निष्काम कर्म का फल

एक गरीब विधवा के पुत्र ने एक बार अपने राजा को देखा। राजा को देख कर उसने अपनी माँ से पूछा- माँ! क्या कभी मैं राजा से बात कर पाऊँगा।…

इंदौर के इतिहास में पहली बार कांग्रेस प्रत्याशी ने चुनाव मैदान छोड़ा

कैसे हो गया इंदौर में ‘बम’ विस्फोट किसी को भनक नहीं लगी ! राम के नारों पर आपत्ति और कैलाश की सक्रियता कांग्रेस को ले डुबी ! लोकसभा सीट से…

मध्य प्रदेश में बना दुनिया का सबसे ऊंचा जैन मंदिर

मध्य प्रदेश के दमोह जिले के कुण्डलपुर में जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ का दुनिया का सबसे उंचे मंदिर का बन चुका है। कुण्डलपुर में बन रहे इस…

“मैं न होता, तो क्या होता?”

सुंदरकांड का एक प्रसंग अवश्य पढ़ें और अपने जीवन में ऊतारे…. ” मैं न होता, तो क्या होता ? “ना मैं श्रेष्ठ हूँ,ना ही मैं ख़ास हूँ,मैं तो बस छोटा…

सब मे राम

तुलसीदास जी जब “रामचरितमानस” लिख रहे थे, तो उन्होंने एक चौपाई लिखी : — सिय राम मय सब जग जानी।करहु प्रणाम जोरी जुग पानी।। अर्थात :- पूरे संसार में श्री…

मर्यादा लांघती राजनीतिक़ बयानबाजी

देश में लोकसभा चुनाव की तैयारियों के बीच राजनीतिक दलों में बयानों की आंधी सी चल रही हैं। ऐसे में सभी राजनीतिक दल अपने आपको आम जनता का हितैषी सिद्ध…

गारंटी या न्याय : क्या होगी जनता की पसंद

लोकसभा चुनाव की तैयारी के बीच सभी राजनीतिक दल अपने अस्तित्व को प्रभावी बनाने के उद्देश्य को लेकर बयानबाजी कर रहे हैं। इतना ही नहीं विपक्षी राजनीतिक दल केवल वर्तमान…

शिव धनुष (पिनाक) क्यों टूटा

क्या श्रीराम का पिनाक को भंग करना उचित था? माता सीता के स्वयंवर के विषय में हम सभी जानते हैं। इसी स्वयंवर में श्रीराम ने उस पिनाक को सहज ही…

राजनीति में बदल रहे नैतिकता के मायने

भारतीय राजनीति में ऐसे कई उदाहरण दिए जा सकते हैं, जो आज भी नैतिकता के आदर्श हैं। लेकिन आज की राजनीति को देखकर ऐसा लगने लगा है कि नैतिकता की…

कर्म भोग

अवश्यमेव भोक्तव्यंकृतं कर्म शुभाशुभम्। गीता में भगवान श्रीकृष्ण ने कहा है प्रत्येक जीव को अपने किये हुए अच्छे एवं बुरे कर्मों के फल को भोगना पड़ता है। एक गाँव में…