Festivals

India presents a cultural potpourri of number of religions with their own festivals and celebrations but the four major religions followed in India are Hinduism, Islam, Christianity and Sikhism in the descending order. There are a number of regional festivals which are celebrated in particular areas only. Bright colors, brightly lit religious places, illuminated houses, sweets and traditional dresses and dances and unwavering enthusiasm are the characteristics of all the festival holidays in India. Cuisine, dresses and ornaments, especially of the Indian women, with the profusion of golden, red and yellow colors, cultural and traditional performances and music, chariot and car procession of the deities and interesting folklores give the Indian festivals their universal appeal. The concept of universal brotherhood encompasses all the festivals of India and the vibrant colors, warm hospitality and infectious buoyant spirit of the Indians attract people from all over the world to take part in the Indian fairs and festivals.

मालवा उत्सव 25 मई से लालबाग पर

@ इंदौर गौरव दिवस के तहत होगे आयोजन@ जनजातीय नृत्य और लोक कला को समर्पित होगा यह उत्सव@ देश भर से जुटेगे लोक कलाकार व शिल्पकार@ अंतर्राष्ट्रीय शिल्पकार  भी होंगे मालवा उत्सव में इंदौर : लोक संस्कृति मंच द्वारा देश का प्रतिष्ठित लोकोत्सव मालवा उत्सव 25 मई से लालबाग परिसर में आयोजित होने जा रहा है इस वर्ष का यह ...

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कौन है, कहाँ है, मेरा पहला प्यार

पला जिसके गर्भ में, गर्भ के अंदर से ही जिसे प्यार करता था मैं वो है मेरी माँ एक विशिष्ट और अबूझ बंधन होता है माँ और उसके बच्चों के बीच जो कि स्वाभाविक रूप से  प्रकृतिक होकर कभी ना समाप्त होने वाला होता है । माँ की ममता की तुलना संसार की किसी और भावना से की ही नही ...

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महावीर विक्रम बजरंगी

कहा जाता है कि मित्रता से बढ़कर और कोई रिश्ता नही होता और हनुमान से बढ़कर कोई और मित्र नही होता, सम्पूर्ण विश्व साहित्य में हनुमान के समकक्ष कोई और पात्र दिखाई नहीं पड़ता है। हनुमान एक ऐसे चरित्र हैं जो सर्वगुण सम्पन्न हैं। सिर्फ अप्रतिम शारीरिक क्षमता ही नहीं, अलौकिक मानसिक दक्षता तथा अद्भुत चारित्रिक ऊंचाइयों के भी यह ...

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तीन दिवसीय भारतीय पत्रकारिता महोत्सव कल से

स्टेट प्रेस क्लब के वैचारिक अनुष्ठान में देशभर के दिग्गज पत्रकार रखेंगे अपनी बात…देशभर के ख्यातनाम पत्रकार करेंगे शिरकत। इंदौर : स्टेट प्रेस क्लब मध्य प्रदेश तीन दिवसीय वैचारिक अनुष्ठान ‘भारतीय पत्रकारिता महोत्सव’ का शुभारंभ गुरुवार 14 अप्रैल को होगा। इस महोत्सव में भाग लेने के लिए देशभर के दिग्गज पत्रकार इंदौर पहुंच रहे हैं। स्टेट क्लब मध्य प्रदेश के ...

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राम और मर्यादा पुरषोत्तम राम

राम सिर्फ दो अक्षर का नाम भर नहीं है, रामनाम तो प्रत्येक प्राणी की चेतना में सांस की तरह बसा हुआ है, राम चेतना और सजीवता का प्रतीक हैं। अगर राम नहीं तो जीवन मरा है। भारतीय समाज में मर्यादा, आदर्श, विनय, विवेक, नेतृत्व, मित्रता, वीरता, एकाग्रता, लोकतांत्रिक मूल्यों और संयम का नाम राम है। राम प्रतिनिधित्व करते हैं मानवीय ...

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रामायण” क्या है ?

“रामायण” भोग की नहीं…. त्याग की कथा हैं..!अगर कभी पढ़ो और समझो तो आंसुओ पे काबू रखना…रामायण का एक छोटा सा वृतांत है, उसी से शायद कुछ समझ सको… एक रात की बात हैं, माता कौशल्या जी को सोते में अपने महल की छत पर किसी के चलने की आहट सुनाई दी।नींद खुल गई, पूछा कौन हैं ? मालूम पड़ा ...

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आखिर क्यों कैद है भगवान शिव की प्रतिमा…?

रायसेन में कथा के दौरान पंडित प्रदीप मिश्रा ने रायसेन किले में बने शिव मंदिर के ताले खोलने की मांग की। उन्होंने रायसेन वालों को इस बात के लिए धिक्कारा भी कि उनके यहां शिव कैद में है। पंडित मिश्रा ने शिवराज सिंह चौहान, ग्रह मंत्री नरोत्तम मिश्रा से भी अनुरोध किया कि आप सनातनी हो तो तत्काल मंदिर का ...

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अब मुफ्त में नहीं होगा पैन-आधार लिंक

पैन कार्ड को आधार कार्ड से लिंक करने की समय सिमा को टैक्स डिपार्टमेंट ने एक साल के लिए आगे बड़ा दिया है। परन्तु इनको आपस में लिंक करने की फ्री सेवा अब समाप्त हो चुकी है। अब इन दस्तावेज को आपस में लिंक करने के लिए आपको जुर्माना भरना होगा।पैन कार्ड और आधार कार्ड दो ऐसे दस्तावेज हैं, जिनकी ...

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नारीवादी पुरुष बनाम पुरुषवादी नारियां

आमतौर पर मैं फेमिनिज्म यानी नारीवाद पर बात नहीं करती हूँ, इस वजह से कभी-कभी मुझे पाप भी लग जाता है और लोग मुझे गैर-नारीवादी समझने लगते हैं। गैर-नारीवादी होना पुरुषवादी होने से अलग है। हालाँकि ‘पुरुषवाद’ जैसा कुछ होता भी है या नहीं, इसका मुझे कोई आइडिया नहीं है और मुझे यकीन है कि पुरुषों को भी इस बारे ...

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आयकर प्रावधान के तहत नकद लेनदेन के नियम

करेंसी के डेमोनेटाईज़ेशन के बाद सरकार नकद लेनदेन को नियमित (regularize) करना चाह रही थी और इसलिए नगद लेनदेन (Cash Transaction) को प्रभावित करने के लिए सरकार विभिन्न प्रावधान लेकर आए हैं। आयकर कानून 1961 और अन्य कानूनों को सरल भाषा में इस आर्टिकल के माध्यम से हम समझेंगे। SECTION 40A (3) – किसी व्यक्ति को एक दिन में नकद ...

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