द्रुपद और द्रोणाचार्य

द्रोणाचार्य से बदला क्यों लेना चाहते थे राजा द्रुपद, क्यों चाहते थे द्रोणाचार्य को मारने वाला पुत्र.. महाभारत में पृषत नाम के एक राजा भरद्वाज मुनि के मित्र थे। उनके…

भगवान का पेट कब भरता है…??

प्राचीनकाल में एक परम शिवभक्त राजा था। एक दिन उसके मन में इच्छा हुई कि सोमवार के दिन अपने आराध्य भगवान शिव का हौद (वह भाग जहां जलहरी सहित पिण्डी…

झूमता इंदौर – लहराते चाकू

भिया अपना इंदौर अभी नशे में मद मस्त हो रिया है…पुलिस और प्रशासन की मेहरबानी से नशे का कारोबार दिन दूनी रात चौगुनी तरीके से फल फूल रहा हैनशे के…

२०२३ की सबसे शानदार कविता

एक अकेला पार्थ खडा है भारत वर्ष बचाने को।सभी विपक्षी साथ खड़े हैं केवल उसे हराने को।।भ्रष्ट दुशासन सूर्पनखा ने माया जाल बिछाया है।भ्रष्टाचारी जितने कुनबे सबने हाथ मिलाया है।।समर…

प्रभु की प्राप्ति किसे होती है..?

एक राजा था। वह बहुत न्याय प्रिय तथा प्रजा वत्सल एवं धार्मिक स्वभाव का था। वह नित्य अपने ठाकुर जी की बडी श्रद्धा से पूजा-पाठ और याद करता था। एक…

कैसे भी जप करो….?

जब आप जप करते हैं तो आपका मन पूरे ब्रह्मांड में भटक रहा होता है।फिर भी जप करो! जब आप जप करते हैं तो आपका मन अतीत तथा भविष्य में…

मगरमच्छ के आसुंओ में डूब गई न्याय की उम्मीद

श्री बेलेश्वर महादेव झूलेलाल मंदिर बावड़ी हादसा हुवा तब हादसे में पीड़ितों को बचाने का जो भी प्रयास किया गया वो चींटी की चाल जैसा था। बचाव दल ,प्रशासन,नगर निगम…

“एक दौड़ १०० गॉंवों की ओर” कार्यक्रम की सिल्वर जुबली के उपलक्ष में दौड़ का कार्यक्रम

हमारे शहर इन्दौर में कई ऐसे लोग हैं जो अपने स्वास्थ्य को लेकर जागरूक हैं और प्रतिदिन उनकी भोर सुबह की दिनचर्या मार्निंग वॉक, मॉर्निंग रन या मॉर्निंग सायक्लिंग से…

रंग… अब बिदा भये

बासन्ती बयारों के संग आये रंग, फ़ागुण में छाए और जमकर बरसे अगले बरस फिर लौटकर आने का वादा कर छोड़ गए अपनी रंगत चौक-चौबारों, गली-मोहल्लों में छोड़ गए अपने…

माफ करना बाबा महांकाल..

हमें माफ कर देना बाबा महांकाल, हम आपकी चौखट तक तो आ सकते हैं, लेकिन आपके गरीब भक्तों के लिए गर्भगृह में प्रवेश संभव नहीं होगा। उज्जैन नगरी के राजा…