईं वो चिठ्ठियाँ जिसमें “लिखने के सलीके” छुपे होते थे, “कुशलता” की कामना से शुरू होते थे। बडों के “चरण स्पर्श” पर खत्म होते थे…!! “और बीच में लिखी…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Missed

सेक्स के अलावा भी कंडोम का उपयोग है?

सेक्स के अलावा भी कंडोम का उपयोग है?

शीघ्रपतन से छुटकारा, अपनाएं ये घरेलु उपाय

शीघ्रपतन से छुटकारा, अपनाएं ये घरेलु उपाय

सेक्स के लिए बाहर क्यूं मुंह मारते है पुरुष ?

सेक्स के लिए बाहर क्यूं मुंह मारते है पुरुष ?

गर्भनिरोधक गोलियों के बिना भी कैसे बचें अनचाही प्रेग्नेंसी से ?

गर्भनिरोधक गोलियों के बिना भी कैसे बचें अनचाही प्रेग्नेंसी से ?

कुछ ही मिनटों में योनि कैसे टाइट करें !

कुछ ही मिनटों में योनि कैसे टाइट करें !

दिनभर ब्रा पहने रहने के ये साइड-इफेक्ट

दिनभर ब्रा पहने रहने के ये साइड-इफेक्ट