क्या सचमुच ‘मैं’ ‘वह’ नहीं हूँ , जो ‘मैं’ हूँ ?

शाम की गो-धूलि वेला में …. जब कर रही थी जुगलबंदी घर लौट रही गायों के गले में बंधी घंटियों की रुन-झुन मंदिरों की आरती में बज रही घंटियों के…

क्या सचमुच 'मैं' 'वह' नहीं हूँ , जो 'मैं' हूँ ?

शाम की गो-धूलि वेला में …. जब कर रही थी जुगलबंदी घर लौट रही गायों के गले में बंधी घंटियों की रुन-झुन मंदिरों की आरती में बज रही घंटियों के…

वह नन्हा पंछी

बूढ़े पेड़ के पास का पोखर सूखा था कल तक , रात के सन्नाटे में सुनकर पुकार दर्द से विव्हल पंछी की चाँद के आँसू बहे जब ओस बनकर सुबह…

Zid

Review :- ‘Zid’ is nothing like we have never seen before – it’s a story of how love, lust and obsession can drive someone to crime and insanity. Of course,…

Ungli

Review :- This story has its heart in the right place, mind all over the place, and finger on the wrong pulse. ‘Ungli’ is socially relevant, earnest in delivering a…

''छोटी-सी प्यारी-सी नन्ही-सी बिटिया''

रह-रह कर याद आती है वह छोटी-सी प्यारी-सी नन्ही-सी बिटिया बहुत, बार-बार…. मन-ही-मन मुसकराने वाली सारी दुनिया से न्यारी वह कोमल-सी छुटकी-सी फूलों-सी बिटिया. प्रश्न उठता है यह बार-बार क्यों…

”छोटी-सी प्यारी-सी नन्ही-सी बिटिया”

रह-रह कर याद आती है वह छोटी-सी प्यारी-सी नन्ही-सी बिटिया बहुत, बार-बार…. मन-ही-मन मुसकराने वाली सारी दुनिया से न्यारी वह कोमल-सी छुटकी-सी फूलों-सी बिटिया. प्रश्न उठता है यह बार-बार क्यों…

काशी की महिमा

काशी तो काशी है, काशी अविनाशी हैपंचकोशी काशी का अविमुक्त क्षेत्र ज्योतिर्लिंग स्वरूप स्वयं भगवान विश्वनाथ हैं। ब्रह्माजी ने भगवान की आज्ञा से ब्रह्माण्ड की रचना की। तब दयालु शिव…

Happy Ending

Review :- Happy Ending stylishly remixes Saif Ali Khan’s trademark avatar as a brat who won’t grow up. Saif plays Yudi, author in LA, high on sex and success. Yudi…

Titoo MBA

Review :- The movie opens with our male and female protagonists – Titoo and Gulshan (Dahiya and Jaiswal) – who are each sitting with their lawyer and discussing what we will…