रंग… अब बिदा भये
बासन्ती बयारों के संग आये रंग, फ़ागुण में छाए और जमकर बरसे अगले बरस फिर लौटकर आने का वादा कर छोड़ गए अपनी रंगत चौक-चौबारों, गली-मोहल्लों में छोड़ गए अपने…
बाली का अहंकार
बाली किष्किंधा का राजा था। वह इंद्र का धर्म पुत्र, वृषराज का जैविक पुत्र, सुग्रीव का बड़े भाई और अंगद का पिता अप्सरा तारा के पति था। बाली को वरदान…
“याद”
‘याद’ का ना होना ‘भूलना’ नहीं हैजैसे सुख का ना होना दुख नहीं हैऔर उम्मीद का ना होना नाउम्मीदी से अलग है एक समय के बादहोने और ना होने के…
भगवान् भावके भूखे हैं
गृहस्थ में रहने वाले एक बड़े अच्छे त्यागी ब्राह्मण पण्डित थे। त्याग केवल साधुओं संतो में ही नहीं होता। गृहस्थ में, सन्यास में, साधु में, सभी में त्याग हो सकता…




