कहानी नारियल के जन्म की
प्राचीन काल में सत्यव्रत नाम के एक राजा राज करते थे। वह प्रतिदिन पूजा-पाठ किया करते थे। उनके पास किसी भी चीज की कमी नहीं थी। वह धन दौलत से…
माँ… तुम लौट आओ ना!
बटोही में बनाकर दाल जीरे का छौंक लगाओ ना बहुत भूखा हूँ चूल्हे की गरम रोटी खिलाओ ना दीवाली आ रही है माँ नए कपड़े सिलाओ ना माँ…तुम लौट आओ…
कर भला तो हो भला
एक लड़का अपने स्कूल की फीस भरने के लिए, घर घर जा कर सामान बेचा करता था। एक दिन उसका कोई सामान नहीं बिका और उसे भूख भी लग रही…
कफन
कफ़न ओढ़ कर मैं चला बिना चलाये पाँव लोग कांधे बदलते रहे ले जाने को श्मशान क्या क्या नही कमाया करके श्रम दिन और रात कफ़न मिला बिना जेब का…
अहंकार करना उचित नही
प्राचीन काल की बात है, शेषनाग का एक महा बलवान् पुत्र था। उसका नाम मणिनाग था। उसने भक्ति भाव से भगवान् शंकर की उपासना कर गरुड़ से अभय होने का…
सदुपयोग कैसे करे ?
एक गांव में धर्मदास नामक एक व्यक्ति रहता था। बातें तो बड़ी ही अच्छी- अच्छी करता था पर था एकदम कंजूस। कंजूस भी ऐसा वैसा नहीं बिल्कुल मक्खीचूस। चाय की…
“मैंने दहेज़ नहीं माँगा”
साहब मैं थाने नहीं आउंगा,अपने इस घर से कहीं नहीं जाउंगा,माना पत्नी से थोड़ा मन-मुटाव था,सोच में अन्तर और विचारों में खिंचाव था,पर यकीन मानिए साहब, “मैंने दहेज़ नहीं माँगा”…




