पराया माथे ट्राफिक में नंबर वन नी होंयगा
एक दन अपना स्कूटर से दफ्तर जई रयो थो कि पीछे से एक छोरो दनदनातो आयो ने एकदम से गाड़ी मोड़ दी। हूं गिरते -गिरते बचियो। म्हने उकासे कयो कि…
बुढ़ापे की वो सुबह
सुबह का सन्नाटा था, लेकिन निगम साहब के घर में मानो तूफान आ गया था। घड़ी की सुइयाँ पाँच के करीब पहुँच रही थीं और निगम साहब पिछले बीस मिनट…
l भद्रकाली-का-वरदान l
केरल में नाराणतु भ्रांतन (पागल) के किस्से बहुत प्रसिद्ध हैं। वह वररुचि के पुत्र थे। उनके पास अद्भुत शक्तियाँ थीं। किंतु वह सदा पागलों-सा वेष बनाए घूमते। भिक्षा माँगकर अपना…
प्रीपेड मृत्यु
पुणे के एक बड़े श्मशान घाट में दोपहर के 3 बजे थे। ‘रोहन’ (उम्र 35 वर्ष), जो अमेरिका की एक बड़ी सॉफ्टवेयर कंपनी में वाइस प्रेसिडेंट था, अभी-अभी फ्लाइट से…
किसका ठाकुर भारी? श्री राम या श्री कृष्ण?
जब ब्रज में सूरदास जी और तुलसीदास जी के बीच छिड़ गई एक प्यारी सी बहस! पढ़िए यह अद्भुत और रसपूर्ण कथा… एक बार गोस्वामी तुलसीदास जी, सूरदास जी से…
“शिव तत्व और शून्य”
“शक्ति विशिष्टाद्वैत के अनुसार शिव तत्व और शून्य” सत्य ही शिव है, शिव ही सुन्दर है बाकी सब गौण। एक शिव ही सृष्टि में सत्य है, वही क्रिया शक्ति, चित…
बुढ़ापे में सबसे घातक दर्द कौन सा होता है?
बुढ़ापा वह दरवाज़ा है जहाँ से हर इंसान अकेले गुजरता है… और अंदर सिर्फ़ सन्नाटा रहता है। कहते हैं मौत अचानक आती है… नहीं। मौत धीरे-धीरे आती है।पहले रिश्तों से…
ब्याव में दिखावा ने खानपान को अजीरन
ब्याव को टेम चली रयो हे।वेवार रे तो लोगना निवतो बी देइज हे, ने अपना के बी निभाने वास्ते जानो पड़े ने जानो बी चइये। असा मोका पे एक-दूसरा से…
घर का अवेराय नी, बायर वाला की सेवा का चोंचला
मनख का दो रूप रे हे। हाथी का दांत सरीका, खाने का अलग ने दिखाने का अलग। दुनिया का आगे मनख वे सगला खटकरम करे, जो उका वास्तविक जीवन में…
जनता ने झाड़ू फेर दी
भेरू दादा सुबे-सुबे मिली गया। म्हारा से हात मिलायो तो केने लगिया बाबू दादा, तम भोत ठंडा हुई रया हो। म्हने उनके टोकियो कि दादा, म्हारा हात ठंडा हुई रया…












